बरेली के नवोदय अस्पताल में आग: 100 मरीज सुरक्षित निकाले, शॉर्ट सर्किट से भड़की लपटें
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित नवोदय अस्पताल में 29 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे भीषण आग लग गई, जिससे पाँच मंजिला इमारत में घना धुआं फैल गया। आईसीयू और अन्य वार्डों में मौजूद करीब 100 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल कर नज़दीकी अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया। अधिकारियों के अनुसार इस घटना में किसी की जान नहीं गई।
घटनाक्रम: कैसे लगी आग
कर्मचारी नगर स्थित इस अस्पताल की सबसे ऊपरी मंजिल के एक कमरे में आग भड़की। उस वक्त ओपीडी का समय था और अस्पताल में मरीजों व उनके तीमारदारों की भारी भीड़ थी। अधिकारियों ने बताया कि आग की संभावित वजह एमसीवी बॉक्स में शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, हालाँकि सटीक कारण जानने के लिए जाँच जारी है।
बचाव अभियान और राहत कार्य
हर मंजिल पर फायर अलार्म बजते ही मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं और बचाव कार्य शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि करीब 30 मिनट में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
मरीजों को अन्य अस्पतालों में किया शिफ्ट
एहतियात के तौर पर अस्पताल प्रशासन ने तत्काल एम्बुलेंस का इंतज़ाम किया और सभी भर्ती मरीजों को आसपास के अस्पतालों में भेज दिया गया। गनीमत रही कि आग पर समय रहते काबू पा लिए जाने और त्वरित निकासी के चलते कोई जनहानि नहीं हुई।
व्यापक संदर्भ: अस्पताल अग्निकांडों की बढ़ती चिंता
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश में अस्पतालों में आग की घटनाओं को लेकर चिंता गहरा रही है। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले महाराष्ट्र के अमरावती में जिला महिला अस्पताल के नवजात शिशु कक्ष (एनआईसीयू) में आग लगने से तीन नवजातों की मौत हो गई थी और छह अन्य का स्थानीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज जारी है। बरेली की घटना में जनहानि न होना राहत की बात है, लेकिन यह अस्पताल भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
अधिकारियों ने बताया कि आग किस तरह सबसे ऊपरी मंजिल तक पहुँची, इसकी विस्तृत जाँच की जा रही है। आगे की कार्रवाई जाँच रिपोर्ट आने के बाद तय होगी।