26 जुलाई 2026
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बाजवा ने स्पीकर संधवां को लिखा पत्र, 3 अगस्त सत्र में पंजाब के अहम मुद्दों पर चर्चा की माँग

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बाजवा ने स्पीकर संधवां को लिखा पत्र, 3 अगस्त सत्र में पंजाब के अहम मुद्दों पर चर्चा की माँग

सारांश

पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने 3 अगस्त के सत्र से पहले स्पीकर को पत्र लिखकर कानून-व्यवस्था, बेअदबी कांड, ₹10,000 करोड़ के पीएसपीसीएल बॉन्ड और भर्ती अनियमितताओं सहित एक दर्जन से अधिक ज्वलंत मुद्दों पर विस्तृत बहस की माँग की है।

मुख्य बातें

प्रताप सिंह बाजवा ने 26 जुलाई को स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को पत्र लिखकर 3 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में जनहित मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा समय की माँग की।
'जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2008' का मसौदा सत्र से दो से तीन दिन पहले विधायकों को देने और धारा-दर-धारा बहस की माँग।
गैंगस्टर रंगदारी, लॉरेंस बिश्नोई के कथित साक्षात्कार और कर्मचारियों पर कथित पुलिस ज्यादती पर एक दिवसीय विशेष चर्चा की माँग।
बरगाड़ी बेअदबी कांड , बेहबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड पर अलग से विस्तृत बहस और सरकार की जवाबदेही तय करने की माँग।
पंजाब के बढ़ते कर्ज पर श्वेत पत्र , पीएसपीसीएल के ₹10,000 करोड़ बॉन्ड प्रस्ताव और 454 फार्मासिस्ट भर्ती में कथित अनियमितताओं पर चर्चा की माँग।

पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को पत्र लिखकर 3 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में राज्य के ज्वलंत जनहित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए पर्याप्त समय सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। 26 जुलाई को लिखे इस पत्र में बाजवा ने कानून-व्यवस्था, वित्तीय संकट, कृषि नीति और शिक्षा सहित एक दर्जन से अधिक विषयों को सदन के पटल पर रखने की माँग की है।

मुख्य माँगें और मुद्दे

बाजवा ने अपने पत्र में सबसे पहले प्रस्तावित 'जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2008' का मसौदा सभी विधायकों को सत्र से कम से कम दो से तीन दिन पहले उपलब्ध कराने की माँग की, ताकि वे उसका गहन अध्ययन कर सकें। उन्होंने इस विधेयक पर धारा-दर-धारा विचार-विमर्श के लिए अलग से दो से तीन दिन की विशेष बहस कराने पर भी ज़ोर दिया।

कानून-व्यवस्था और बेअदबी कांड

पंजाब में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता जताते हुए बाजवा ने गैंगस्टरों द्वारा की जा रही रंगदारी और फिरौती की घटनाओं, लॉरेंस बिश्नोई के कथित विवादित साक्षात्कार, तथा प्रदर्शनकारी बिजली कर्मचारियों, मनरेगा कर्मियों और नगर परिषद कर्मचारियों के विरुद्ध कथित पुलिस ज्यादतियों पर एक दिवसीय विशेष चर्चा की माँग की। इसके अलावा उन्होंने बरगाड़ी बेअदबी कांड, बेहबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड पर अलग से विस्तृत बहस कराने की माँग करते हुए कहा कि इन मामलों में सरकार की कार्रवाई की समीक्षा कर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

वित्तीय संकट और कर्मचारी मुद्दे

राज्य की वित्तीय स्थिति पर चिंता जताते हुए बाजवा ने सरकार से पंजाब के बढ़ते कर्ज और वित्तीय हालात पर श्वेत पत्र पेश करने की माँग की। उन्होंने लंबित वेतन आयोग की सिफारिशों, महंगाई भत्ते (डीए) के बकाए, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, पीएसपीसीएल द्वारा ₹10,000 करोड़ के बॉन्ड जारी करने के प्रस्ताव तथा खनन एवं भ्रष्टाचार रोकने से अपेक्षित राजस्व प्राप्त न होने के मुद्दे भी उठाए।

कृषि, शिक्षा और भर्ती अनियमितताएँ

नेता प्रतिपक्ष ने सरकारी विज्ञापनों पर बढ़ते खर्च, कृषि संकट, राज्य के लिए व्यापक कृषि नीति की आवश्यकता और शिक्षा व्यवस्था में गिरते स्तर पर भी विशेष चर्चा की माँग की। उन्होंने राज्य में बड़ी संख्या में रिक्त अध्यापक पदों तथा बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा आयोजित 454 फार्मासिस्ट अधिकारी पदों की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी सदन में उठाने की माँग की।

लोकतांत्रिक जवाबदेही की अपील

बाजवा ने अपने पत्र में कहा कि पंजाब विधानसभा राज्य की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और इसे जवाबदेही, पारदर्शिता तथा जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक विमर्श का प्रभावी मंच बनना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्पीकर संधवां सदन की गरिमा को बनाए रखते हुए इन सभी जनहित विषयों पर पर्याप्त समय उपलब्ध कराएंगे। यह पत्र आगामी सत्र से पहले विपक्ष की तैयारी और सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर जवाबदेही का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। ₹10,000 करोड़ के पीएसपीसीएल बॉन्ड प्रस्ताव और बढ़ते राज्य कर्ज पर श्वेत पत्र की माँग वित्तीय पारदर्शिता के लिहाज से जायज़ है, लेकिन सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार का अब तक का रवैया बताता है कि इन पर सार्थक बहस की उम्मीद कम है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रताप सिंह बाजवा ने स्पीकर को पत्र क्यों लिखा?
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने 3 अगस्त से शुरू होने वाले पंजाब विधानसभा सत्र में कानून-व्यवस्था, वित्तीय संकट, बेअदबी कांड और शिक्षा जैसे जनहित मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा समय सुनिश्चित करने के लिए स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को पत्र लिखा। उनका कहना है कि इन विषयों पर जल्दबाजी में कार्यवाही नहीं होनी चाहिए।
पंजाब विधानसभा का अगला सत्र कब शुरू होगा?
पंजाब विधानसभा का अगला सत्र 3 अगस्त से शुरू होने वाला है। बाजवा ने माँग की है कि इस सत्र में एक दर्जन से अधिक अहम मुद्दों पर विस्तृत बहस के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया जाए।
बाजवा ने किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा की माँग की है?
बाजवा ने गैंगस्टर रंगदारी, लॉरेंस बिश्नोई का कथित साक्षात्कार, बरगाड़ी बेअदबी कांड, बेहबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड, पंजाब का बढ़ता कर्ज, पीएसपीसीएल के ₹10,000 करोड़ के बॉन्ड प्रस्ताव, कृषि नीति, शिक्षा स्तर और 454 फार्मासिस्ट भर्ती में कथित अनियमितताओं पर चर्चा की माँग की है।
जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार विधेयक पर बाजवा की क्या माँग है?
बाजवा ने माँग की है कि प्रस्तावित 'जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2008' का मसौदा सभी विधायकों को सत्र से कम से कम दो से तीन दिन पहले उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही उन्होंने इस विधेयक पर धारा-दर-धारा विचार-विमर्श के लिए दो से तीन दिन की विशेष बहस कराने की भी माँग की है।
पंजाब सरकार के वित्तीय संकट पर बाजवा ने क्या कहा?
बाजवा ने राज्य सरकार से पंजाब के बढ़ते कर्ज और वित्तीय हालात पर श्वेत पत्र पेश करने की माँग की है। उन्होंने लंबित वेतन आयोग सिफारिशें, डीए बकाया, पुरानी पेंशन योजना, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने और पीएसपीसीएल के ₹10,000 करोड़ बॉन्ड प्रस्ताव पर भी सदन में चर्चा की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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