गौरव वल्लभ का राहुल गांधी पर तीखा हमला: 'मिलेनियल से रिजेक्टेड, अब GenZ से भी रिजेक्टेड'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने 1 अगस्त 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि वे मिलेनियल पीढ़ी से तो पहले ही नकारे जा चुके थे, अब जेन-जी और जेन-अल्फा भी उन्हें स्वीकार नहीं कर रही। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वायरल वीडियो — जिसमें उन्होंने कहा था, 'मैं बच्चों को माफ करना चाहता हूँ, बचपन में गलतियाँ हो जाती हैं' — पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के जवाब में आया।
मुख्य बयान और आरोप
वल्लभ ने कहा कि राहुल गांधी प्रतिदिन राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन करते हैं और देश को लज्जित करते हैं। उन्होंने राहुल से सीधा सवाल किया कि 2018 से 2023 के बीच राजस्थान में 19 प्रमुख परीक्षाओं के पेपर लीक हुए — क्या वे एक भी प्रभावित छात्र के घर गए? उन्होंने आरोप लगाया कि इसके विपरीत तत्कालीन शिक्षा मंत्री को पदोन्नत कर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बना दिया गया।
संसद परिसर में 'नाटक' पर निशाना
वल्लभ ने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर संसद में सार्थक चर्चा की अपेक्षा थी, लेकिन राहुल गांधी संसद परिसर में 'मोनो एक्टिंग और फैंसी ड्रेस कार्यक्रम' चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस 'नाटक' पर खर्च होने वाला समय और उससे जुड़ा टीए-डीए करदाताओं के पैसे से आता है, जबकि राहुल गांधी की दैनिक सुरक्षा और सुविधाओं का खर्च भी टैक्सपेयर्स ही उठाते हैं।
पप्पू यादव के भगवा वस्त्र प्रकरण पर प्रतिक्रिया
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा संसद परिसर में भगवा वस्त्र पहनने पर विपक्ष की सराहना को लेकर वल्लभ ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि गेरुआ वस्त्र फैंसी ड्रेस के लिए नहीं है और जिस व्यक्ति ने यह वस्त्र पहना, उसके खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का वहाँ ताली बजाना सनातनी परंपराओं का अपमान है। वल्लभ ने कहा कि 'भगवान श्रीराम को नीचा दिखाने' के इस कृत्य की सजा अवश्य मिलेगी।
युवा पीढ़ी और राजनीतिक प्रासंगिकता
वल्लभ ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी मिलेनियल, जेन-जी, जेन-अल्फा और जेन-बीटा — सभी पीढ़ियों से नकारे जा रहे हैं, क्योंकि युवा पीढ़ी योग्यता में विश्वास रखती है। उन्होंने यह भी कहा कि कई संवेदनशील विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद के मानसून सत्र में पेपर लीक और परीक्षा सुधार पर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक जारी है।