मिड-डे मील की गुणवत्ता पर संजय राउत का हमला: '13 सीटी के बाद भी खाना नहीं पकता'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने 24 अगस्त को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों में परोसे जाने वाले मिड-डे मील की बेहद खराब गुणवत्ता पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि प्रेशर कुकर में 13 बार सीटी आने के बाद भी भोजन ठीक से नहीं पकता और बच्चों को वही अधपका खाना खाने पर मजबूर होना पड़ता है।
मिड-डे मील पर राउत का आरोप
राउत ने कहा कि महाराष्ट्र के स्कूलों में मिड-डे मील की स्थिति देखने लायक है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री को इस गंभीर विषय पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर लाखों बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी स्कूलों में पोषण स्तर और खाद्य सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो रही है।
एनडीए के मंथन और 2029 पर निशाना
एनडीए के आंतरिक विचार-मंथन को लेकर राउत ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'उनको मंथन, चिंतन करने दो; कितना भी मंथन-चिंतन करें लेकिन 2029 में ये लोग सत्ता में नहीं आएंगे।' उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को देश का 'निर्विवाद नेता' बताते हुए कहा कि '2012 में जहां मोदी थे, अब वहां राहुल गांधी हैं।'
मराठी भाषा और अखिलेश यादव का संदर्भ
समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव के स्थानीय भाषा संबंधी बयान का समर्थन करते हुए राउत ने कहा कि हर राज्य में वहाँ की स्थानीय भाषा अनिवार्य होनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बड़े सरकारी पदों पर बैठे अधिकारी भी अक्सर मराठी नहीं बोलते और उन पर भी भाषा की सख्ती लागू होनी चाहिए।
अबू आजमी का कानून-व्यवस्था पर हमला
समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आजमी ने मुंबई और भिवंडी में बढ़ती हत्याओं, डकैती, लूट और बलात्कार की घटनाओं का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, 'हालात बहुत खराब हैं। सरकार को सबसे पहले कानून-व्यवस्था के बढ़ते संकट पर ध्यान देना चाहिए — विकास तो बाद में भी हो सकता है।'
आजमी ने नितेश राणे के क्षेत्र में एक 14 वर्षीय लड़के के साथ हुई कथित घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान बच्चे से पूछा गया कि वह किस देश का समर्थन करता है। आजमी के अनुसार, बच्चे के बार-बार 'भारत' कहने के बावजूद उस पर 'पाकिस्तान' कहने का आरोप लगाया गया। उन्होंने इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करार दिया।
आगे क्या
विपक्ष के इन बयानों के बाद महाराष्ट्र में मिड-डे मील की गुणवत्ता, कानून-व्यवस्था और भाषा नीति तीन अलग-अलग राजनीतिक मोर्चों पर सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के लिए दबाव बढ़ने की संभावना है। राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।