15 अगस्त 2026
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मोटे अनाज का वैश्विक बाज़ार: PM मोदी के विजन से शहडोल के उद्यमी शुभम तिवारी को दिखती हैं बड़ी संभावनाएं

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मोटे अनाज का वैश्विक बाज़ार: PM मोदी के विजन से शहडोल के उद्यमी शुभम तिवारी को दिखती हैं बड़ी संभावनाएं

सारांश

80वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी के श्रीअन्न निर्यात विजन को शहडोल के उद्यमी शुभम तिवारी ने ज़मीनी हकीकत से जोड़ा — उनकी कंपनी ग्रेनॉक्सी नेचुरल्स मोटे अनाज से पास्ता, नूडल्स और कुकीज़ बनाकर वैश्विक बाज़ार में कदम रख रही है। यह कृषि कच्चे माल से वैल्यू एडेड इकोसिस्टम की ओर भारत के बदलाव की एक ठोस मिसाल है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से मोटे अनाज और कृषि उत्पादों को वैश्विक बाज़ार तक पहुँचाने पर ज़ोर दिया।
शहडोल (मध्य प्रदेश) की ग्रेनॉक्सी नेचुरल्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक शुभम तिवारी ने श्रीअन्न और वैल्यू एडेड एग्री-फूड प्रोडक्ट्स में बड़ी संभावनाएं बताईं।
कंपनी मोटे अनाज से पास्ता, नूडल्स, कुकीज़ सहित रेडी-टू-कुक और रेडी-टू-ईट उत्पाद तैयार कर रही है।
तिवारी के अनुसार मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और एआई टेक्नोलॉजी अगले दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित होंगे।
कृषि इकोसिस्टम के विस्तार से किसानों को बेहतर बाज़ार मूल्य और नए रोज़गार अवसर मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से मोटे अनाज (श्रीअन्न) और कृषि उत्पादों को वैश्विक बाज़ार तक पहुँचाने पर विशेष बल दिया। इस घोषणा को मध्य प्रदेश के शहडोल स्थित ग्रेनॉक्सी नेचुरल्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं निदेशक शुभम तिवारी ने कृषि क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया है।

श्रीअन्न और वैल्यू एडेड उत्पादों में क्या हैं संभावनाएं

शुभम तिवारी के अनुसार, भारत अब केवल कृषि कच्चे माल का उत्पादक देश नहीं रहा। उन्होंने कहा कि देश अब वैल्यू एडेड एग्री-फूड प्रोडक्ट्स तैयार कर उन्हें वैश्विक मानकों के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उनकी कंपनी ग्रेनॉक्सी नेचुरल्स मोटे अनाज से पास्ता, नूडल्स, कुकीज़ सहित रेडी-टू-कुक और रेडी-टू-ईट उत्पाद तैयार कर रही है।

तिवारी ने कहा कि श्रीअन्न, मसाले और अन्य एग्री-फूड प्रोडक्ट्स आने वाले समय में वैश्विक बाज़ार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेट्स की माँग तेज़ी से बढ़ रही है और भारत इस क्षेत्र में प्रमुख उत्पादक देश है।

PM मोदी के सात प्रमुख क्षेत्रों पर उद्यमी की राय

प्रधानमंत्री मोदी ने अगले 5 से 7 वर्षों में भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों का उल्लेख किया था। इस पर शुभम तिवारी ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और एआई टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र आने वाले दशक में भारत की अर्थव्यवस्था और रोज़गार के लिए गेम चेंजर साबित हो सकते हैं।

गौरतलब है कि भारत सरकार पहले ही 'अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष 2023' के ज़रिए श्रीअन्न को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की कोशिश कर चुकी है। तिवारी का मानना है कि 80वें स्वतंत्रता दिवस पर दिया गया प्रधानमंत्री का संदेश उस दिशा में एक और ठोस कदम है।

कृषि इकोसिस्टम और किसानों पर असर

तिवारी के अनुसार, कृषि क्षेत्र अब एक संपूर्ण इकोसिस्टम की ओर बढ़ रहा है — जिसमें कच्चे कृषि उत्पादों से वैल्यू एडेड प्रोडक्ट तैयार करने से लेकर उन्हें वैश्विक बाज़ार तक पहुँचाने की पूरी आपूर्ति श्रृंखला शामिल है। उन्होंने कहा कि इससे रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे और किसानों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाज़ार मूल्य मिल सकेगा।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मोटे अनाज से तैयार वैल्यू एडेड उत्पादों का वैश्विक बाज़ार तक पहुँचना किसानों, उद्यमियों और देश की अर्थव्यवस्था — तीनों के लिए नए द्वार खोल सकता है।

आगे क्या होगा

शुभम तिवारी का कहना है कि आने वाला दशक मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और एआई टेक्नोलॉजी के साथ-साथ एग्री-फूड सेक्टर के लिए भी निर्णायक रहेगा। प्रधानमंत्री के विजन को ज़मीन पर उतारने के लिए नीतिगत समर्थन, निर्यात प्रोत्साहन और गुणवत्ता मानकों के पालन पर ध्यान देना अनिवार्य होगा, ऐसा उद्योग विशेषज्ञों का भी मानना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती घोषणाओं को ज़मीनी ढाँचे से जोड़ने की है — कोल्ड चेन, निर्यात प्रमाणन और वैश्विक मानकों की पूर्ति जैसी बाधाएं अभी भी छोटे उद्यमियों के लिए बड़ी हैं। ग्रेनॉक्सी जैसी कंपनियाँ इस संभावना की एक झलक दिखाती हैं, पर यह अपवाद है, नियम नहीं। जब तक नीतिगत प्रोत्साहन, गुणवत्ता मानक और निर्यात लॉजिस्टिक्स एक साथ काम नहीं करते, मोटे अनाज का वैश्विक बाज़ार में सपना केवल कुछ चुनिंदा उद्यमियों तक सीमित रह सकता है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर मोटे अनाज को लेकर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले से दिए भाषण में मोटे अनाज (श्रीअन्न) और कृषि उत्पादों को वैश्विक बाज़ार तक पहुँचाने पर विशेष ज़ोर दिया। यह उनके उस व्यापक विजन का हिस्सा था जिसमें अगले 5 से 7 वर्षों में भारत को सात प्रमुख क्षेत्रों में नई ऊँचाइयों पर ले जाने की बात कही गई।
ग्रेनॉक्सी नेचुरल्स प्राइवेट लिमिटेड क्या करती है?
मध्य प्रदेश के शहडोल स्थित ग्रेनॉक्सी नेचुरल्स प्राइवेट लिमिटेड मोटे अनाज से पास्ता, नूडल्स, कुकीज़ सहित रेडी-टू-कुक और रेडी-टू-ईट उत्पाद तैयार करती है। कंपनी के संस्थापक शुभम तिवारी का लक्ष्य इन वैल्यू एडेड उत्पादों को वैश्विक बाज़ार तक पहुँचाना है।
श्रीअन्न वैल्यू एडेड उत्पादों से किसानों को क्या फायदा होगा?
शुभम तिवारी के अनुसार, जब कच्चे कृषि उत्पादों को वैल्यू एडेड प्रोडक्ट में बदलकर वैश्विक बाज़ार तक पहुँचाया जाता है, तो किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलता है और नए रोज़गार के अवसर भी पैदा होते हैं। यह पूरी आपूर्ति श्रृंखला किसान से लेकर वैश्विक उपभोक्ता तक फैली होती है।
मोदी के विजन में फूड प्रोसेसिंग और एआई की क्या भूमिका है?
प्रधानमंत्री मोदी ने अगले 5 से 7 वर्षों के लिए जिन सात प्रमुख क्षेत्रों का उल्लेख किया, उनमें मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और एआई टेक्नोलॉजी शामिल हैं। शुभम तिवारी के अनुसार ये क्षेत्र आने वाले दशक में भारत की अर्थव्यवस्था और रोज़गार के लिए गेम चेंजर साबित हो सकते हैं।
भारत में मोटे अनाज के वैश्विक निर्यात की क्या स्थिति है?
भारत दुनिया के प्रमुख मिलेट उत्पादक देशों में से एक है और 2023 के अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष के बाद से वैश्विक माँग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हालाँकि, कोल्ड चेन, निर्यात प्रमाणन और वैश्विक मानकों की पूर्ति जैसी चुनौतियाँ अभी भी इस क्षेत्र के पूर्ण विकास में बाधक हैं।
राष्ट्र प्रेस
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