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बांग्लादेश में खसरे का संकट: 44 मौतें, 24 घंटों में चार बच्चों की जान गई

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बांग्लादेश में खसरे का संकट: 44 मौतें, 24 घंटों में चार बच्चों की जान गई

सारांश

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप तेज हो रहा है। पिछले 24 घंटे में चार बच्चों की संदिग्ध मौत हो गई है, जिससे कुल मृतकों की संख्या 44 हो गई है। इसे लेकर स्वास्थ्य सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई जा रही है।

मुख्य बातें

बांग्लादेश में खसरे के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है।
पिछले 24 घंटों में चार बच्चों की मौत हुई है।
टीकाकरण में कमी इस प्रकोप का मुख्य कारण है।
सरकार को तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।
खसरा बच्चों के लिए अत्यधिक संक्रामक और खतरनाक है।

ढाका, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस) बांग्लादेश में खसरे का महामारी तेजी से बढ़ रहा है, और पिछले 24 घंटों में चार बच्चों की मौत संदिग्ध मामलों और जटिलताओं के कारण हो गई है। इस तरह, इस वर्ष में मरने वालों की कुल संख्या 44 हो गई है, जिससे देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता उत्पन्न हो गई है।

राजशाही मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के प्रवक्ता शंकर के. बिस्वास ने बताया कि पिछले 24 घंटों में खसरे से दो बच्चों की मौत हुई है, जिनमें से एक संदिग्ध मामला था। इस अस्पताल में खसरे से मरने वालों की संख्या अब तीन हो गई है। उन्होंने कहा कि मंगलवार तक इस अस्पताल में खसरे के लक्षण वाले 98 मरीज भर्ती हैं, जो स्थिति की गंभीरता का संकेत देते हैं।

इंफेक्शियस डिजिज हॉस्पिटल (आईडीएच) की अधीक्षक तंजिना जहां ने बताया कि इसी अवधि में एक और बच्चे की मौत हुई, जिससे इस अस्पताल में खसरे से संबंधित मौतों की संख्या 25 तक पहुँच गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जनवरी से अब तक 617 संदिग्ध मरीजों का इलाज यहाँ किया जा चुका है।

इस बीच, चटोग्राम मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भी साढ़े पांच महीने के एक शिशु की मौत हुई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह संक्रमण शिशुओं के लिए अत्यंत खतरनाक साबित हो रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकोप का मुख्य कारण टीकाकरण में कमी है। कई बच्चे या तो 'एक्सपेंडेड प्रोग्राम ऑन इम्युनाइजेशन' (ईपीआई) के दायरे से बाहर रह गए हैं या उन्होंने पूरा टीकाकरण नहीं कराया, जिससे उनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो गई है।

खसरा एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है, जिसमें एक संक्रमित व्यक्ति 16 से 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है।

वैक्सीन की आपूर्ति में देरी स्थिति को और गंभीर बना रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मोहम्मद युनूस के नेतृत्व वाली पूर्व अंतरिम सरकार के दौरान लिए गए कुछ फैसलों के कारण वैक्सीन खरीद प्रक्रिया प्रभावित हुई। हालाँकि खसरा-रूबेला वैक्सीन उपलब्ध हो चुकी है, लेकिन सिरिंज अभी तक नहीं आई हैं, जिसके कारण राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान डेढ़ से दो महीने तक टल गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस देरी को गंभीर लापरवाही बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि तुरंत कदम नहीं उठाए गए, तो यह प्रकोप और बड़े स्तर पर फैल सकता है। उनका कहना है कि वैक्सीन खरीद और वितरण में हुई देरी ने देश को एक टाले जा सकने वाले संकट की ओर धकेल दिया है।

सरकार से अब तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की मांग की जा रही है, ताकि इस तेजी से फैलते संक्रमण को रोका जा सके और बच्चों की जान बचाई जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप गंभीर चिंता का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि उचित टीकाकरण के अभाव में बच्चों की जान खतरे में है। यह सरकार के लिए एक चुनौती है कि कैसे वे इस संकट का सामना करेंगे और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप क्यों बढ़ रहा है?
टीकाकरण में कमी और स्वास्थ्य सेवाओं में देरी के कारण खसरे का प्रकोप बढ़ रहा है।
बच्चों के लिए खसरा कितना खतरनाक है?
खसरा बच्चों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है, जिससे गंभीर जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
सरकार इस स्थिति में क्या कर रही है?
सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वे टीकाकरण अभियान को तेज करेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करेंगे।
क्या खसरे की वैक्सीन उपलब्ध है?
हाँ, खसरे-रूबेला वैक्सीन उपलब्ध है, लेकिन कुछ आपूर्ति में देरी हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
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