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केएमसी सचिव से मारपीट के आरोप में TMC पार्षद बैश्वानोर चट्टोपाध्याय को पुलिस का समन

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केएमसी सचिव से मारपीट के आरोप में TMC पार्षद बैश्वानोर चट्टोपाध्याय को पुलिस का समन

सारांश

कोलकाता नगर निगम में उस वक्त बवाल मच गया जब TMC पार्षद और मेयर-इन-काउंसिल सदस्य बैश्वानोर चट्टोपाध्याय पर सचिव किशोर कुमार बिस्वास से मारपीट का आरोप लगा। रद्द बैठक की जिद और बंद सत्र कक्ष की माँग के बीच उपजा यह विवाद अब पुलिस तक पहुँच गया है।

मुख्य बातें

कोलकाता पुलिस के न्यू मार्केट थाने ने केएमसी के मेयर-इन-काउंसिल सदस्य बैश्वानोर चट्टोपाध्याय को सोमवार को पूछताछ के लिए समन जारी किया।
निगम सचिव किशोर कुमार बिस्वास ने शनिवार को बदसलूकी और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई।
घटना तब हुई जब TMC पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल सत्र कक्ष खुलवाने की माँग लेकर सचिव के कार्यालय पहुँचा।
केएमसी आयुक्त स्मिता पांडे ने बैठक रद्द की थी, फिर भी चेयरपर्सन माला रॉय के निर्देश पर बैठक आगंतुक कक्ष में आयोजित हुई।
नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सरकारी अधिकारियों के साथ किसी भी दुर्व्यवहार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के मेयर-इन-काउंसिल सदस्य बैश्वानोर चट्टोपाध्याय को कोलकाता पुलिस के न्यू मार्केट थाने ने सोमवार, 26 मई 2025 को पूछताछ के लिए समन जारी किया। उन पर निगम के सचिव किशोर कुमार बिस्वास के साथ बदसलूकी और मारपीट करने का आरोप है। बिस्वास ने शनिवार को न्यू मार्केट थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की।

मुख्य घटनाक्रम

घटना की शुरुआत पिछले शुक्रवार को हुई, जब केएमसी आयुक्त स्मिता पांडे ने निगम की बैठक रद्द कर दी। इसके बावजूद केएमसी चेयरपर्सन माला रॉय ने सभी पार्षदों की उपस्थिति अनिवार्य बताते हुए बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। चूँकि सत्र कक्ष अंदर से बंद था, बैठक आगंतुक कक्ष में कराई गई।

इसी दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्षदों ने नगर निगम भवन परिसर में स्थित पार्षद क्लब में विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल — जिसकी अगुवाई कथित तौर पर चट्टोपाध्याय कर रहे थे — सत्र कक्ष खुलवाने की माँग लेकर सचिव के कार्यालय पहुँचा। इसी दौरान सचिव किशोर कुमार बिस्वास के साथ बदसलूकी और उन्हें परेशान करने के आरोप लगाए गए।

शिकायत और पुलिस कार्रवाई

निगम सचिव और निगम आयुक्त दोनों ने न्यू मार्केट थाने में अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं। मध्य कोलकाता स्थित केएमसी मुख्यालय इसी थाना क्षेत्र में आता है। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने चट्टोपाध्याय को नोटिस भेजा है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस इस घटना में उनकी भूमिका की जाँच करना चाहती है।

चट्टोपाध्याय का पक्ष

आरोपों पर बैश्वानोर चट्टोपाध्याय ने कहा, 'मैंने सिर्फ अपनी बात रखी थी। मुझे बोलने की आजादी है और मैं मेयर-इन-काउंसिल का सदस्य हूँ। मैंने उनसे नगर निगम का सभा कक्ष खोलने को कहा था। अगर जनप्रतिनिधियों को अपने अधिकारों के तहत बोलने की आजादी नहीं मिलेगी, तो यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।' गौरतलब है कि चट्टोपाध्याय वार्ड नंबर 81 से TMC के पार्षद हैं और पेशे से वकील भी हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

रविवार को राज्य की नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी अधिकारी के साथ बदसलूकी या अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सचिव के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब TMC शासित निगम में ही आंतरिक विवाद सार्वजनिक हो गया है।

आगे क्या होगा

पुलिस द्वारा जारी समन के बाद अब यह देखना होगा कि चट्टोपाध्याय पूछताछ में क्या बयान देते हैं। यह मामला TMC के भीतर प्रशासनिक अनुशासन और निर्वाचित प्रतिनिधियों के आचरण पर सवाल खड़े करता है। जाँच के नतीजे तय करेंगे कि आगे कोई गिरफ्तारी होगी या मामला समझौते तक सीमित रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सवाल उठता है कि पार्टी नेतृत्व की पकड़ कितनी मजबूत है। आयुक्त की रद्द बैठक को नजरअंदाज करना और फिर सचिव के कार्यालय में जाकर दबाव बनाना — यह प्रशासनिक अराजकता का संकेत है। मंत्री का बयान आश्वस्त करने वाला है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या आरोपी पार्षद के खिलाफ पार्टी स्तर पर भी कोई कार्रवाई होती है या मामला पुलिस जाँच तक ही सिमट जाता है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बैश्वानोर चट्टोपाध्याय पर क्या आरोप हैं?
उन पर कोलकाता नगर निगम के सचिव किशोर कुमार बिस्वास के साथ बदसलूकी और मारपीट करने का आरोप है। सचिव ने शनिवार को न्यू मार्केट थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने समन जारी किया।
यह घटना कब और कहाँ हुई?
यह घटना मध्य कोलकाता स्थित केएमसी मुख्यालय में हुई, जब TMC पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल सत्र कक्ष खुलवाने की माँग लेकर सचिव के कार्यालय पहुँचा। यह पिछले शुक्रवार की रद्द बैठक से जुड़े विवाद का हिस्सा था।
केएमसी की बैठक क्यों रद्द की गई थी?
केएमसी आयुक्त स्मिता पांडे ने बैठक रद्द कर दी थी। इसके बावजूद चेयरपर्सन माला रॉय ने सभी पार्षदों की उपस्थिति अनिवार्य बताते हुए बैठक आगंतुक कक्ष में आयोजित करवाई, क्योंकि सत्र कक्ष अंदर से बंद था।
सरकार ने इस मामले पर क्या कहा?
नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने रविवार को स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी अधिकारी के साथ बदसलूकी या अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सचिव के साथ हुए व्यवहार के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
चट्टोपाध्याय ने आरोपों पर क्या कहा?
चट्टोपाध्याय ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि उन्होंने केवल सभा कक्ष खोलने का अनुरोध किया था और जनप्रतिनिधि के रूप में बोलने का अधिकार उनका है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकार का मामला बताया।
राष्ट्र प्रेस
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