अमरावती अस्पताल अग्निकांड: CM फडणवीस ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश, मृतक परिवारों को ₹5 लाख मुआवज़ा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अमरावती के जिला महिला अस्पताल की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में लगी भीषण आग में तीन नवजात शिशुओं की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश स्वास्थ्य प्रशासन को दिए हैं और प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इस हादसे में 36 बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री फडणवीस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'अमरावती के जिला महिला अस्पताल में कल रात लगी आग में तीन बच्चों की मौत की घटना बेहद दुखद और हृदयविदारक है। हम उनके परिवारों के दुख में शामिल हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव दोनों को उसी दिन अमरावती का दौरा करने के निर्देश दिए। घायल बच्चों का इलाज सरकारी खर्च पर कराने के आदेश अमरावती जिलाधिकारी को दिए गए हैं।
उपमुख्यमंत्री की संवेदनाएं
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने भी एक्स पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा, 'अमरावती के जिला महिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में तड़के लगी आग में नवजात शिशुओं की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की घटना बेहद पीड़ादायक है।' उन्होंने घायल बच्चों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा ने घटनास्थल का दौरा किया और अस्पताल की अग्नि-सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'स्प्रिंकलर तुरंत चालू होना चाहिए था। वेंटिलेटर विस्फोट कैसे हुआ?' राणा ने जोड़ा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा और सरकार से अतिरिक्त मुआवज़े की माँग की जाएगी।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के सरकारी अस्पतालों में अग्नि-सुरक्षा मानकों की अनुपालना को लेकर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में अस्पताल अग्निकांड की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें नवजात शिशु सबसे अधिक असुरक्षित रहे हैं।
आगे की कार्रवाई
राज्य सरकार की उच्चस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के बाद अस्पताल की अग्नि-सुरक्षा ऑडिट और NICU के बुनियादी ढांचे की समीक्षा भी अपेक्षित है। पीड़ित परिवारों को मुआवज़े की राशि जिलाधिकारी के माध्यम से जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।