किसान ऋतिक पुरोहित ने मोदी के 'द नेक्स्ट लीप' की सराहना की, बोले — FTA से खुलेंगे भारतीय कृषि उत्पादों के वैश्विक द्वार
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से भारतीय कृषि को वैश्विक मंच पर ले जाने का आह्वान किया — खेत से निर्यात बाज़ार तक की यात्रा को गति देने और पारंपरिक खाद्य पदार्थों, श्रीअन्न, मसालों, फलों तथा फूलों को अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के रूप में स्थापित करने की बात कही। इस संबोधन में उन्होंने रसायन मुक्त खेती और वैश्विक गुणवत्ता मानकों को पूरा करने वाले कृषि उत्पादों पर विशेष ज़ोर दिया।
किसान की प्रतिक्रिया: FTA से नए अवसर
गुजरात के वडोदरा के किसान ऋतिक पुरोहित ने प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल की सराहना करते हुए केंद्र सरकार की कृषि संबंधी योजनाओं को किसानों के लिए लाभकारी बताया। उन्होंने कहा, 'आज FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स) के ज़रिए भारत के लिए वैश्विक स्तर पर बड़े बाज़ार खुल गए हैं। अगर हम फूड प्रोडक्ट्स, फलों और फूलों का अधिक उपयोग करें, तो आने वाले समय में हम इस क्षेत्र में काफी तरक्की कर सकते हैं।'
पुरोहित के अनुसार, भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाज़ार मिलने से किसानों की आमदनी बढ़ाने के नए अवसर खुलेंगे — यह भावना उन्होंने कृषक समुदाय की व्यापक उम्मीद के रूप में रखी।
'ड्रोन दीदी' और तकनीकी बदलाव
किसान ऋतिक पुरोहित ने 'ड्रोन दीदी' कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में यह जिक्र किया कि कई महिलाएं ड्रोन दीदी के ज़रिए लाखों रुपये की कमाई कर रही हैं, तो यह स्पष्ट होता है कि भारत कृषि के क्षेत्र में तकनीकी रूप से मज़बूत हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि फसल बीमा योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा किसानों को मुआवज़ा मिलना एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है।
पुरोहित के अनुसार, भारत एक कृषि-प्रधान देश है और आने वाले समय में एशिया में कृषि क्षेत्र में एक बड़ी पहचान बनाने की क्षमता रखता है।
जनधन योजना: किसानों की आर्थिक नींव
ऋतिक पुरोहित ने प्रधानमंत्री जनधन योजना के लाभों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इस योजना के तहत हर किसान के बैंक खाते में सीधे पैसा पहुँचना खेती के लिए एक स्थायी आय स्रोत बनाता है। फसल खराब होने की स्थिति में केंद्र सरकार की ओर से मुआवज़े का प्रावधान किसानों को आर्थिक संकट से उबरने में मदद करता है।
आगे की राह: वैश्विक कृषि ब्रांड की ओर
प्रधानमंत्री मोदी के 'द नेक्स्ट लीप' के आह्वान को कृषि विशेषज्ञ भारत की खाद्य अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वाकांक्षी दिशा के रूप में देख रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है, जो कृषि निर्यात के लिए नए द्वार खोल सकते हैं। गौरतलब है कि भारत पहले से ही दुनिया के शीर्ष कृषि निर्यातकों में शुमार है, और श्रीअन्न (मिलेट्स) को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना इस रणनीति का अहम हिस्सा है।