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मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल के ICU में भीषण आग, 4 मरीजों की मौत; CM सम्राट ने ₹4-4 लाख मुआवज़े का ऐलान

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मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल के ICU में भीषण आग, 4 मरीजों की मौत; CM सम्राट ने ₹4-4 लाख मुआवज़े का ऐलान

सारांश

मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल के ICU में तड़के लगी आग ने चार मरीजों की जान ले ली। शॉर्ट सर्किट को प्रारंभिक वजह बताया जा रहा है। CM सम्राट चौधरी ने ₹4-4 लाख मुआवज़े का ऐलान किया, जबकि घटना ने निजी अस्पतालों के अग्नि-सुरक्षा मानकों पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य बातें

मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल के ICU में 4 जून तड़के लगी आग में 4 मरीजों की मौत।
एसएसपी कान्तेश मिश्रा के अनुसार घटना 3:30–3:45 बजे के बीच हुई; कारण कथित तौर पर शॉर्ट सर्किट ।
CM सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया।
भर्ती 12–13 मरीजों को पास के अस्पतालों में शिफ्ट किया गया; एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल।
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने पुष्टि की कि बचाव अभियान चलाकर मरीजों को सुरक्षित निकाला गया।

बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद अस्पताल के आईसीयू में 4 जून की तड़के लगी भीषण आग में चार मरीजों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। प्रारंभिक जाँच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, और भर्ती 12–13 मरीजों को आसपास के अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि आईसीयू में आग लगते ही भारी मात्रा में धुआँ फैल गया, जिससे बचाव कार्य कठिन हो गया। उन्होंने बताया कि कई मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आईसीयू यूनिट के इंचार्ज को भी अन्य मरीजों के साथ गंभीर चोटें आई हैं।

पुलिस की पुष्टि

एसएसपी कान्तेश मिश्रा ने बताया कि घटना तड़के लगभग 3:30 से 3:45 बजे के बीच हुई। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर शॉर्ट सर्किट से लगी आग पर तुरंत काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक धुएँ ने आईसीयू को अपनी चपेट में ले लिया था। एसएसपी के अनुसार, घायल व्यक्ति का इलाज जारी है और मृतकों की संख्या को लेकर अंतिम पुष्टि की जा रही है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि ‘मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से चार व्यक्तियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद है। शोक-संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं।’ उन्होंने मृतकों के परिजनों को तत्काल ₹4-4 लाख का अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और घायलों के उपचार के लिए सदर अस्पतालों में समुचित व्यवस्था की गई है।

चश्मदीदों का बयान

घटनास्थल पर मौजूद एक व्यक्ति ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि रात करीब 3 बजे अस्पताल का आईसीयू पूरी तरह धुएँ से भर चुका था और स्थिति संभालने के लिए कोई जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं था। उसने आरोप लगाया कि वहाँ तैनात सुरक्षाकर्मी भाग खड़े हुए। चश्मदीद के अनुसार, धुएँ की तीव्रता इतनी अधिक थी कि रुमाल बाँधकर भीतर जाने पर भी साँस लेना मुश्किल हो रहा था।

क्या होगा आगे

आईसीयू और सीसीयू में भर्ती बाकी मरीजों को पास के अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया है, और अग्निकांड की विस्तृत जाँच की बात कही गई है। यह घटना निजी अस्पतालों में अग्नि-सुरक्षा मानकों, विद्युत ऑडिट और आपातकालीन निकासी प्रोटोकॉल को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन की प्राथमिकता अभी घायलों के उपचार और मृतकों के परिजनों तक मुआवज़ा पहुँचाने पर केंद्रित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

संस्थागत तैयारी की गहरी कमी की ओर इशारा करते हैं। मुआवज़े की त्वरित घोषणा ज़रूरी है, लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या राज्य सरकार सभी पंजीकृत निजी अस्पतालों का स्वतंत्र विद्युत और अग्नि-सुरक्षा ऑडिट कराएगी। बिना संरचनात्मक जवाबदेही के, ऐसे हादसे दोहराए जाते रहेंगे।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में आग कब और कैसे लगी?
प्रसाद अस्पताल के आईसीयू में 4 जून की तड़के लगभग 3:30 से 3:45 बजे के बीच भीषण आग लगी। एसएसपी कान्तेश मिश्रा के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हैं?
अब तक चार मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। आईसीयू और सीसीयू में भर्ती 12–13 अन्य मरीजों को इलाज के लिए पास के अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीड़ितों के लिए क्या घोषणा की है?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को तत्काल ₹4-4 लाख का अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय प्रशासन मुस्तैद है और घायलों के उपचार के लिए सदर अस्पतालों में समुचित व्यवस्था की गई है।
घटना के समय अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी?
घटनास्थल पर मौजूद एक चश्मदीद के अनुसार, रात करीब 3 बजे आईसीयू पूरी तरह धुएँ से भर गया था और स्थिति संभालने के लिए कोई जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं था। उसने यह भी आरोप लगाया कि तैनात सुरक्षाकर्मी मौके से भाग खड़े हुए।
आगे क्या कार्रवाई की जा रही है?
जिला प्रशासन ने घायलों के इलाज और बाकी मरीजों की शिफ्टिंग सुनिश्चित की है, और हादसे की विस्तृत जाँच कराई जा रही है। यह घटना निजी अस्पतालों में अग्नि-सुरक्षा मानकों और विद्युत ऑडिट को लेकर नए सिरे से सवाल खड़े कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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