छत्तीसगढ़ में PM मोदी के कृषि, फार्मा और योग के वैश्विक विज़न को मिला जनसमर्थन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से दिए गए स्वतंत्रता दिवस संबोधन में भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाज़ारों तक पहुँचाने, फार्मास्यूटिकल्स, बैंकिंग, कानूनी सेवाओं, योग और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर सशक्त बनाने पर जो जोर दिया, उसे छत्तीसगढ़ के व्यापारियों, किसानों और योग शिक्षकों ने सराहा है। कवर्धा सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों से आई सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ दर्शाती हैं कि प्रधानमंत्री का यह विज़न ज़मीनी स्तर पर भी प्रासंगिक माना जा रहा है।
कृषि निर्यात पर उम्मीदें
खेती-बाड़ी से जुड़े व्यापारी भूषण सिंह ठाकुर ने भारतीय कृषि उत्पादों की वैश्विक पहुँच बढ़ाने के प्रधानमंत्री के विज़न का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ के श्रीअन्न, पारंपरिक खाद्य उत्पादों और जीआई-टैग वाले उत्पादों को सही पैकेजिंग और गुणवत्ता मानकों के साथ प्रमोट किया जाए, तो उन्हें विदेशों में एक मज़बूत बाज़ार मिल सकता है। ठाकुर के अनुसार, कृषि निर्यात बढ़ाने पर प्रधानमंत्री का फोकस व्यापार को गति दे सकता है और किसानों व कृषि क्षेत्र से जुड़े व्यवसायों के लिए नए अवसर खोल सकता है।
फार्मा और रोज़गार पर उद्योग जगत की राय
भारत के बैंकिंग, कानूनी सेवाओं और फार्मा क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने के प्रधानमंत्री के आह्वान पर प्रतिक्रिया देते हुए फार्मा व्यापारी मुकेश देवांगन ने कहा कि इन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने से निवेश बढ़ेगा। उनके अनुसार, ऐसे कदमों से नई नौकरियाँ पैदा होंगी और बेरोज़गारी की समस्या को काफ़ी हद तक कम करने में सहायता मिलेगी।
गौरतलब है कि भारत पहले से ही दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल उत्पादक देश है, और वैश्विक जेनेरिक दवा बाज़ार में उसकी हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री का यह विज़न उद्योग की मौजूदा गति को और तेज़ करने का संकेत देता है।
योग और आयुर्वेद — भारत की 'सॉफ्ट पावर'
योग शिक्षक रोहित जायसवाल ने योग और आयुर्वेद को भारत की 'सॉफ्ट पावर' बताने के प्रधानमंत्री के बयान की सराहना की। उन्होंने कहा कि योग और आयुर्वेद अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और देश की पारंपरिक वेलनेस प्रणालियों को वैश्विक मंच पर प्रमोट करने के प्रयास सराहनीय हैं। जायसवाल ने प्रधानमंत्री के विज़न का पूर्ण समर्थन करते हुए उन्हें बधाई दी।
PM मोदी के संबोधन के मुख्य बिंदु
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि खाद्य प्रसंस्करण पर अधिक ध्यान देते हुए आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय किसानों की पहुँच अब वैश्विक बाज़ारों तक है और मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) से बड़े अवसर खुल रहे हैं। उनके शब्दों में — 'हमें खेत से निर्यात बाज़ार तक का सफर तय करना होगा।' उन्होंने पारंपरिक खाद्य पदार्थों, श्रीअन्न, मसालों, फलों और फूलों में वैश्विक स्तर पर अपार संभावनाएँ बताईं और इन्हें वैश्विक ब्रांड बनाने का आह्वान किया।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार FTA के ज़रिए नए व्यापारिक दरवाज़े खोल रही है और कृषि निर्यात नीति को नई दिशा देने की तैयारी में है। छत्तीसगढ़ जैसे कृषि-प्रधान राज्यों के लिए यह विज़न विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जहाँ श्रीअन्न और जीआई-टैग उत्पादों की वैश्विक माँग बढ़ाने की व्यापक संभावना है। राज्य के व्यापारी और उद्यमी अब केंद्र सरकार की ठोस नीतिगत घोषणाओं और क्रियान्वयन की प्रतीक्षा में हैं।