मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल के ICU में भीषण आग, 3 मरीजों की मौत; शॉर्ट सर्किट की आशंका
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में मंगलवार देर रात लगी भीषण आग में तीन मरीजों की मौत हो गई। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने मृतकों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जाँच के आदेश दे दिए गए हैं। ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में स्थित उत्तर बिहार के इस प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में आग लगने के बाद मरीजों और परिजनों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
कैसे भड़की आग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत अस्पताल के आईसीयू वार्ड में कथित तौर पर शॉर्ट सर्किट से हुई और देखते ही देखते उसने विकराल रूप धारण कर लिया। पूरे आईसीयू में घना धुआँ भर गया, जिससे वहाँ भर्ती गंभीर मरीजों की स्थिति और चिंताजनक हो गई। अधिकारियों के अनुसार, धुएँ से दम घुटने के कारण ही कई मरीज प्रभावित हुए।
बचाव अभियान और राहत कार्य
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दर्जनों गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान सैकड़ों एंबुलेंस मरीजों को आसपास के अस्पतालों तक पहुँचाने में जुटी रहीं, और कई गंभीर मरीजों को तत्काल अन्यत्र रेफर किया गया। अग्निशमन विभाग के अधिकारी राम निवास पांडेय ने बताया कि स्थिति का आकलन किया जा रहा है और मृतकों की संख्या के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
परिजनों का आरोप, प्रबंधन का जवाब
घटनास्थल पर देर रात तक चीख-पुकार और भय का माहौल रहा। कई परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया, जिसके कारण यह हादसा इतना बड़ा रूप ले गया। दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन ने बयान जारी कर कहा है कि वह प्रशासन के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और हादसे के कारणों की जाँच कराई जा रही है।
निजी अस्पतालों की अग्नि सुरक्षा पर सवाल
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आईसीयू वार्ड में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की कमी आग के तेजी से फैलने का एक संभावित कारण हो सकती है, हालाँकि किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रसाद हॉस्पिटल उत्तर बिहार के प्रमुख निजी अस्पतालों में गिना जाता है, जहाँ बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुँचते हैं — ऐसे में इस हादसे ने निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन प्रबंधन और मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या होगा आगे
फिलहाल पुलिस, जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं और मलबे की जाँच के साथ-साथ बचाव कार्य जारी है। अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि देर रात तक कुछ मरीजों की स्थिति और उनके बारे में जानकारी स्पष्ट नहीं हो पाई थी। जिला प्रशासन ने घटना की गहन जाँच के आदेश दिए हैं, जिसकी रिपोर्ट के बाद अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई तय की जा सकती है।