राहुल गांधी की 'चयनात्मक आलोचना' पर BJP का वार: झारखंड लाठीचार्ज और वंदे मातरम विवाद पर गौरव वल्लभ का हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता गौरव वल्लभ ने 16 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल पर चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि दिल्ली में इसी मुद्दे पर सवाल उठाते हैं। वल्लभ ने इसे 'चयनात्मक आलोचना की राजनीति' करार दिया और हेमंत सोरेन सरकार से तत्काल समर्थन वापस लेने की माँग की।
झारखंड लाठीचार्ज पर दोहरे मानदंड का आरोप
गौरव वल्लभ ने कहा, 'राहुल गांधी चयनात्मक आलोचना की राजनीति के शिकार हैं। एक ही बात उनके लिए दिल्ली में गलत है और रांची में सही। दिल्ली में वह सवाल पूछते हैं कि आंसू गैस के गोले किसने छोड़े, लेकिन रांची में राहुल गांधी जिस सरकार का हिस्सा हैं, वहाँ पर आंसू गैस के गोले चलाए जा रहे हैं। छात्रों पर डंडे बरसाए जा रहे हैं।'
उन्होंने सीधा सवाल दागा कि राहुल गांधी झारखंड सरकार से समर्थन क्यों नहीं वापस लेते और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को तुरंत राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करने की नसीहत दी। वल्लभ का कहना था कि सोरेन सरकार के पास बहुमत नहीं है, इसलिए यह कदम उठाया जाना चाहिए।
राहुल गांधी की राजनीति पर सीधा प्रहार
BJP नेता ने कहा, 'राहुल गांधी जो राजनीतिक ड्रामेबाजी दिल्ली में करते हैं, उसे रांची में क्यों नहीं करते? वे सोरेन का इस्तीफा क्यों नहीं माँगते?' उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की राजनीति सिर्फ छात्रों के कंधों पर चढ़कर सत्ता हासिल करने की है। वल्लभ ने कहा कि यह पीढ़ी योग्यता को प्रणाम करती है और 'नेपो किड्स' से घृणा करती है, इसलिए राहुल गांधी की यह रणनीति काम नहीं आएगी।
वंदे मातरम विवाद: सोनिया गांधी से माफी की माँग
गौरव वल्लभ ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के एक कार्यक्रम में वंदे मातरम के कथित अपमान को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'बंकिमचंद्र चटर्जी के राष्ट्रीय गीत का अपमान करने का लगातार पाप कांग्रेस ने किया है। वे सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति करना चाहते थे।'
उन्होंने सवाल उठाया कि जो गीत हर देशवासी के मन में राष्ट्रप्रेम जागृत करता है, उसे कांग्रेस ने 65 वर्षों तक क्यों नकारा। वल्लभ ने यह भी पूछा कि उस कार्यक्रम में मौजूद लोकसभा और राज्यसभा के विपक्ष के नेताओं ने उस समय हस्तक्षेप क्यों नहीं किया। उन्होंने सोनिया गांधी से सार्वजनिक माफी माँगने की माँग की।
तुष्टिकरण बनाम सुशासन की बहस
वल्लभ ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति आज भी तुष्टिकरण पर टिकी है, जबकि देश सुशासन, प्रदर्शन और 'डबल इंजन' सरकार को अपना चुका है। उन्होंने कहा कि भारत 2047 के विकसित राष्ट्र के संकल्प की ओर बढ़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में छात्र आंदोलन और विपक्ष की भूमिका राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गई है।