15 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

छत्तीसगढ़ में PM मोदी के कृषि, फार्मा और योग के वैश्विक विज़न को मिला जनसमर्थन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
छत्तीसगढ़ में PM मोदी के कृषि, फार्मा और योग के वैश्विक विज़न को मिला जनसमर्थन

सारांश

PM मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में कृषि, फार्मा और योग को वैश्विक ब्रांड बनाने के विज़न को छत्तीसगढ़ के व्यापारियों और योग शिक्षकों ने सराहा। कवर्धा से उठी आवाज़ें बता रही हैं कि ज़मीनी स्तर पर इस विज़न से बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले से भारतीय कृषि उत्पादों, फार्मा, बैंकिंग, योग और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर सशक्त बनाने का आह्वान किया।
छत्तीसगढ़ के व्यापारी भूषण सिंह ठाकुर ने श्रीअन्न और जीआई-टैग उत्पादों को सही पैकेजिंग के साथ वैश्विक बाज़ार में उतारने की संभावना जताई।
फार्मा व्यापारी मुकेश देवांगन के अनुसार, फार्मा और बैंकिंग पर फोकस से निवेश और रोज़गार दोनों बढ़ेंगे।
योग शिक्षक रोहित जायसवाल ने योग-आयुर्वेद को 'सॉफ्ट पावर' बताने के प्रधानमंत्री के बयान की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने FTA के ज़रिए खुले नए अवसरों का उल्लेख करते हुए 'खेत से निर्यात बाज़ार' तक का सफर तय करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से दिए गए स्वतंत्रता दिवस संबोधन में भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाज़ारों तक पहुँचाने, फार्मास्यूटिकल्स, बैंकिंग, कानूनी सेवाओं, योग और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर सशक्त बनाने पर जो जोर दिया, उसे छत्तीसगढ़ के व्यापारियों, किसानों और योग शिक्षकों ने सराहा है। कवर्धा सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों से आई सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ दर्शाती हैं कि प्रधानमंत्री का यह विज़न ज़मीनी स्तर पर भी प्रासंगिक माना जा रहा है।

कृषि निर्यात पर उम्मीदें

खेती-बाड़ी से जुड़े व्यापारी भूषण सिंह ठाकुर ने भारतीय कृषि उत्पादों की वैश्विक पहुँच बढ़ाने के प्रधानमंत्री के विज़न का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ के श्रीअन्न, पारंपरिक खाद्य उत्पादों और जीआई-टैग वाले उत्पादों को सही पैकेजिंग और गुणवत्ता मानकों के साथ प्रमोट किया जाए, तो उन्हें विदेशों में एक मज़बूत बाज़ार मिल सकता है। ठाकुर के अनुसार, कृषि निर्यात बढ़ाने पर प्रधानमंत्री का फोकस व्यापार को गति दे सकता है और किसानों व कृषि क्षेत्र से जुड़े व्यवसायों के लिए नए अवसर खोल सकता है।

फार्मा और रोज़गार पर उद्योग जगत की राय

भारत के बैंकिंग, कानूनी सेवाओं और फार्मा क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने के प्रधानमंत्री के आह्वान पर प्रतिक्रिया देते हुए फार्मा व्यापारी मुकेश देवांगन ने कहा कि इन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने से निवेश बढ़ेगा। उनके अनुसार, ऐसे कदमों से नई नौकरियाँ पैदा होंगी और बेरोज़गारी की समस्या को काफ़ी हद तक कम करने में सहायता मिलेगी।

गौरतलब है कि भारत पहले से ही दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल उत्पादक देश है, और वैश्विक जेनेरिक दवा बाज़ार में उसकी हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री का यह विज़न उद्योग की मौजूदा गति को और तेज़ करने का संकेत देता है।

योग और आयुर्वेद — भारत की 'सॉफ्ट पावर'

योग शिक्षक रोहित जायसवाल ने योग और आयुर्वेद को भारत की 'सॉफ्ट पावर' बताने के प्रधानमंत्री के बयान की सराहना की। उन्होंने कहा कि योग और आयुर्वेद अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और देश की पारंपरिक वेलनेस प्रणालियों को वैश्विक मंच पर प्रमोट करने के प्रयास सराहनीय हैं। जायसवाल ने प्रधानमंत्री के विज़न का पूर्ण समर्थन करते हुए उन्हें बधाई दी।

PM मोदी के संबोधन के मुख्य बिंदु

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि खाद्य प्रसंस्करण पर अधिक ध्यान देते हुए आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय किसानों की पहुँच अब वैश्विक बाज़ारों तक है और मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) से बड़े अवसर खुल रहे हैं। उनके शब्दों में — 'हमें खेत से निर्यात बाज़ार तक का सफर तय करना होगा।' उन्होंने पारंपरिक खाद्य पदार्थों, श्रीअन्न, मसालों, फलों और फूलों में वैश्विक स्तर पर अपार संभावनाएँ बताईं और इन्हें वैश्विक ब्रांड बनाने का आह्वान किया।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार FTA के ज़रिए नए व्यापारिक दरवाज़े खोल रही है और कृषि निर्यात नीति को नई दिशा देने की तैयारी में है। छत्तीसगढ़ जैसे कृषि-प्रधान राज्यों के लिए यह विज़न विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जहाँ श्रीअन्न और जीआई-टैग उत्पादों की वैश्विक माँग बढ़ाने की व्यापक संभावना है। राज्य के व्यापारी और उद्यमी अब केंद्र सरकार की ठोस नीतिगत घोषणाओं और क्रियान्वयन की प्रतीक्षा में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में जीआई-टैग उत्पादों और श्रीअन्न की वैश्विक ब्रांडिंग के लिए ठोस बुनियादी ढाँचा — कोल्ड चेन, प्रसंस्करण इकाइयाँ और निर्यात लॉजिस्टिक्स — अभी भी अपर्याप्त है। स्वागत की लहर स्वाभाविक है, पर असली सवाल यह है कि FTA के लाभ छोटे किसानों और स्थानीय व्यापारियों तक कैसे पहुँचेंगे। योग और आयुर्वेद को 'सॉफ्ट पावर' कहना राजनयिक दृष्टि से सटीक है, किंतु इसके व्यावसायीकरण के लिए मानकीकरण और वैश्विक प्रमाणन की दिशा में अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर कृषि निर्यात के बारे में क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय किसानों की पहुँच अब वैश्विक बाज़ारों तक है और FTA से बड़े अवसर खुल रहे हैं। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण पर ज़ोर देते हुए पारंपरिक खाद्य पदार्थों, श्रीअन्न, मसालों, फलों और फूलों को वैश्विक ब्रांड बनाने का आह्वान किया।
छत्तीसगढ़ के व्यापारियों ने मोदी के विज़न पर क्या प्रतिक्रिया दी?
कवर्धा के कृषि व्यापारी भूषण सिंह ठाकुर ने जीआई-टैग और श्रीअन्न उत्पादों को सही पैकेजिंग के साथ वैश्विक बाज़ार में उतारने की संभावना जताई। फार्मा व्यापारी मुकेश देवांगन ने कहा कि फार्मा और बैंकिंग पर फोकस से निवेश बढ़ेगा और बेरोज़गारी कम होगी।
योग और आयुर्वेद को 'सॉफ्ट पावर' कहने का क्या मतलब है?
प्रधानमंत्री मोदी ने योग और आयुर्वेद को भारत की 'सॉफ्ट पावर' बताया, यानी ये क्षेत्र वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को मज़बूत करते हैं। छत्तीसगढ़ के योग शिक्षक रोहित जायसवाल ने इस बयान का स्वागत किया और वैश्विक मंच पर इन्हें बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।
छत्तीसगढ़ के किन उत्पादों को वैश्विक बाज़ार में फायदा हो सकता है?
छत्तीसगढ़ के श्रीअन्न (मिलेट्स), पारंपरिक खाद्य उत्पाद और जीआई-टैग वाले उत्पाद वैश्विक बाज़ार में बड़ी संभावनाएँ रखते हैं। व्यापारियों के अनुसार, सही पैकेजिंग, गुणवत्ता मानक और प्रमोशन से इन्हें विदेशों में मज़बूत बाज़ार मिल सकता है।
FTA से भारतीय किसानों को कैसे फायदा होगा?
मुक्त व्यापार समझौते (FTA) भारतीय कृषि उत्पादों पर विदेशी बाज़ारों में आयात शुल्क घटाते हैं, जिससे निर्यात प्रतिस्पर्धी बनता है। प्रधानमंत्री के अनुसार, इससे 'खेत से निर्यात बाज़ार' तक की आपूर्ति श्रृंखला मज़बूत होगी और किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले