एफआरआरओ गोवा की मांड्रेम में बड़ी कार्रवाई: 6 रूसी नागरिक वीजा उल्लंघन में पकड़े, होटल संचालक पर भी जाँच
सारांश
Key Takeaways
- एफआरआरओ गोवा ने 29 अप्रैल 2026 को मांड्रेम में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया।
- 6 रूसी नागरिकों को वीजा की वैध अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत में रुकने के आरोप में पकड़ा गया।
- एक आवास प्रदाता (होटल/गेस्ट हाउस संचालक) के खिलाफ भी जाँच शुरू, रिपोर्टिंग नियमों के बार-बार उल्लंघन का आरोप।
- अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक अर्शी आदिल (आईपीएस) ने किया।
- फॉर्म 'सी' और फॉर्म III के तहत विदेशी नागरिकों का विवरण 24 घंटे के भीतर जमा करना अनिवार्य।
- उल्लंघन पर इमिग्रेशन और विदेशी अधिनियम, 2025 के तहत जुर्माना और कानूनी मुकदमे का प्रावधान।
विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ), गोवा ने बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को लोकप्रिय पर्यटन स्थल मांड्रेम में एक विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत छह रूसी नागरिकों को हिरासत में लिया, जो वीजा की वैध अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत में अवैध रूप से ठहरे हुए थे। इमिग्रेशन और विदेशी अधिनियम, 2025 के उल्लंघन में पकड़े गए इन नागरिकों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अभियान का नेतृत्व और कार्यप्रणाली
इस प्रवर्तन अभियान का नेतृत्व एफआरआरओ गोवा की पुलिस अधीक्षक अर्शी आदिल (आईपीएस) ने किया। उनके साथ डिप्टी एसपी/एसपी ब्राज मेन्जेस, पुलिस निरीक्षक देवेंद्र और अन्य प्रवर्तन अधिकारी मौजूद रहे। अभियान में स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय कर कार्रवाई की गई, जो इस तरह के संयुक्त ऑपरेशन की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
आवास प्रदाता पर भी जाँच
छह रूसी नागरिकों के अलावा, एक आवास प्रदाता (होटल/गेस्ट हाउस संचालक) के खिलाफ भी जाँच शुरू की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस संचालक ने विदेशी नागरिकों की रिपोर्टिंग से संबंधित अनिवार्य आवश्यकताओं का बार-बार उल्लंघन किया था। यह पहली बार नहीं है जब गोवा में पर्यटन क्षेत्र के आवास संचालकों को इमिग्रेशन नियमों की अनदेखी के लिए जवाबदेह ठहराया गया हो।
रिपोर्टिंग नियमों की अनिवार्यता
एफआरआरओ गोवा ने सभी होटल मालिकों, गेस्ट हाउस संचालकों, लैंडलॉर्ड्स और अन्य आवास प्रदाताओं को सख्त चेतावनी जारी की है। नियमों के अनुसार, फॉर्म 'सी' और फॉर्म III के तहत विदेशी नागरिक के चेक-इन का पूरा विवरण 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन या निर्धारित प्रक्रिया से जमा करना अनिवार्य है। इसी प्रकार, चेक-आउट या प्रस्थान की जानकारी भी 24 घंटे के भीतर अपडेट करनी होगी। यह नियम ओसीआई कार्डधारकों और विदेशी नागरिकों के साथ आने वाले नाबालिग बच्चों पर भी समान रूप से लागू होता है।
उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्टिंग में किसी भी प्रकार की गलती, अधूरी जानकारी या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। इमिग्रेशन और विदेशी अधिनियम, 2025 के तहत दोषियों पर जुर्माना और कानूनी मुकदमा दोनों हो सकते हैं। गौरतलब है कि गोवा में रूसी और अन्य विदेशी पर्यटकों की संख्या में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसके साथ ही वीजा ओवरस्टे के मामले भी बढ़े हैं।
अभियान का उद्देश्य
एफआरआरओ गोवा ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल नियम तोड़ने वालों के खिलाफ है और इसका उद्देश्य गोवा में एक सुरक्षित, पारदर्शी और कानून-सम्मत पर्यटन वातावरण सुनिश्चित करना है, ताकि वैध पर्यटक बिना किसी बाधा के यहाँ आ सकें। आने वाले समय में इस तरह के अभियान अन्य पर्यटन क्षेत्रों में भी चलाए जाने की संभावना है।