राहुल गांधी ने राजनीतिक मर्यादा तोड़ी, कांग्रेस 42 सीटों से नीचे जाएगी: BJP नेता गौरव वल्लभ
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता गौरव वल्लभ ने 14 अगस्त को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि उन्होंने देश की राजनीतिक मर्यादा की समस्त सीमाएं लांघ दी हैं। यह प्रतिक्रिया कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा के संसद में किए गए विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में आई, जिसे वल्लभ ने 'नकली बंदरों का ड्रामा' करार दिया।
मुख्य आरोप और बयान
गौरव वल्लभ ने कहा, 'कुछ बदमाश नकली बंदरों को लेकर ड्रामा कर रहे हैं। वे इस मुकाम पर इसलिए पहुंचे हैं क्योंकि उनकी परवरिश ऐसी हुई है। लेकिन, वे यह नहीं समझते कि लोकतंत्र में ऐसे लोगों या नकली बंदरों के लिए कोई जगह नहीं है।' उन्होंने आगे कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर है और वहाँ इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल करने वालों को देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
राहुल गांधी पर सीधा निशाना
BJP नेता ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने देश की निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए अत्यंत आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। वल्लभ ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी इस तरह के अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेंगी। उन्होंने प्रियंका गांधी के 'जो लड़की हूं, लड़ सकती हूं' नारे का हवाला देते हुए कहा कि वे इस अपमान पर चुप नहीं रह सकतीं।
चुनावी भविष्यवाणी और चेतावनी
वल्लभ ने दावा किया कि राहुल गांधी के इस 'अक्षम्य' आचरण का खामियाजा कांग्रेस को आने वाले चुनाव में भुगतना पड़ेगा और पार्टी 42 सीटों से भी नीचे चली जाएगी। उन्होंने कहा कि देश की जनता भाषाई संयम को पसंद करती है और इस तरह की भाषा से यह स्पष्ट हो गया है कि राहुल गांधी देश की मातृशक्ति के प्रति क्या सोच रखते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर विवादास्पद टिप्पणी
BJP नेता गौरव वल्लभ ने यह भी कहा कि राहुल गांधी 'गंभीर मानसिक बीमारी और बहुत ज्यादा फ्रस्ट्रेशन' से जूझ रहे हैं और उन्हें 'तुरंत किसी मनोचिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।' यह टिप्पणी राजनीतिक रूप से अत्यंत विवादास्पद मानी जा रही है।
संसदीय कार्यवाही पर सवाल
वल्लभ ने गृह मंत्री अमित शाह का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने लिखित रूप से कहा था कि वे दोपहर 3 बजे तक संसद में रहेंगे और सभी सवालों के जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि संसद के कामकाज में रुकावट किसने डाली और संसद से कौन भागा। यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब संसद का मानसून सत्र पहले से ही विपक्षी विरोध प्रदर्शनों के कारण बाधित चल रहा है।