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ढाका के अद-दीन अस्पताल में एसी गैस लीक से 6 नवजातों की मौत, सीआईडी जांच शुरू

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ढाका के अद-दीन अस्पताल में एसी गैस लीक से 6 नवजातों की मौत, सीआईडी जांच शुरू

सारांश

ढाका के अद-दीन अस्पताल में एसी सिस्टम से गैस रिसाव ने 6 नवजातों की जान ले ली। परिजनों ने रात में डॉक्टरों की अनुपस्थिति का आरोप लगाया। सीआईडी जांच जारी है — और यह हादसा बांग्लादेश की लड़खड़ाती स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

ढाका के मोघबाजार स्थित अद-दीन अस्पताल में मंगलवार देर रात एसी गैस लीक से 6 नवजात शिशुओं की मौत हुई।
वार्ड में कुल 11 महिलाएं और उनके नवजात भर्ती थे; कुछ बच्चों को एनआईसीयू में ले जाकर वापस वार्ड में शिफ्ट किया गया था।
डीएमपी आयुक्त के अनुसार एसी बंद और दोबारा चालू किए जाने के दौरान स्थिति बिगड़ी।
परिजनों ने रात में पर्याप्त डॉक्टर-नर्स की अनुपस्थिति और समय पर इलाज न मिलने का आरोप लगाया।
सीआईडी की टीम मौके पर जांच कर रही है; रामना डिवीजन के डिप्टी पुलिस कमिश्नर शेख जाहिदुल इस्लाम ने हादसे की पुष्टि की।
बांग्लादेश में 15 मार्च 2026 से 26 मई 2026 तक खसरे से जुड़ी बच्चों की मौतें 555 तक पहुंच चुकी हैं।

बांग्लादेश की राजधानी ढाका के मोघबाजार स्थित अद-दीन अस्पताल में मंगलवार देर रात एयर कंडीशनिंग सिस्टम से गैस रिसाव होने के कारण एक वार्ड में भर्ती 6 नवजात शिशुओं की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस दुखद हादसे की पुष्टि रामना डिवीजन के डिप्टी पुलिस कमिश्नर शेख जाहिदुल इस्लाम ने की और बताया कि जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

हादसे का घटनाक्रम

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अस्पताल के संबंधित वार्ड में एसी सिस्टम में तकनीकी खराबी आने के बाद गैस रिसाव हुआ। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) आयुक्त ने बताया कि शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आया है कि एसी को बंद कर दोबारा चालू किए जाने के दौरान स्थिति बिगड़ी, जिसके बाद कई नवजातों की हालत गंभीर हो गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उस वार्ड में कुल 11 महिलाएं और उनके नवजात शिशु भर्ती थे।

शुरुआत में जब कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ी, तो उन्हें एनआईसीयू (NICU) में स्थानांतरित किया गया। बाद में उन्हें वापस वार्ड में शिफ्ट किया गया — और इसी दौरान स्थिति और गंभीर हो गई।

परिजनों के आरोप

मृतक नवजातों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रात के समय वार्ड में पर्याप्त डॉक्टर और नर्स मौजूद नहीं थे और बच्चों को समय पर ज़रूरी चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। एक मृतक नवजात की परिजन ने बताया कि उन्हें सूचित किया गया था कि बच्ची आईसीयू में है, परंतु घंटों प्रतीक्षा के बाद पता चला कि उसकी मृत्यु हो चुकी है।

जांच की स्थिति

फिलहाल क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, गैस रिसाव के सटीक कारण और अस्पताल प्रबंधन की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।

बांग्लादेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब बांग्लादेश की स्वास्थ्य सेवाएं पहले से ही गंभीर दबाव में हैं। खसरे और उससे मिलते-जुलते लक्षणों के कारण बच्चों की मौत का सिलसिला थमा नहीं है — स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशालय (डीजीएचएस) के आंकड़ों के अनुसार, 15 मार्च 2026 से 26 मई 2026 की सुबह 8 बजे तक इससे जुड़ी कुल मौतों की संख्या 555 हो चुकी है। यूनिसेफ भी बांग्लादेश में बच्चों की बढ़ती मृत्यु दर पर चिंता व्यक्त करता रहा है।

गौरतलब है कि यह कोई पहली बार नहीं है जब बांग्लादेश के किसी अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की कमी के चलते मरीजों की जान खतरे में पड़ी हो। विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में तकनीकी रखरखाव और रात्रि-कालीन चिकित्सा स्टाफ की उपलब्धता को लेकर नीतिगत सुधार की सख्त ज़रूरत है।

सीआईडी की जांच रिपोर्ट और अस्पताल प्रशासन के विरुद्ध संभावित कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक ऐसी व्यवस्था की विफलता है जहाँ रात में वार्ड में न पर्याप्त स्टाफ था, न समय पर प्रतिक्रिया। बांग्लादेश में खसरे से 555 बच्चों की मौत और अब यह हादसा — दोनों मिलकर एक ऐसी स्वास्थ्य प्रणाली की तस्वीर खींचते हैं जो बुनियादी जवाबदेही के मोर्चे पर बार-बार चूकती है। सीआईडी जांच ज़रूरी है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इस जांच के नतीजे किसी ठोस नीतिगत बदलाव में तब्दील होंगे — या यह भी पिछले हादसों की तरह फाइलों में दब जाएगी।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ढाका के अद-दीन अस्पताल में क्या हुआ?
मंगलवार देर रात अस्पताल के एक वार्ड में एयर कंडीशनिंग सिस्टम से गैस रिसाव हुआ, जिससे 6 नवजात शिशुओं की मौत हो गई। वार्ड में कुल 11 महिलाएं और उनके नवजात भर्ती थे।
इस हादसे की जांच कौन कर रहा है?
क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) की टीम मौके पर जांच कर रही है। रामना डिवीजन के डिप्टी पुलिस कमिश्नर शेख जाहिदुल इस्लाम ने पुष्टि की है कि जांच शुरू हो चुकी है।
परिजनों ने अस्पताल पर क्या आरोप लगाए हैं?
परिजनों का आरोप है कि रात में वार्ड में पर्याप्त डॉक्टर और नर्स मौजूद नहीं थे और बच्चों को समय पर ज़रूरी चिकित्सा नहीं मिल सकी। एक परिजन ने बताया कि उन्हें घंटों बाद पता चला कि उनके बच्चे की मृत्यु हो चुकी है।
बांग्लादेश में बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति कैसी है?
बांग्लादेश में स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर दबाव में है। डीजीएचएस के आंकड़ों के अनुसार, 15 मार्च 2026 से 26 मई 2026 तक खसरे और उससे मिलते-जुलते लक्षणों से बच्चों की कुल मौतें 555 हो चुकी हैं। यूनिसेफ भी इस पर चिंता जता चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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