कोलकाता: महिला वकील पर चाकू से हमला, टीएमसी के पूर्व पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता पर साजिश का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के पटुली पुलिस स्टेशन में शनिवार, 18 जुलाई को एक महिला वकील ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता के विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि बप्पादित्य ने उन पर हमले की सुनियोजित साजिश रची, जिसके तहत उन पर चाकू से कई वार किए गए और हाथ में चोटें आईं। यह घटना उस समय हुई जब वह पटुली थाने में शिकायत दर्ज कराने जा रही थीं।
मुख्य घटनाक्रम
पीड़ित महिला वकील के अनुसार, जब वह शुक्रवार की रात पटुली पुलिस स्टेशन की ओर जा रही थीं, तब कुछ बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। उनका कहना है कि हमलावर बप्पादित्य दासगुप्ता के करीबी सहयोगी थे। चाकू के कई वार से उनके हाथ घायल हो गए।
महिला वकील ने पुलिस को बताया कि वह अदालत में बप्पादित्य के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही में शामिल हैं और पिछले कुछ दिनों से उन्हें इस पेशेवर भूमिका के कारण जान से मारने की धमकियाँ मिल रही थीं। उन पर मामला वापस लेने का भी दबाव डाला जा रहा था।
पहले से दी थी सूचना
पीड़ित वकील ने पहले ही पटुली थाने के प्रभारी अधिकारी, कोलकाता पुलिस कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित रूप में धमकियों की जानकारी दे दी थी। इसके बावजूद हमला होना गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जाँच शुरू कर दी है, हालाँकि बप्पादित्य के विरुद्ध अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
आरोपी की पृष्ठभूमि
बप्पादित्य दासगुप्ता कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 101 के पूर्व पार्षद हैं। वह 2010 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) छोड़कर TMC में शामिल हुए थे और 2015 में पहली बार पार्षद चुने गए। 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद उन पर BJP कार्यकर्ताओं के घरों में तोड़फोड़ के आरोप भी लगे थे।
पटुली पुलिस ने उन्हें मारपीट और धमकी देने सहित कई आरोपों में पहले ही गिरफ्तार किया हुआ है। इसके अलावा, पटुली वार्ड के TMC युवा अध्यक्ष सौरव घोष को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया गया है। बप्पादित्य दासगुप्ता और सौरव घोष दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।
सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस ने पुष्टि की है कि शिकायतकर्ता वकील अदालती कार्यवाही से जुड़ी हुई हैं और उन पर केस वापस लेने का दबाव डाला जा रहा था। जाँच जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में कानूनी पेशेवरों की सुरक्षा को लेकर सवाल पहले से उठते रहे हैं।
आगे क्या होगा
पीड़ित वकील की शिकायत के बाद पुलिस की जाँच की दिशा और बप्पादित्य दासगुप्ता के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होगी या नहीं — यह अगले कुछ दिनों में स्पष्ट होगा। इस मामले पर कानूनी बिरादरी और नागरिक समाज की नज़र बनी हुई है।