अमित शाह ने लॉन्च किया FCRA 2.0 पोर्टल और ई-OCI कार्ड, 50 लाख प्रवासी भारतीयों को मिलेगा लाभ
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 30 जून 2026 को नई दिल्ली में FCRA 2.0 पोर्टल और ई-OCI कार्ड का औपचारिक शुभारंभ किया। सरकार के अनुसार, ये दोनों डिजिटल पहलें नागरिक सेवाओं को सरल, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई हैं, जिनसे दुनिया भर में बसे 50 लाख से अधिक OCI कार्डधारकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्य घटनाक्रम
इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार 'कम से कम सरकार, अधिकतम शासन' के सिद्धांत पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 'जब नीयत साफ हो, नीतियाँ स्पष्ट हों और तकनीक को अपनाने की इच्छाशक्ति हो, तो ईमानदार नागरिकों के लिए शासन व्यवस्था आसान हो जाती है, जबकि गलत काम करने वालों के लिए चुनौतियाँ बढ़ जाती हैं।'
गृह मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि 2014 से पहले विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) से जुड़ी व्यवस्था काफी हद तक कागजी प्रक्रियाओं में उलझी हुई थी और प्रभावी निगरानी सीमित थी। उनके अनुसार, मोदी सरकार के कार्यकाल में FCRA प्रक्रियाओं को सरल बनाने के साथ-साथ निगरानी तंत्र को भी सुदृढ़ किया गया है।
FCRA 2.0 पोर्टल: क्या बदलेगा
FCRA 2.0 पोर्टल के ज़रिए आवेदन प्रक्रिया को तेज़ और डिजिटल बनाया जाएगा। सरकार ने दस्तावेज़ों को भौतिक रूप से जमा करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है, जिससे कागजी कार्रवाई में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके अतिरिक्त, विदेशी फंड से जुड़े मामलों की रियल-टाइम निगरानी को बेहतर बनाया जाएगा।
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि आवेदनों की बढ़ती संख्या और विदेशों से आने वाले फंड में वृद्धि को देखते हुए प्रभावी निगरानी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि FCRA कानून का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि विदेशी फंड का उपयोग पारदर्शी तरीके से हो और किसी गैरकानूनी उद्देश्य के लिए न किया जाए।
ई-OCI कार्ड: प्रवासी भारतीयों को राहत
ई-OCI कार्ड विशेष रूप से उन 50 लाख से अधिक भारतीय मूल के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है जो विश्व के विभिन्न देशों में निवास करते हैं। डिजिटल स्वरूप में जारी यह कार्ड भौतिक कार्ड की जगह लेगा और प्रवासी भारतीयों के लिए पहचान व सेवाओं तक पहुँच को सुगम बनाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ संपर्क मजबूत करने पर ज़ोर दे रही है।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि FCRA के तहत पंजीकृत संगठनों की संख्या और उनके माध्यम से आने वाले विदेशी अनुदान में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसी पृष्ठभूमि में डिजिटल निगरानी को मज़बूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। FCRA 2.0 पोर्टल इस दिशा में एक तकनीकी हस्तक्षेप है, जो पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों को बढ़ाने का दावा करता है।
आगे की राह
दोनों पहलों के पूर्ण क्रियान्वयन की समयसीमा और तकनीकी ढाँचे का विस्तृत विवरण सरकार द्वारा जल्द जारी किए जाने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुधारों की सफलता काफी हद तक उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफेस और तकनीकी सहायता की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।