27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या भारत में मछली उत्पादन में 104 प्रतिशत की वृद्धि हुई है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या भारत में मछली उत्पादन में 104 प्रतिशत की वृद्धि हुई है?

सारांश

भारत में मछली उत्पादन में ऐतिहासिक वृद्धि देखने को मिली है। 2013-14 में 96 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में 195 लाख टन होने जा रहा है। यह वृद्धि न केवल मछली उत्पादन को प्रभावित कर रही है, बल्कि लाखों लोगों के जीवन और आजीविका को भी सशक्त बना रही है।

मुख्य बातें

भारत का मछली उत्पादन 195 लाख टन तक पहुँचने की उम्मीद है।
अंतर्देशीय मत्स्य पालन में 142 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
सरकार ने 21,274.16 करोड़ रुपए की योजनाएं अनुमोदित की हैं।
महत्वपूर्ण किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं।
पर्यावरणीय प्रथाओं को प्रोत्साहित करने के लिए समूह बनाए गए हैं।

नई दिल्ली, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। देश का कुल मछली उत्पादन 2013-14 में 96 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में 104 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 195 लाख टन हो गया है। इसी समयावधि में अंतर्देशीय मत्स्य पालन 61 लाख टन से 142 प्रतिशत बढ़कर 147.37 लाख टन हो गया है। यह जानकारी सरकारी सूत्रों से प्राप्त हुई है।

22 जुलाई तक मत्स्य विभाग ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत 21,274.16 करोड़ रुपए की मत्स्य विकास परियोजनाओं को अनुमोदित किया है।

प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना (पीएम-एमकेएसएसवाई) के तहत शीघ्र कार्यान्वयन हेतु अप्रैल तक 11.84 करोड़ रुपए स्वीकृत किए जा चुके हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, "अगस्त तक, मछुआरों, सूक्ष्म उद्यमों, मत्स्यपालक उत्पादक संगठनों और निजी कंपनियों सहित कुल 26 लाख से अधिक हितधारकों ने राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) पर पंजीकरण कराया है।"

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है, जो वैश्विक उत्पादन में लगभग 8 प्रतिशत का योगदान देता है। यह क्षेत्र लाखों परिवारों, विशेष रूप से तटीय और ग्रामीण क्षेत्रों में, के लिए भोजन, रोजगार और आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।

पिछले एक दशक में इसके पैमाने और विधि दोनों में बड़े बदलाव आए हैं।

मत्स्य पालन विभाग ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 29 जुलाई तक 17,210.46 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय के साथ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समर्थन दिया है।

आंकड़ों के मुताबिक, जून 2025 तक, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मछुआरों और मछली पालकों को 4.76 लाख किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जारी किए जा चुके हैं, जिनका कुल लोन वितरण 3,214.32 करोड़ रुपए है।

केंद्रीय बजट 2025-26 में मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए अब तक का सबसे अधिक 2,703.67 करोड़ रुपए का कुल वार्षिक बजटीय समर्थन प्रस्तावित किया गया है।

विभाग ने देश भर में 34 मत्स्य पालन समूहों को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया है। इसमें सिक्किम और मेघालय में समर्पित जैविक मत्स्य पालन समूह शामिल हैं, जो पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ प्रथाओं को प्रोत्साहित करते हैं।

भारत का मत्स्य पालन क्षेत्र मजबूत नीतिगत समर्थन, आधुनिक तकनीकों और समावेशी पहलों के माध्यम से एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत में मछली उत्पादन में वृद्धि से देश की आर्थिक संरचना को मजबूती मिलेगी। यह न केवल मछुवारों और किसानों की आय में सुधार करेगा, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ाएगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में मछली उत्पादन कैसे बढ़ा?
भारत में मछली उत्पादन में वृद्धि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से हुई है, जो बेहतर तकनीकी समर्थन और वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं।
मछली उत्पादन का क्या महत्व है?
मछली उत्पादन न केवल खाद्य सुरक्षा में योगदान देता है, बल्कि यह लाखों लोगों के लिए आय और रोजगार का भी प्रमुख स्रोत है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले