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क्या महाराष्ट्र-हरियाणा से आए सरपंचों को पीएम मोदी के लालकिले के प्राचीर से संबोधन सुनकर गर्व महसूस हुआ?

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क्या महाराष्ट्र-हरियाणा से आए सरपंचों को पीएम मोदी के लालकिले के प्राचीर से संबोधन सुनकर गर्व महसूस हुआ?

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी के 79वें स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए संबोधन ने सरपंचों में गर्व का संचार किया। 26 राज्यों के सरपंचों ने इस मौके पर कृषि, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की बातों को सराहा, जो गाँवों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

पीएम मोदी का संबोधन सरपंचों के लिए प्रेरणादायक था।
महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया गया।
गांवों के विकास को देश के विकास की आधारशिला बताया गया।
युवाओं के लिए नई योजनाओं की घोषणा की गई।
सरपंचों को सम्मान और अवसर दिया गया।

नई दिल्ली, 15 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। 79वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने लालकिले के प्राचीर से देशवासियों को 12वीं बार संबोधित किया। इस ऐतिहासिक संबोधन को सुनने के लिए 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 85 गांवों के सरपंचों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।

पुणे के कोरेगांव भीमा के सरपंच संदीप ढेरंगे ने पीएम मोदी के भाषण की प्रशंसा की, जिसमें उन्होंने कृषि, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर बल दिया। ढेरंगे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने गांव के विकास को देश के विकास की आधारशिला बताया, जिससे उन्हें गर्व महसूस हुआ। इसके साथ ही, सरपंचों को गांवों में नई सीख लागू करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने युवाओं के लिए विकसित भारत रोजगार योजना की घोषणा की, जो देश के युवाओं के लिए लाभकारी साबित होगी।

डॉ. अनुप्रीता ने कहा कि पीएम मोदी का भाषण सुनकर उन्हें खुशी और गर्व महसूस हुआ। उन्होंने भाषण में महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया। एक महिला के तौर पर मैं महाराष्ट्र से आई हूं, सुनकर अच्छा लगता है कि राष्ट्र निर्माण में महिलाएं योगदान दे रही हैं।

अंजलि ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला, जिससे वे बहुत खुश हुईं। उन्होंने बताया कि आज का दिन उनके लिए एक यादगार दिन था। प्रधानमंत्री को लाइव सुनकर उन्हें गर्व महसूस हुआ।

पुणे के अलावा हरियाणा के फरीदाबाद, महेंद्रगढ़ और करनाल पंचायत के सरपंचों ने पीएम मोदी के संबोधन को ऐतिहासिक बताया।

करनाल के सुल्तानपुर ग्राम पंचायत से आए जसमेर सिंह ने कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा था कि सरपंचों को भी ऐसे बड़े कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने गांव में केंद्रीय टीम भेजकर सर्वे करवाया था, और उनके कथनानुसार कार्य हो रहा है। हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सैनी के कार्यों की भी जस्समेर सिंह ने सराहना की और कहा कि लोग स्वच्छता के प्रति जागरूक हो रहे हैं।

रतन पाल सिंह चौहान (सरपंच ग्राम नीरपुर राजपूत जिला महेंद्रगढ़, हरियाणा) ने कहा कि पीएम मोदी द्वारा सम्मानित होने पर उन्हें बहुत गर्व महसूस हुआ। उन्होंने बताया कि पहले वे सोचते थे कि ऐसे कार्यक्रमों में केवल बड़े अधिकारी ही शामिल हो सकते हैं, लेकिन सरपंचों को भी सम्मान और अवसर दिया गया। हरियाणा भवन में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे उन्हें वीवीआईपी जैसा अनुभव हुआ। पीएम मोदी ने नए भारत का संदेश दिया और युवाओं को आगे आने की प्रेरणा दी। पीएम मोदी इस उम्र में 24 घंटे काम करते हैं, वह हमें काफी प्रेरणा देता है। युवाओं को भी आगे आकर देश के लिए काम करना चाहिए। भारत एक शक्तिशाली देश है जो किसी के आगे झुकता नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे सरपंचों को प्रेरणा मिली। यह सरपंचों का सम्मान और उनकी भूमिका को उजागर करता है, जो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी ने इस बार किस विषय पर जोर दिया?
पीएम मोदी ने कृषि, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया।
सरपंचों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित क्यों किया गया?
सरपंचों को गांवों के विकास में उनकी भूमिका के लिए सम्मानित करने के लिए आमंत्रित किया गया।
क्या सरपंचों को पहले ऐसे बड़े कार्यक्रमों में आमंत्रित किया गया है?
यह पहला अवसर है जब सरपंचों को इस तरह के बड़े कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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