रणवीर बरार की सलाह: लोकल मार्केट से ताजी सब्जियां खरीदें, क्विक डिलीवरी ऐप्स पर निर्भरता घटाएं
सारांश
मुख्य बातें
सेलिब्रिटी शेफ और अभिनेता रणवीर बरार ने 29 सितंबर 2026 को मुंबई के अंधेरी वेस्ट में अपने नए स्ट्रीमिंग क्विज शो 'यस शेफ' के प्रमोशन के दौरान घर में खाने की गुणवत्ता और ताजगी बनाए रखने के तरीके साझा किए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि लोकल बाजार से खुद जाकर ताजी सब्जियां खरीदना, क्विक डिलीवरी ऐप्स पर निर्भरता से कहीं बेहतर विकल्प है।
लोकल मार्केट की अहमियत
रणवीर बरार ने कहा, 'मेरा मानना है कि सबसे पहले आपको लोकल मार्केट से खुद जाकर खरीदारी करनी चाहिए। अगर हम फ्रेशनेस की बात कर रहे हैं तो यह बहुत जरूरी है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि जब आप पूरी गाड़ी में ताजी सब्जियां देखते हैं, तब ताजे खाने की असली कीमत समझ आती है।
उन्होंने आगे कहा, 'भले ही आप ऑनलाइन पत्ता गोभी का एक छोटा सा पैकेट ऑर्डर करें, लेकिन आप उस तरह उसका आनंद नहीं ले पाएंगे।' यह टिप्पणी ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब 10 मिनट में डिलीवरी देने वाले ऐप्स ने भारतीय शहरों में सब्जी मंडी जाने की पुरानी संस्कृति को काफी हद तक बदल दिया है।
क्विक डिलीवरी ऐप्स पर रणवीर का रुख
रणवीर बरार ने क्विक डिलीवरी ऐप्स को पूरी तरह खारिज नहीं किया। उन्होंने कहा, 'जरूरत पड़ने पर क्विक डिलीवरी ऐप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन रोजमर्रा की आदत के तौर पर लोकल बाजार से ताजी सब्जियां खरीदना बेहतर है।' उनका सुझाव है कि ये ऐप्स आपातकालीन जरूरतों के लिए उपयुक्त हैं, न कि दैनिक खरीदारी के लिए।
खाने की बर्बादी रोकने की सलाह
शेफ ने खाने की बर्बादी कम करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत के हिसाब से ही खाना बनाया जाए, तो फ्रिज में बचा हुआ खाना कम जमा होगा। इससे न सिर्फ खाना बर्बाद होने से बचेगा, बल्कि घर के सदस्यों पर उसे जल्दी खत्म करने का दबाव भी कम होगा।
गौरतलब है कि खाने की बर्बादी भारत में एक बड़ी समस्या है और विशेषज्ञ लंबे समय से 'जरूरत के अनुसार पकाएं' के सिद्धांत को अपनाने की सलाह देते रहे हैं।
फूड सेफ्टी का व्यापक संदर्भ
रणवीर बरार की यह सलाह ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक सख्ती बढ़ी हुई है। महाराष्ट्र एफडीए के आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में दूध में मिलावट, सिंथेटिक मिल्क और फूड सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर राज्यभर में जांच और कार्रवाई तेज की गई है।
जुलाई 2026 में एफडीए ने दूध की पूरी सप्लाई चेन के लिए सख्त नियम जारी किए। इसके अलावा, 30 जुलाई 2026 के एक आदेश के तहत राज्य में नॉन-डेयरी या एनालॉग पनीर के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगाया गया — ताकि इन्हें असली डेयरी पनीर के नाम पर बेचे जाने से रोका जा सके और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिल सकें।
क्या होगा आगे
रणवीर बरार का शो 'यस शेफ' दर्शकों के बीच चर्चा में बना हुआ है और उनकी खाद्य सुरक्षा संबंधी टिप्पणियां सोशल मीडिया पर भी गूंज रही हैं। महाराष्ट्र एफडीए की बढ़ती सक्रियता के बीच उपभोक्ताओं में खाने की गुणवत्ता को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, और विशेषज्ञों का मानना है कि लोकल बाजार से खरीदारी की आदत इस दिशा में एक व्यावहारिक कदम हो सकती है।