क्या सुकांत मजूमदार ने टीएमसी पर चुनाव आयोग के अधिकारियों पर हमले के लिए उकसाने का आरोप लगाया?
सारांश
Key Takeaways
- सुकांत मजूमदार ने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- टीएमसी ने असामाजिक तत्वों को खुली छूट दी है।
- यह स्थिति लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
- पश्चिम बंगाल के लोग लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करेंगे।
कोलकाता, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति में बढ़ते तनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मजूमदार ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर टीएमसी का डर अब खतरनाक स्तर तक पहुँच गया है।
मजूमदार ने कहा कि राजनीतिक घबराहट में टीएमसी ने पूरे राज्य में असामाजिक तत्वों और आपराधिक गिरोहों को खुली छूट दे दी है। इनसे भारतीय निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों को डराया-धमकाया जा रहा है और उन पर हमले किए जा रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक संकेत हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चुनाव आयोग से जुड़े कर्मचारी पर हमले का एक वीडियो साझा करते हुए भाजपा नेता ने टीएमसी पर गंभीर सवाल उठाए।
सुकांत मजूमदार ने एक्स पोस्ट में लिखा, "अपनी हताशा में टीएमसी ने राज्यभर में असामाजिक तत्वों और आपराधिक गिरोहों को भारतीय चुनाव आयोग के अधिकारियों को डराने-धमकाने और उन पर हमला करने के लिए उकसाया है। पश्चिम बंगाल के कई जिलों में सामने आई परेशान करने वाली घटनाएँ स्पष्ट करती हैं कि टीएमसी दहशत में है। यह डर पार्टी को एक खतरनाक और निम्न स्तर तक ले गया है। एक संवैधानिक प्राधिकरण के लोगों को शारीरिक रूप से निशाना बनाना, इस गलत धारणा के तहत कि लोकतंत्र को डरा-धमकाकर और आतंक फैला कर पटरी से उतारा जा सकता है, अराजकता की ऐसी स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
मजूमदार ने कहा कि हिंसा और आपराधिक धमकियों के माध्यम से लोकतंत्र को बंधक बनाने का कोई भी प्रयास संविधान और कानून के शासन के विरुद्ध है। पश्चिम बंगाल की जनता लोकतांत्रिक मूल्यों पर इस हमले का विरोध करेगी। संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और कानूनी प्रक्रियाओं की विजय जरूरी है। उन्होंने आगे कहा, "पश्चिम बंगाल के लोग लोकतांत्रिक मूल्यों पर इस हमले का विरोध करेंगे।"