अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले कांग्रेस सांसद रंधावा ने उठाए 7 तीखे सवाल, ड्रोन तस्करी और गैंगस्टर नेटवर्क पर केंद्र को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से ठीक पहले सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बुधवार, 30 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए गृह मंत्री से पंजाब से जुड़े 7 अहम सवालों के जवाब माँगे। रंधावा ने सीमा पार ड्रोन तस्करी, गैंगस्टर नेटवर्क और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी को मुख्य मुद्दों के रूप में उठाया।
रंधावा की एक्स पोस्ट और सीधा संदेश
कांग्रेस सांसद रंधावा ने अपनी पोस्ट में लिखा, अमित शाह, दिल्ली में बैठकर आप मेरे द्वारा पंजाब के मुद्दों पर लिखे गए पत्रों का जवाब नहीं देते। आप खुद पंजाब आ रहे हैं, उम्मीद है कि पंजाब के हित में पूछे गए इन सवालों का जवाब जरूर देंगे।' यह पोस्ट राजनीतिक हलकों में तेज़ी से चर्चा का विषय बन गई। गौरतलब है कि रंधावा पहले भी लिखित पत्रों के ज़रिए केंद्र से पंजाब के सीमावर्ती सुरक्षा मुद्दों पर जवाब माँगते रहे हैं।
ड्रोन तस्करी पर केंद्रीय सुरक्षा तंत्र से सवाल
रंधावा ने सवाल उठाया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हाथ में होने के बावजूद सीमा पार से ड्रोन के ज़रिए नशा और हथियार पंजाब पहुँचने की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रहीं। उन्होंने पूछा कि एंटी-ड्रोन तकनीक पर किए जा रहे कार्य के ज़मीनी नतीजे क्या हैं और पूरी बॉर्डर बेल्ट को प्रभावी कवरेज कब तक मिलेगी।
आँकड़ों का हवाला देते हुए रंधावा ने कहा कि अकेले सितंबर महीने में पंजाब के सीमावर्ती जिलों से 100 किलो से अधिक हेरोइन बरामद हुई है। उनका तर्क था कि यदि सीमाओं पर केंद्र सरकार की निगरानी है, तो इतनी बड़ी मात्रा में नशे की खेप अंदर पहुँचना गंभीर सवाल खड़े करता है।
गैंगस्टर नेटवर्क और ऑर्गेनाइज्ड क्राइम पर चिंता
कांग्रेस सांसद ने यह भी पूछा कि जेलों के भीतर से और विदेशों में बैठकर पंजाब में फिरौती, हत्याएँ और संगठित अपराध संचालित करने वाले गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ केंद्र की रणनीति क्या है। उन्होंने पुलिस थानों और चौकियों पर हुए ग्रेनेड हमलों जैसी घटनाओं के पीछे मौजूद नेटवर्क और हैंडलर्स तक पहुँचने के लिए उठाए गए ठोस कदमों का भी ब्यौरा माँगा।
रंधावा ने यह भी जानना चाहा कि विदेशों में बैठे गैंगस्टरों और हैंडलर्स को भारत वापस लाने की प्रत्यर्पण प्रक्रिया कहाँ तक पहुँची है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में सीमापार आतंकी और आपराधिक नेटवर्क की गतिविधियाँ लगातार सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
एजेंसियों के बीच समन्वय का सवाल
अपने अंतिम सवाल में रंधावा ने पूछा कि ड्रग्स, हथियार और संगठित अपराध के खिलाफ BSF, राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA), केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और पंजाब पुलिस के बीच समन्वय को और मज़बूत करने का रोडमैप क्या है। विशेषज्ञों का मानना है कि बहु-एजेंसी समन्वय की कमी सीमावर्ती सुरक्षा की सबसे बड़ी कमज़ोरियों में से एक रही है।
तंज और राजनीतिक संदेश
पोस्ट के अंत में रंधावा ने तंज कसते हुए लिखा, 'अगर आप सच में पंजाब के हितैषी हैं, तो सख्त कदम उठाइए और नतीजे दीजिए। अगर सिर्फ राजनीतिक यात्रा के लिए पंजाब आए हैं, तो मैं आपकी सुखद यात्रा के लिए अरदास करता हूँ।' यह टिप्पणी केंद्र और राज्य के बीच सुरक्षा ज़िम्मेदारी को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और तेज़ करने वाली मानी जा रही है। आने वाले दिनों में गृह मंत्री शाह का पंजाब दौरा और उनकी प्रतिक्रिया इस बहस की दिशा तय करेगी।