बाजवा ने स्पीकर संधवां को लिखा पत्र, 3 अगस्त सत्र में पंजाब के अहम मुद्दों पर चर्चा की माँग
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को पत्र लिखकर 3 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में राज्य के ज्वलंत जनहित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए पर्याप्त समय सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। 26 जुलाई को लिखे इस पत्र में बाजवा ने कानून-व्यवस्था, वित्तीय संकट, कृषि नीति और शिक्षा सहित एक दर्जन से अधिक विषयों को सदन के पटल पर रखने की माँग की है।
मुख्य माँगें और मुद्दे
बाजवा ने अपने पत्र में सबसे पहले प्रस्तावित 'जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2008' का मसौदा सभी विधायकों को सत्र से कम से कम दो से तीन दिन पहले उपलब्ध कराने की माँग की, ताकि वे उसका गहन अध्ययन कर सकें। उन्होंने इस विधेयक पर धारा-दर-धारा विचार-विमर्श के लिए अलग से दो से तीन दिन की विशेष बहस कराने पर भी ज़ोर दिया।
कानून-व्यवस्था और बेअदबी कांड
पंजाब में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता जताते हुए बाजवा ने गैंगस्टरों द्वारा की जा रही रंगदारी और फिरौती की घटनाओं, लॉरेंस बिश्नोई के कथित विवादित साक्षात्कार, तथा प्रदर्शनकारी बिजली कर्मचारियों, मनरेगा कर्मियों और नगर परिषद कर्मचारियों के विरुद्ध कथित पुलिस ज्यादतियों पर एक दिवसीय विशेष चर्चा की माँग की। इसके अलावा उन्होंने बरगाड़ी बेअदबी कांड, बेहबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड पर अलग से विस्तृत बहस कराने की माँग करते हुए कहा कि इन मामलों में सरकार की कार्रवाई की समीक्षा कर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
वित्तीय संकट और कर्मचारी मुद्दे
राज्य की वित्तीय स्थिति पर चिंता जताते हुए बाजवा ने सरकार से पंजाब के बढ़ते कर्ज और वित्तीय हालात पर श्वेत पत्र पेश करने की माँग की। उन्होंने लंबित वेतन आयोग की सिफारिशों, महंगाई भत्ते (डीए) के बकाए, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, पीएसपीसीएल द्वारा ₹10,000 करोड़ के बॉन्ड जारी करने के प्रस्ताव तथा खनन एवं भ्रष्टाचार रोकने से अपेक्षित राजस्व प्राप्त न होने के मुद्दे भी उठाए।
कृषि, शिक्षा और भर्ती अनियमितताएँ
नेता प्रतिपक्ष ने सरकारी विज्ञापनों पर बढ़ते खर्च, कृषि संकट, राज्य के लिए व्यापक कृषि नीति की आवश्यकता और शिक्षा व्यवस्था में गिरते स्तर पर भी विशेष चर्चा की माँग की। उन्होंने राज्य में बड़ी संख्या में रिक्त अध्यापक पदों तथा बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा आयोजित 454 फार्मासिस्ट अधिकारी पदों की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी सदन में उठाने की माँग की।
लोकतांत्रिक जवाबदेही की अपील
बाजवा ने अपने पत्र में कहा कि पंजाब विधानसभा राज्य की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और इसे जवाबदेही, पारदर्शिता तथा जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक विमर्श का प्रभावी मंच बनना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्पीकर संधवां सदन की गरिमा को बनाए रखते हुए इन सभी जनहित विषयों पर पर्याप्त समय उपलब्ध कराएंगे। यह पत्र आगामी सत्र से पहले विपक्ष की तैयारी और सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।