महाराष्ट्र FDA का बड़ा फैसला: त्योहारी खाने पर साल भर स्थायी SOP, 900 से ज्यादा लाइसेंस रद्द
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने 23 सितंबर 2026 को मुंबई में जानकारी दी कि राज्य में अब त्योहारों पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जाँचने के लिए एक स्थायी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किया गया है, जो पूरे वर्ष प्रभावी रहेगा। विभाग ने अब तक 900 से अधिक लाइसेंस निलंबित किए हैं — जिनमें फार्मेसी, निर्माता, ब्लड सेंटर और कॉस्मेटिक क्षेत्र शामिल हैं।
स्थायी SOP क्या है और यह कैसे काम करेगा
मुंढे ने स्पष्ट किया कि अब हर त्योहार के लिए अलग-अलग दिशा-निर्देश जारी करने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र में इसे हर साल देखने के बजाय, हमने त्योहारों के मौसम को कवर करते हुए पूरे साल के लिए एक परमानेंट SOP जारी किया है। इसमें हर धर्म और हर इलाके के त्योहार शामिल हैं।' यह प्रक्रिया त्योहार से 21 दिन पहले शुरू होकर त्योहार के 30 दिन बाद तक जारी रहेगी। इसकी निगरानी की जिम्मेदारी FDA के कार्यालय पर होगी।
गणेश उत्सव के दौरान विभाग ने आयोजकों और खाद्य आपूर्तिकर्ताओं से कहा कि वे त्योहारी स्थलों पर काम करने वाले खाद्य व्यवसाय संचालकों की सूची साझा करें और यह सुनिश्चित करें कि वे नियमों का पालन कर रहे हैं।
स्कूलों में संतुलित आहार अभियान
FDA ने हाल ही में स्कूलों में संतुलित आहार लागू करने के लिए एक आदेश भी जारी किया था। मुंढे के अनुसार, महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय के तहत आने वाले सहित कुल लगभग 1.08 लाख स्कूल हैं। अब तक 68,000 स्कूलों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और शेष के लिए कार्य प्रगति पर है। इससे पहले स्कूल शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों के साथ रणनीतिक बैठक की गई थी।
900 से अधिक लाइसेंस निलंबित
FDA कमिश्नर ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने पर अब तक 900 से ज्यादा लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। इनमें फार्मेसी, विनिर्माता (Manufacturer), ब्लड सेंटर और कॉस्मेटिक क्षेत्र की इकाइयाँ शामिल हैं। कुछ मामलों में किसी खास उत्पाद के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि अन्य में पूरी कंपनी पर कार्रवाई हुई है।
मुंढे ने यह भी स्पष्ट किया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत FDA फार्मेसी, होलसेलर और डीलरों की नियमित सैंपलिंग करता है। लाइसेंसिंग शर्तों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई की जाती है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, त्योहारों पर मिलावटी या दूषित खाद्य सामग्री से स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें बढ़ जाती हैं। ऐसे में एक साल भर लागू रहने वाला SOP एक संस्थागत सुधार के रूप में देखा जा रहा है — जो हर साल केवल सीजनल अभियानों पर निर्भरता को खत्म करता है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।
आगे क्या होगा
FDA का लक्ष्य शेष 40,000 से अधिक स्कूलों को भी प्रशिक्षण के दायरे में लाना है। विभाग खाद्य व्यवसाय संचालकों की नियमित निगरानी, सैंपलिंग और कार्रवाई जारी रखेगा। स्थायी SOP लागू होने से अब महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी होने की उम्मीद है।