भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक, वैश्विक उत्पादन में 8% हिस्सेदारी: मत्स्य मंत्रालय
सारांश
मुख्य बातें
भारत आज वैश्विक मत्स्य उत्पादन में दूसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है और वैश्विक उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी लगभग 8 प्रतिशत है। मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, भारत जलीय कृषि उत्पादन में भी विश्व में दूसरे स्थान पर है और झींगा उत्पादन तथा निर्यात में अग्रणी देशों में अपनी जगह बना चुका है।
मत्स्य क्षेत्र की आर्थिक भूमिका
यह क्षेत्र देश के लगभग 3 करोड़ मछुआरों और मत्स्य किसानों की आजीविका का प्रमुख आधार है। मत्स्य मूल्य शृंखला के विभिन्न चरणों — प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन और विपणन — में भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत ग्रामीण रोजगार सृजन और निर्यात विविधीकरण दोनों मोर्चों पर दबाव में है।
₹39,272 करोड़ का संचयी निवेश
सरकार के अनुसार, वर्ष 2015 से अब तक मत्स्य क्षेत्र के सतत विकास और आधुनिकीकरण के लिए कुल ₹39,272 करोड़ का संचयी निवेश किया जा चुका है। यह निवेश चार प्रमुख माध्यमों से हुआ है — ब्लू रिवोल्यूशन योजना, फिशरीज एंड एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (FIDF), प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) और इसकी उप-योजना प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY)।
PM-MKSSY: ₹6,000 करोड़ की उप-योजना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8 फरवरी 2024 को PM-MKSSY को मंजूरी दी थी। यह PMMSY के अंतर्गत एक केंद्रीय क्षेत्र की उप-योजना है, जिसे वित्त वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक चार वर्षों के लिए लागू किया जा रहा है। इसके लिए ₹6,000 करोड़ का अनुमानित प्रावधान किया गया है और यह देश के सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में क्रियान्वित हो रही है। गौरतलब है कि इस योजना का उद्देश्य वित्तीय और तकनीकी हस्तक्षेपों के जरिये मत्स्य क्षेत्र की संरचनात्मक कमजोरियों को दूर करना और दीर्घकालिक संस्थागत सुधारों को प्रोत्साहित करना है।
युवाओं और तकनीक की भूमिका
मंत्रालय ने रेखांकित किया कि मत्स्य क्षेत्र का भविष्य युवाओं, मछुआरों और मछली किसानों की सक्रिय भागीदारी पर टिका है। यह वर्ग अब आधुनिक जलीय कृषि तकनीकों, डिजिटल ट्रेसबिलिटी, कोल्ड-चेन प्रबंधन, वैल्यू एडिशन, ब्रांडिंग और निर्यात गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरकार का मानना है कि उद्यमशील किसानों की बढ़ती भागीदारी भारत की ब्लू इकोनॉमी को नई गति देगी।
स्वतंत्रता दिवस के बाद विशेष संवाद
स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद मत्स्य पालन विभाग ने PM-MKSSY के लाभार्थियों और उनके जीवनसाथियों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मानित करना और सरकारी योजनाओं के प्रभाव को प्रदर्शित करना था। आने वाले वर्षों में मत्स्य निर्यात और घरेलू खपत दोनों में वृद्धि के लिए इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सरकार की नजर बनी रहेगी।