3 जुलाई 2026
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पंजाब की कानून-व्यवस्था पर रंधावा ने अमित शाह से की मुलाकात, जेल से मोबाइल संचालन को बताया राष्ट्रीय खतरा

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पंजाब की कानून-व्यवस्था पर रंधावा ने अमित शाह से की मुलाकात, जेल से मोबाइल संचालन को बताया राष्ट्रीय खतरा

सारांश

कांग्रेस सांसद रंधावा की अमित शाह से मुलाकात राजनीतिक नहीं, सुरक्षा एजेंडे पर थी — जेलों से 24 घंटे चलते मोबाइल नेटवर्क और पाकिस्तान से आ रहे हथियारों ने इस बैठक को ज़रूरी बनाया। पंजाब का अतीत याद दिलाते हुए रंधावा ने केंद्र-राज्य समन्वय की माँग उठाई।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने 3 जुलाई को स्पष्ट किया कि गृह मंत्री अमित शाह से उनकी बैठक पंजाब की कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा पर केंद्रित थी।
रंधावा ने 4 जून को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर पंजाब की सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताई थी, जिसके बाद शाह ने मुलाकात का समय दिया।
जेलों के भीतर से 24 घंटे मोबाइल फोन संचालन को रंधावा ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर खतरा बताया।
पाकिस्तान की ओर से एके-47 राइफलें , पिस्टल और हैंड ग्रेनेड लगातार भारत में पहुँचाए जाने का मुद्दा गृह मंत्री के सामने रखा गया।
रंधावा ने पंजाब राज्य सरकार को गैंगस्टर नेटवर्क पर कार्रवाई में नाकाम बताया और केंद्र-राज्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त अभियान की माँग की।

कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने 3 जुलाई को स्पष्ट किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनकी हालिया बैठक का पंजाब कांग्रेस के संगठनात्मक मामलों या किसी आंतरिक नाराज़गी से कोई संबंध नहीं है। रंधावा के अनुसार, यह बैठक पूरी तरह पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर केंद्रित थी।

मुलाकात की पृष्ठभूमि

रंधावा ने बताया कि उन्होंने 4 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत पत्र लिखा था, जिसमें पंजाब की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर चिंताएँ उठाई गई थीं। इसी पत्र के आधार पर गृह मंत्री शाह ने उन्हें मिलने का समय दिया और बैठक में पत्र के तीन-चार प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्य सुरक्षा चिंताएँ

रंधावा के पत्र में उठाए गए मुद्दों में गैंगस्टरों की बढ़ती गतिविधियाँ, राष्ट्रविरोधी तत्वों की सक्रियता, आम नागरिकों को मिल रही धमकी भरी कॉल्स और रंगदारी की घटनाएँ शामिल थीं। सबसे गंभीर मुद्दा जेलों के भीतर से 24 घंटे मोबाइल फोन संचालन का रहा। रंधावा ने कहा कि यदि बंद जेलों से आतंकवाद और गुंडागर्दी से जुड़े नेटवर्क का संचालन होता रहे, तो देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना असंभव हो जाएगा।

पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी का मुद्दा

रंधावा ने गृह मंत्री के समक्ष यह भी रखा कि पाकिस्तान अब केवल प्रॉक्सी वॉर तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे टकराव जैसी स्थिति पैदा कर रहा है। उनके अनुसार, पाकिस्तान की ओर से लगातार एके-47 राइफलें, पिस्टल और हैंड ग्रेनेड भारत में पहुँचाए जा रहे हैं, जो सीमावर्ती राज्य पंजाब के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है।

पंजाब सरकार पर निशाना

रंधावा ने मौजूदा पंजाब राज्य सरकार को गैंगस्टर नेटवर्क पर अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम बताया। उनका आरोप है कि सरकारी अधिकारी भी इस व्यवस्था में मिले हुए हैं, जिससे प्रभावी कार्रवाई संभव नहीं हो पा रही। उन्होंने आतंकवाद के दौर का हवाला देते हुए कहा कि उस समय पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयासों से हालात पर काबू पाया गया था — अब फिर वैसे ही संयुक्त अभियान की ज़रूरत है।

आगे की राह

रंधावा ने ज़ोर देकर कहा कि पंजाब के लोग राज्य के अशांत अतीत की पुनरावृत्ति नहीं चाहते। उन्होंने केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की माँग की, ताकि गैंगस्टरवाद का स्थायी समाधान निकाला जा सके। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पंजाब में लक्षित हत्याओं और जबरन वसूली की घटनाओं में कथित तौर पर वृद्धि दर्ज की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक विपक्षी कांग्रेस सांसद का सत्तारूढ़ दल के गृह मंत्री से मिलकर अपनी ही पार्टी-समर्थित राज्य सरकार की विफलता गिनाना — यह राजनीतिक रूप से उतना सरल नहीं है जितना बताया जा रहा है। पंजाब में गैंगस्टरवाद की समस्या नई नहीं है, लेकिन जेलों से आपराधिक नेटवर्क के संचालन का मुद्दा वर्षों से उठता रहा है और ठोस कार्रवाई अब तक सीमित रही है। असली सवाल यह है कि क्या यह बैठक केवल राजनीतिक संदेश देने का माध्यम है या इससे जमीनी स्तर पर केंद्र-राज्य समन्वय की कोई ठोस रूपरेखा बनेगी।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अमित शाह से मुलाकात क्यों की?
रंधावा ने 4 जून को प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र के आधार पर गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जिसमें पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, गैंगस्टर गतिविधियाँ और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे। रंधावा ने स्पष्ट किया कि इस बैठक का पंजाब कांग्रेस के आंतरिक मामलों से कोई संबंध नहीं है।
जेलों से मोबाइल संचालन को राष्ट्रीय खतरा क्यों बताया जा रहा है?
रंधावा के अनुसार, पंजाब की जेलों के भीतर से 24 घंटे मोबाइल फोन चलाए जा रहे हैं, जिनके ज़रिए गैंगस्टर और आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क का संचालन किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि जेल परिसर से ही आपराधिक गतिविधियाँ नियंत्रित होती रहें, तो देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत कठिन हो जाता है।
पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी पर रंधावा ने क्या कहा?
रंधावा ने गृह मंत्री को बताया कि पाकिस्तान की ओर से लगातार एके-47 राइफलें, पिस्टल और हैंड ग्रेनेड भारत में पहुँचाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, पाकिस्तान अब केवल प्रॉक्सी वॉर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीधे टकराव जैसी स्थिति पैदा कर रहा है।
रंधावा ने पंजाब सरकार पर क्या आरोप लगाए?
रंधावा ने कहा कि मौजूदा पंजाब राज्य सरकार गैंगस्टर नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करने में पूरी तरह नाकाम रही है। उनका आरोप है कि सरकारी अधिकारी भी इस व्यवस्था में मिले हुए हैं, जिससे आपराधिक नेटवर्क पर अंकुश लगाना संभव नहीं हो पा रहा।
पंजाब में गैंगस्टरवाद रोकने के लिए रंधावा ने क्या सुझाव दिया?
रंधावा ने सुझाव दिया कि जिस तरह आतंकवाद के दौर में पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने मिलकर हालात पर काबू पाया था, उसी तर्ज पर अब दोनों एजेंसियों को संयुक्त रूप से गैंगस्टरवाद के खिलाफ अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने केंद्र-राज्य समन्वय को इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए अनिवार्य बताया।
राष्ट्र प्रेस
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