20 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पाकिस्तान अस्पताल अग्निकांड: 14 नवजातों की मौत ने उजागर की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पाकिस्तान अस्पताल अग्निकांड: 14 नवजातों की मौत ने उजागर की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली

सारांश

पाकिस्तान के सरकारी अस्पताल की नियोनेटल यूनिट में AC खराबी से लगी आग ने 14 नवजातों की जान ली — और एक देश की वह हकीकत उजागर की जो परमाणु ताकत का दावा करता है, लेकिन स्वास्थ्य पर जीडीपी का 1% से भी कम खर्च करता है और HDI में 168वें स्थान पर है।

मुख्य बातें

26 अगस्त को पाकिस्तान के एक सरकारी अस्पताल की नियोनेटल यूनिट में एयर कंडीशनिंग खराबी से आग लगी, जिसमें 14 नवजात शिशुओं की मौत हो गई।
15 में से केवल 1 शिशु जीवित बचा; घटना के बाद एक वरिष्ठ सिविल अधिकारी को पद से हटाया गया।
पाकिस्तान की HDI रैंकिंग 2016 की 147वीं से गिरकर 2026 में 168वीं हो गई — 'निम्न मानव विकास' श्रेणी में।
जून 2026 तक पाकिस्तान का बाहरी कर्ज़ 138.8 अरब डॉलर ; जीडीपी का 7% कर्ज़ चुकाने में, स्वास्थ्य पर 1% से कम खर्च।
केवल लगभग 4% आबादी कर देती है; एक-तिहाई से अधिक लोग अत्यधिक गरीबी में।
पत्रकार फरहान बोखारी ने चेताया — व्यापक सुधारों के बिना ऐसी त्रासदियाँ दोहराई जाती रहेंगी।

पाकिस्तान के एक प्रमुख सरकारी अस्पताल की नवजात शिशु इकाई (नियोनेटल यूनिट) में 26 अगस्त को लगी भीषण आग में 14 नवजात शिशुओं की मौत ने देश की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। इस त्रासदी को पाकिस्तान की आर्थिक कमज़ोरियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा का प्रतीक बताया जा रहा है। हादसे में 15 में से केवल एक शिशु जीवित बच सका।

हादसे का घटनाक्रम

26 अगस्त को अस्पताल की नियोनेटल यूनिट में एयर कंडीशनिंग सिस्टम में खराबी के कारण आग भड़क उठी। आग तेज़ी से उस वार्ड में फैल गई जहाँ 15 नवजात शिशु इनक्यूबेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट पर ज़िंदगी की लड़ाई लड़ रहे थे। इनमें से 14 की मौत हो गई और केवल एक शिशु बच सका। हादसे के बाद सरकार ने इस्लामाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं की देखरेख करने वाले एक वरिष्ठ सिविल अधिकारी को पद से हटा दिया।

वैश्विक छवि और ज़मीनी हकीकत का विरोधाभास

इस्लामाबाद स्थित विदेश मामलों के पत्रकार फरहान बोखारी ने निक्केई एशिया में प्रकाशित अपने विश्लेषण में इस घटना को पाकिस्तान की वैश्विक छवि और वास्तविकता के बीच की गहरी खाई का प्रमाण बताया है। उन्होंने लिखा कि पाकिस्तान खुद को इस्लामी दुनिया के एकमात्र परमाणु संपन्न देश और अंतरराष्ट्रीय विवादों में मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत करता है, लेकिन आर्थिक संकट के कारण स्वास्थ्य, शिक्षा और आपातकालीन सेवाएँ गंभीर रूप से प्रभावित हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान का बाहरी कर्ज़ जून 2026 तक 138.8 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है। गौरतलब है कि पिछले वित्त वर्ष में देश ने अपनी जीडीपी का लगभग 7 प्रतिशत कर्ज़ चुकाने में खर्च किया, जबकि स्वास्थ्य क्षेत्र पर 1 प्रतिशत से भी कम व्यय किया गया।

मानव विकास सूचकांक में लगातार गिरावट

बोखारी के लेख में संयुक्त राष्ट्र के मानव विकास सूचकांक (HDI) का हवाला देते हुए बताया गया है कि 2026 में पाकिस्तान 168वें स्थान पर आ गया, जो 2016 की 147वीं रैंकिंग से काफ़ी नीचे है। इस गिरावट के साथ पाकिस्तान 'निम्न मानव विकास' श्रेणी में शामिल हो गया है। लेख में यह भी रेखांकित किया गया है कि पाकिस्तान मोटरवे जैसी बड़ी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं पर निवेश जारी रखे हुए है, लेकिन स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों की दशकों से उपेक्षा की जा रही है।

वर्गीय असमानता और कर संकट

बोखारी के अनुसार, इस हादसे ने पाकिस्तान में वर्गीय असमानता को भी उजागर किया है — संपन्न वर्ग बेहतर निजी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाता है, जबकि आम लोग संसाधन-विहीन सरकारी अस्पतालों पर निर्भर हैं। देश में केवल लगभग 4 प्रतिशत आबादी ही कर अदा करती है और एक-तिहाई से अधिक लोग अत्यधिक गरीबी में जीवन बिता रहे हैं। रक्षा बजट पर भारी खर्च बनाए रखते हुए सामाजिक क्षेत्रों की अनदेखी एक संरचनात्मक समस्या बन चुकी है।

आगे क्या होगा

बोखारी ने चेताया है कि यदि व्यापक नीतिगत सुधार नहीं किए गए तो भविष्य में भी इस तरह की त्रासदियाँ दोहराई जा सकती हैं। यह घटना पहली नहीं है — पाकिस्तान के सरकारी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे की विफलता की घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं। अब सवाल यह है कि क्या इस बार की राजनीतिक प्रतिक्रिया महज़ कार्रवाई के दिखावे तक सीमित रहेगी या वास्तविक सुधार की राह खुलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन स्वास्थ्य पर जीडीपी का 1% से भी कम लगाता है। HDI में दस वर्षों में 21 पायदान की गिरावट बताती है कि यह एकल घटना नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक संरचनात्मक विफलता है। एक अधिकारी को हटाना राजनीतिक प्रतिक्रिया की परिचित लिपि है — असली जवाबदेही तब होगी जब स्वास्थ्य बजट, अग्नि सुरक्षा मानक और सार्वजनिक अस्पतालों की जवाबदेही की जाँच हो। तब तक, यह कार्रवाई अगली त्रासदी तक की राहत-भर है।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाकिस्तान के अस्पताल में 14 नवजातों की मौत कैसे हुई?
26 अगस्त को पाकिस्तान के एक प्रमुख सरकारी अस्पताल की नियोनेटल यूनिट में एयर कंडीशनिंग सिस्टम में खराबी के कारण आग लग गई। वार्ड में इनक्यूबेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखे 15 में से 14 नवजात शिशुओं की इस हादसे में मौत हो गई।
पाकिस्तान की स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी कमज़ोर क्यों है?
पाकिस्तान अपनी जीडीपी का 1 प्रतिशत से भी कम स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च करता है, जबकि कर्ज़ अदायगी पर लगभग 7 प्रतिशत व्यय होता है। बाहरी कर्ज़ जून 2026 तक 138.8 अरब डॉलर था और देश में केवल लगभग 4 प्रतिशत आबादी ही कर देती है, जिससे सार्वजनिक सेवाओं के लिए संसाधन बेहद सीमित हैं।
पाकिस्तान की HDI रैंकिंग 2026 में क्या है?
संयुक्त राष्ट्र के मानव विकास सूचकांक (HDI) के अनुसार 2026 में पाकिस्तान 168वें स्थान पर है, जो 2016 की 147वीं रैंकिंग से काफ़ी नीचे है। इस गिरावट के साथ पाकिस्तान 'निम्न मानव विकास' श्रेणी में आ गया है।
इस हादसे के बाद पाकिस्तान सरकार ने क्या कदम उठाए?
हादसे के बाद पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं की ज़िम्मेदारी संभाल रहे एक वरिष्ठ सिविल अधिकारी को पद से हटा दिया। हालाँकि आलोचकों का कहना है कि यह कदम व्यापक सुधारों की जगह नहीं ले सकता।
पाकिस्तान में वर्गीय असमानता और स्वास्थ्य सेवाओं का क्या संबंध है?
पत्रकार फरहान बोखारी के विश्लेषण के अनुसार, पाकिस्तान में संपन्न वर्ग बेहतर निजी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाता है, जबकि आम नागरिक संसाधन-विहीन सरकारी अस्पतालों पर निर्भर हैं। एक-तिहाई से अधिक आबादी अत्यधिक गरीबी में जीवन बिता रही है, जो इस असमानता को और गहरा करती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले