अमित शाह आज लॉन्च करेंगे लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम, 15 सीमा चौकियाँ होंगी डिजिटल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार, 9 जून 2026 को लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (LPMS) का शुभारंभ करेंगे — एक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म जो भारत की 15 अंतरराष्ट्रीय सीमा चौकियों के संचालन को एकीकृत करेगा। यह पहल स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट की दिशा में केंद्र सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम बताई जा रही है।
LPMS क्या है और यह कैसे काम करेगा
आधिकारिक बयान के अनुसार, LPMS एक ऐसा डिजिटल मंच है जो लॉजिस्टिक्स और नियामक सूचनाओं का सुरक्षित तथा रियल-टाइम आदान-प्रदान सुनिश्चित करेगा। अधिकारियों ने बताया, "यह लैंड पोर्ट्स को एयरपोर्ट और सीपोर्ट पर उपलब्ध आधुनिक डिजिटल प्रणालियों के समकक्ष बनाएगा।" प्रणाली में स्लॉट बुकिंग, भुगतान, ट्रैकिंग और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाएँ शामिल हैं, जो कार्गो और यात्रियों दोनों की प्रोसेसिंग के लिए एंड-टू-एंड डिजिटल वर्कफ्लो प्रदान करेंगी।
यह प्रणाली इंडियन कस्टम्स इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज गेटवे (ICEGATE), यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (ULIP) और मोटर व्हीकल इकोसिस्टम जैसे राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के साथ पूरी तरह एकीकृत होगी, जिससे सीमा प्रबंधन अधिक कुशल और पारदर्शी बनेगा।
नई आवासीय सुविधाओं का उद्घाटन
LPMS लॉन्च के साथ-साथ गृह मंत्री अमित शाह डाकी (मेघालय) और श्रीमंतपुर (त्रिपुरा) लैंड पोर्ट्स पर विभिन्न हितधारकों के लिए निर्मित नई आवासीय सुविधाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इन सुविधाओं से सीमा क्षेत्रों में तैनात सुरक्षाबलों के जवानों और अन्य प्रमुख कर्मियों के लिए बुनियादी ढाँचा और मज़बूत होगा।
LPAI का दायरा — 15 लैंड पोर्ट्स
लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) गृह मंत्रालय के बॉर्डर मैनेजमेंट विभाग के अंतर्गत एक वैधानिक संस्था है। वर्तमान में LPAI भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर 15 लैंड पोर्ट्स का संचालन करती है, जिनमें शामिल हैं:
भारत-पाकिस्तान सीमा: अटारी और डेरा बाबा नानक (पंजाब) | भारत-नेपाल सीमा: रुपईडीहा (उत्तर प्रदेश), रक्सौल और जोगबनी (बिहार) | भारत-भूटान सीमा: दरंगा (असम) | भारत-बांग्लादेश सीमा: पेट्रापोल (पश्चिम बंगाल), डाकी (मेघालय), सुतारकांडी, गोलकगंज और मनकाचर (असम), अगरतला, श्रीमंतपुर और सबरूम (त्रिपुरा) | भारत-म्यांमार सीमा: मोरेह (मणिपुर)।
राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यापार पर असर
आधिकारिक बयान के अनुसार, LPMS सरकारी एजेंसियों और निजी परिचालकों सहित सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगा, जिससे देरी कम होगी और परिचालन क्षमता बढ़ेगी। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट के प्रति प्रतिबद्धता और '2047 तक विकसित भारत' के लक्ष्य को रेखांकित करती है। गौरतलब है कि भारत की थल सीमाएँ पाँच देशों से लगती हैं और सीमा-पार व्यापार की मात्रा प्रतिवर्ष बढ़ रही है, जिसके मद्देनज़र एकीकृत डिजिटल प्रबंधन की ज़रूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
LPMS के लागू होने के बाद लैंड पोर्ट्स पर सीमा-पार व्यापार और यात्री आवाजाही में दक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा का एक नया मानक स्थापित होने की उम्मीद है।