जपोरिजिया पर रूस के 5 ग्लाइड बम, 3 बच्चों समेत 12 की मौत; जेलेंस्की ने अमेरिकी ढील को बताया जिम्मेदार
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 10 अक्टूबर 2026 को बताया कि रूस ने जपोरिजिया के आवासीय इलाकों पर पाँच ग्लाइड बम गिराए, जिसमें 3 बच्चों समेत कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई। जेलेंस्की के अनुसार यह हमला उसी दिन किया गया जब अमेरिका ने रूसी डीजल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी — जिसे उन्होंने युद्ध जारी रखने का संकेत माना।
हमले का विवरण
जेलेंस्की ने कहा कि जपोरिजिया की रिहायशी इमारतों को निशाना बनाकर गिराए गए पाँच ग्लाइड बमों में 12 लोग मारे गए, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं। हमले में 14 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टर उनकी जान बचाने में जुटे हैं। इसके अतिरिक्त, 12 अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है और खोज एवं बचाव अभियान जारी है।
व्यापक हमलों की रात
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि बीती रात यूक्रेन के 13 क्षेत्रों पर हमले किए गए। इन हमलों में रिहायशी इमारतों, बुनियादी ढाँचे और रेलवे नेटवर्क को नुकसान पहुँचा है। यह ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन संघर्ष विराम की संभावनाओं पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक दबाव झेल रहा है।
जेलेंस्की की अमेरिकी ढील पर कड़ी प्रतिक्रिया
जेलेंस्की ने स्पष्ट कहा कि रूस के डीजल निर्यात पर लगी पाबंदियों में अमेरिकी ढील को रूस ने सीधे तौर पर युद्ध जारी रखने की स्वीकृति के रूप में देखा। उनके अनुसार, 'रूस को पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से कमाई का मौका देना शांति की दिशा में सही कदम नहीं है।' उन्होंने आगे कहा कि हर बार जब भी दबाव में ढील दी जाती है, रूस इसे अपने पक्ष में संकेत मानकर हमले तेज़ कर देता है।
यूक्रेन की सैन्य प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति
जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि रूस को यह समझाना होगा कि युद्ध जारी रखने की कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा, 'रूस के हमलों का जवाब भी दिया जाएगा।' यूक्रेन की दीर्घ-दूरी की सैन्य क्षमताएँ इस समय इसी लक्ष्य को सुनिश्चित करने में लगी हैं। गौरतलब है कि यह हमला उस दौर में हुआ है जब पश्चिमी देश रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों की सख्ती को लेकर आपस में मतभेद में हैं।
मृतकों के प्रति संवेदना और बचाव कार्य
जेलेंस्की ने सभी मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। मौके पर सभी आपातकालीन सेवाएँ तैनात हैं और खोज-बचाव अभियान लगातार जारी है। मलबे में दबे 12 लापता लोगों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।