अमित शाह ने हवाई अड्डों की सुरक्षा-आप्रवासन समीक्षा की, 62 एयरपोर्ट दो साल में अपग्रेड का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने 8 जुलाई 2026 को देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और आप्रवासन प्रणाली की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के महानिदेशक और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अध्यक्ष सहित दोनों मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वचालित एक्स-रे प्रणाली और सुरक्षा आधुनिकीकरण
गृह मंत्री अमित शाह ने निर्देश दिया कि मानव संसाधन लागत घटाने के उद्देश्य से देश के सभी एयरपोर्टों पर स्वचालित एक्स-रे ट्रे प्रणाली चरणबद्ध तरीके से स्थापित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए हवाई अड्डों में इस प्रणाली को अनिवार्य मापदंड के रूप में शामिल किया जाए। साथ ही एक्स-रे स्क्रीनिंग में तैनात CISF कर्मियों की शैक्षणिक योग्यता में किसी प्रकार की कमी न होने देने और उपयुक्त योग्यता रखने वाले उपलब्ध अधिकारियों को इस कार्य में लगाने के निर्देश भी दिए गए।
यात्री प्रवाह में सुधार के लिए समन्वित योजना
शाह ने एयरपोर्ट के प्रत्येक टचपॉइंट — एंट्री लेन, चेक-इन काउंटर, सुरक्षा जांच लेन और आप्रवासन काउंटर — के बीच परस्पर निर्भरता को ध्यान में रखते हुए एक समन्वित समीकरण तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी चरण पर यात्री प्रवाह बाधित न हो। यह ऐसे समय में आया है जब भारत के प्रमुख हवाई अड्डों पर भीड़ और लंबी प्रतीक्षा की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
62 एयरपोर्ट दो वर्ष में विकसित करने का लक्ष्य
गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि नागरिक विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) के सुरक्षा मापदंडों के अनुसार 21 प्रक्रियाधीन और शेष 41 एयरपोर्ट को यात्री यातायात के आधार पर प्राथमिकता देते हुए विकसित किया जाए। इन 62 एयरपोर्टों पर कार्य अगले दो वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रमुख 16 हवाई अड्डों के अलावा अन्य उच्च यातायात वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर भी बैगेज ड्रॉप सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। नागरिक विमानन मंत्रालय को यात्री और वायु यातायात के आधार पर सभी एयरपोर्टों के लिए एरोब्रिज की संख्या संबंधी मानदंड भी निर्धारित करने को कहा गया।
आप्रवासन प्रणाली का विस्तार और डिजिटल सुधार
अमित शाह ने निर्देश दिया कि 2027 तक सभी राज्य मुख्यालयों में अनिवार्य रूप से क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) स्थापित किए जाएं। अगरतला और जेवर एयरपोर्ट पर अधिकृत आप्रवासन चौकियाँ शीघ्र प्रारंभ की जाएं। गौरतलब है कि फास्ट ट्रैक इमीग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) को लोकप्रिय बनाने के लिए एयरलाइंस के साथ समन्वय कर अंतरराष्ट्रीय टिकट बुकिंग के समय यात्रियों को व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से इस कार्यक्रम में पंजीकरण का अनुरोध करने की व्यवस्था स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।
तृतीय पक्ष ऑडिट और आगे की राह
शाह ने यह भी कहा कि नागरिक विमानन मंत्रालय और CISF द्वारा पृथक-पृथक स्वतंत्र तृतीय पक्ष के माध्यम से वर्ष के पीक सीजन में प्रमुख एयरपोर्टों के सभी टचपॉइंट्स पर यात्री विलंब में कमी का अध्ययन कराया जाए। यह समीक्षा बैठक भारत की तेज़ी से बढ़ती विमानन क्षमता के बीच यात्री अनुभव और सुरक्षा दोनों को एक साथ मज़बूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।