केएमसी सचिव से मारपीट के आरोप में TMC पार्षद बैश्वानोर चट्टोपाध्याय को पुलिस का समन
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के मेयर-इन-काउंसिल सदस्य बैश्वानोर चट्टोपाध्याय को कोलकाता पुलिस के न्यू मार्केट थाने ने सोमवार, 26 मई 2025 को पूछताछ के लिए समन जारी किया। उन पर निगम के सचिव किशोर कुमार बिस्वास के साथ बदसलूकी और मारपीट करने का आरोप है। बिस्वास ने शनिवार को न्यू मार्केट थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की।
मुख्य घटनाक्रम
घटना की शुरुआत पिछले शुक्रवार को हुई, जब केएमसी आयुक्त स्मिता पांडे ने निगम की बैठक रद्द कर दी। इसके बावजूद केएमसी चेयरपर्सन माला रॉय ने सभी पार्षदों की उपस्थिति अनिवार्य बताते हुए बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। चूँकि सत्र कक्ष अंदर से बंद था, बैठक आगंतुक कक्ष में कराई गई।
इसी दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्षदों ने नगर निगम भवन परिसर में स्थित पार्षद क्लब में विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल — जिसकी अगुवाई कथित तौर पर चट्टोपाध्याय कर रहे थे — सत्र कक्ष खुलवाने की माँग लेकर सचिव के कार्यालय पहुँचा। इसी दौरान सचिव किशोर कुमार बिस्वास के साथ बदसलूकी और उन्हें परेशान करने के आरोप लगाए गए।
शिकायत और पुलिस कार्रवाई
निगम सचिव और निगम आयुक्त दोनों ने न्यू मार्केट थाने में अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं। मध्य कोलकाता स्थित केएमसी मुख्यालय इसी थाना क्षेत्र में आता है। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने चट्टोपाध्याय को नोटिस भेजा है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस इस घटना में उनकी भूमिका की जाँच करना चाहती है।
चट्टोपाध्याय का पक्ष
आरोपों पर बैश्वानोर चट्टोपाध्याय ने कहा, 'मैंने सिर्फ अपनी बात रखी थी। मुझे बोलने की आजादी है और मैं मेयर-इन-काउंसिल का सदस्य हूँ। मैंने उनसे नगर निगम का सभा कक्ष खोलने को कहा था। अगर जनप्रतिनिधियों को अपने अधिकारों के तहत बोलने की आजादी नहीं मिलेगी, तो यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।' गौरतलब है कि चट्टोपाध्याय वार्ड नंबर 81 से TMC के पार्षद हैं और पेशे से वकील भी हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
रविवार को राज्य की नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी अधिकारी के साथ बदसलूकी या अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सचिव के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब TMC शासित निगम में ही आंतरिक विवाद सार्वजनिक हो गया है।
आगे क्या होगा
पुलिस द्वारा जारी समन के बाद अब यह देखना होगा कि चट्टोपाध्याय पूछताछ में क्या बयान देते हैं। यह मामला TMC के भीतर प्रशासनिक अनुशासन और निर्वाचित प्रतिनिधियों के आचरण पर सवाल खड़े करता है। जाँच के नतीजे तय करेंगे कि आगे कोई गिरफ्तारी होगी या मामला समझौते तक सीमित रहेगा।