अमित शाह 9 जून को लॉन्च करेंगे लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम, 15 सीमा चौकियाँ होंगी डिजिटल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 9 जून को नई दिल्ली में लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (LPMS) का औपचारिक शुभारंभ करेंगे — एक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म जो भारत की 15 अंतरराष्ट्रीय सीमा चौकियों के संचालन को एकीकृत करेगा। यह कदम भारत के स्थलीय बंदरगाहों को हवाई अड्डों और समुद्री बंदरगाहों पर पहले से चल रहे डिजिटल तंत्र के समकक्ष लाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है।
LPMS क्या है और यह कैसे काम करेगा
लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम एक केंद्रीकृत, तटस्थ और खुला डिजिटल मंच है, जो स्थलीय सीमा चौकियों पर लॉजिस्टिक्स और नियामक सूचनाओं के सुरक्षित, रियल-टाइम आदान-प्रदान को सक्षम बनाता है। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह प्रणाली कार्गो और यात्री प्रसंस्करण के लिए एंड-टू-एंड डिजिटल वर्कफ्लो प्रदान करती है, जिसमें स्लॉट बुकिंग, भुगतान, ट्रैकिंग और सिंगल-विंडो क्लियरेंस शामिल हैं।
यह प्लेटफॉर्म इंडियन कस्टम्स इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज गेटवे, यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान और मोटर व्हीकल इकोसिस्टम जैसे प्रमुख राष्ट्रीय प्लेटफॉर्मों के साथ पूरी तरह एकीकृत होगा, जिससे अंतर-संचालनीय और पारदर्शी सीमा प्रबंधन सुनिश्चित होगा।
किन सीमा चौकियों पर होगा असर
लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) — जो गृह मंत्रालय के सीमा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत एक वैधानिक निकाय है — फिलहाल भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर 15 स्थलीय बंदरगाहों का संचालन करती है।
इनमें भारत-पाकिस्तान सीमा पर अटारी और डेरा बाबा नानक (पंजाब); भारत-नेपाल सीमा पर रुपैदिहा (उत्तर प्रदेश), रक्सौल और जोगबनी (बिहार); भारत-भूटान सीमा पर दर्रांगा (असम); भारत-बांग्लादेश सीमा पर पेट्रापोल (पश्चिम बंगाल), दावकी (मेघालय), सुतारकंडी, गोलकगंज और मनकाचर (असम), अगरतला, श्रीमंतपुर और सबरूम (त्रिपुरा); तथा भारत-म्यांमार सीमा पर मोरेह (मणिपुर) शामिल हैं।
नई अवसंरचना सुविधाओं का उद्घाटन
LPMS के शुभारंभ के साथ-साथ गृह मंत्री शाह दावकी (मेघालय) और श्रीमंतपुर (त्रिपुरा) स्थित स्थलीय बंदरगाहों पर नवनिर्मित स्टेकहोल्डर आवास सुविधाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इससे सीमा सुरक्षा कर्मियों और अन्य महत्वपूर्ण हितधारकों के लिए बुनियादी ढाँचागत सहायता और सुदृढ़ होगी।
व्यापार और सुरक्षा पर व्यापक प्रभाव
आधिकारिक बयान के अनुसार, LPMS सरकारी एजेंसियों और निजी संचालकों सहित विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय को सहज बनाएगा, जिससे देरी में कमी आएगी और परिचालन दक्षता बढ़ेगी। यह पहल 'विकसित भारत 2047' के रणनीतिक लक्ष्य के अनुरूप स्मार्ट सीमा प्रबंधन, क्रॉस-बॉर्डर व्यापार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी सीमा सुरक्षा और व्यापार अवसंरचना दोनों को एक साथ आधुनिक बनाने पर ज़ोर दे रहा है।