29 अगस्त 2026
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बरेली के नवोदय अस्पताल में आग: 100 मरीज सुरक्षित निकाले, शॉर्ट सर्किट से भड़की लपटें

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बरेली के नवोदय अस्पताल में आग: 100 मरीज सुरक्षित निकाले, शॉर्ट सर्किट से भड़की लपटें

सारांश

बरेली के पाँच मंजिला नवोदय अस्पताल में सुबह 10 बजे शॉर्ट सर्किट से आग भड़की, पूरी इमारत में धुआं फैला। करीब 100 मरीजों को 30 मिनट में सुरक्षित निकाला गया — जनहानि नहीं। अमरावती के अस्पताल अग्निकांड के अगले ही दिन यह घटना अस्पताल अग्नि सुरक्षा पर सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

बरेली के नवोदय अस्पताल की सबसे ऊपरी मंजिल में 29 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे आग लगी।
आईसीयू व अन्य वार्डों में मौजूद करीब 100 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल कर नज़दीकी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया।
फायर ब्रिगेड और पुलिस ने करीब 30 मिनट में आग पर काबू पाया; कोई जनहानि नहीं हुई।
आग की संभावित वजह एमसीवी बॉक्स में शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है; सटीक कारण के लिए जाँच जारी।
एक दिन पहले अमरावती के जिला महिला अस्पताल के एनआईसीयू में आग से तीन नवजातों की मौत हुई थी।

उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित नवोदय अस्पताल में 29 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे भीषण आग लग गई, जिससे पाँच मंजिला इमारत में घना धुआं फैल गया। आईसीयू और अन्य वार्डों में मौजूद करीब 100 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल कर नज़दीकी अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया। अधिकारियों के अनुसार इस घटना में किसी की जान नहीं गई।

घटनाक्रम: कैसे लगी आग

कर्मचारी नगर स्थित इस अस्पताल की सबसे ऊपरी मंजिल के एक कमरे में आग भड़की। उस वक्त ओपीडी का समय था और अस्पताल में मरीजों व उनके तीमारदारों की भारी भीड़ थी। अधिकारियों ने बताया कि आग की संभावित वजह एमसीवी बॉक्स में शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, हालाँकि सटीक कारण जानने के लिए जाँच जारी है।

बचाव अभियान और राहत कार्य

हर मंजिल पर फायर अलार्म बजते ही मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं और बचाव कार्य शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि करीब 30 मिनट में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

मरीजों को अन्य अस्पतालों में किया शिफ्ट

एहतियात के तौर पर अस्पताल प्रशासन ने तत्काल एम्बुलेंस का इंतज़ाम किया और सभी भर्ती मरीजों को आसपास के अस्पतालों में भेज दिया गया। गनीमत रही कि आग पर समय रहते काबू पा लिए जाने और त्वरित निकासी के चलते कोई जनहानि नहीं हुई।

व्यापक संदर्भ: अस्पताल अग्निकांडों की बढ़ती चिंता

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश में अस्पतालों में आग की घटनाओं को लेकर चिंता गहरा रही है। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले महाराष्ट्र के अमरावती में जिला महिला अस्पताल के नवजात शिशु कक्ष (एनआईसीयू) में आग लगने से तीन नवजातों की मौत हो गई थी और छह अन्य का स्थानीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज जारी है। बरेली की घटना में जनहानि न होना राहत की बात है, लेकिन यह अस्पताल भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

अधिकारियों ने बताया कि आग किस तरह सबसे ऊपरी मंजिल तक पहुँची, इसकी विस्तृत जाँच की जा रही है। आगे की कार्रवाई जाँच रिपोर्ट आने के बाद तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह घटना महज़ एक स्थानीय हादसा नहीं है — यह अमरावती के एनआईसीयू अग्निकांड के ठीक अगले दिन हुई, जहाँ तीन नवजातों की जान गई। दो दिनों में दो राज्यों के अस्पतालों में आग — यह संयोग नहीं, बल्कि अस्पताल भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों की व्यवस्थागत अनदेखी का संकेत है। शॉर्ट सर्किट से लगी आग और फायर अलार्म का समय पर बजना — दोनों तथ्य एक साथ यह भी बताते हैं कि कहाँ व्यवस्था काम आई और कहाँ खामी रही। नियामक निकायों को अब केवल जाँच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं रहना चाहिए — देशभर के अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा ऑडिट की तत्काल ज़रूरत है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बरेली के नवोदय अस्पताल में आग कब और कहाँ लगी?
29 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे बरेली के कर्मचारी नगर स्थित नवोदय अस्पताल की सबसे ऊपरी मंजिल के एक कमरे में आग लगी। उस समय ओपीडी चल रही थी और अस्पताल में भारी भीड़ थी।
आग लगने की वजह क्या बताई जा रही है?
अधिकारियों के अनुसार आग की संभावित वजह एमसीवी बॉक्स में शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हालाँकि सटीक कारण और आग के फैलाव की जाँच अभी जारी है।
अस्पताल में मौजूद मरीजों का क्या हुआ?
आईसीयू और अन्य वार्डों में मौजूद करीब 100 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अस्पताल प्रशासन ने एम्बुलेंस का इंतज़ाम कर सभी मरीजों को नज़दीकी अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया और इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
आग पर कितनी देर में काबू पाया गया?
सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुँचीं और करीब 30 मिनट में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
क्या देश में हाल ही में अस्पतालों में आग की अन्य घटनाएँ भी हुई हैं?
हाँ, इस घटना से एक दिन पहले महाराष्ट्र के अमरावती में जिला महिला अस्पताल के नवजात शिशु कक्ष (एनआईसीयू) में आग लगने से तीन नवजातों की मौत हो गई थी और छह अन्य का इलाज जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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