पंजाब सुरक्षा पर गृह मंत्री से मिले कांग्रेस सांसद रंधावा, बोले — मुलाकात को राजनीतिक रंग देना गलत
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने 3 जुलाई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री से अपनी मुलाकात को लेकर उठ रही राजनीतिक अटकलों को सिरे से खारिज किया। रंधावा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर स्पष्ट किया कि यह बैठक पहले से निर्धारित थी और इसका एकमात्र उद्देश्य पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर ज्ञापन सौंपना था। उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया संस्थान इस मुलाकात को अनावश्यक राजनीतिक रंग दे रहे हैं, जो उचित नहीं है।
पंजाब सुरक्षा पर PM को भी लिखा था विस्तृत पत्र
रंधावा ने बताया कि इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी एक विस्तृत पत्र लिखकर पंजाब के अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र की गंभीर सुरक्षा स्थिति से अवगत कराया था। पत्र में उन्होंने रेखांकित किया कि गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का जैसे सीमावर्ती जिले अब केवल राज्य की कानून-व्यवस्था का मसला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौती बन चुके हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सुरक्षा और शासन के मुद्दे तेजी से राजनीतिक केंद्र में आ रहे हैं।
पाक-समर्थित आतंकी गतिविधियों और हत्याओं का ब्यौरा
पत्र में रंधावा ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल, ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी, विदेशों से संचालित गैंगस्टर नेटवर्क और रंगदारी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कई घटनाओं का उल्लेख किया, जिनमें प्रमुख हैं:
24 फरवरी 2026 को गुरदासपुर के अधियां गांव में कथित तौर पर पाकिस्तान की आईएसआई के निर्देश पर एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार की गोली मारकर हत्या — जिसे रंधावा ने भारतीय धरती पर पाकिस्तान प्रायोजित हमला बताया। दिसंबर 2024 में गुरदासपुर के बक्शीवाल पुलिस स्टेशन पर खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) द्वारा ग्रेनेड हमला भी पत्र में दर्ज किया गया।
इसके अलावा पत्र में ₹50 लाख की रंगदारी न देने पर गुरदासपुर में दवा कारोबारी रणबीर सिंह बेदी की हत्या, कलानौर में मेडिकल स्टोर और निजी अस्पताल पर फायरिंग, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के नेता विजय कुमार सोनी के पेट्रोल पंप पर ₹2 करोड़ की रंगदारी मांगने के बाद हमला, अमृतसर में एक एनआरआई से ₹70 लाख की रंगदारी और 1 जनवरी 2026 को आप सरपंच जरमल सिंह की हत्या का भी विवरण दिया गया।
ड्रग तस्करी और विदेशी गैंगस्टर नेटवर्क
रंधावा ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2026 में अमृतसर में सीमा पार से लाई गई 4 किलो हेरोइन और 4 पिस्तौल के साथ एक मॉड्यूल पकड़ा गया। उनके अनुसार कनाडा, अमेरिका और पुर्तगाल में बैठे गैंगस्टर पंजाब में अपराधों को दूर से संचालित कर रहे हैं — जो राज्य पुलिस की पहुँच से परे एक अंतरराष्ट्रीय चुनौती है।
पंजाब पुलिस पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद ने पत्र में आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में पुलिस के कथित राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईमानदार अधिकारियों का तबादला किया जा रहा है, जबकि महत्वपूर्ण पदों पर राजनीतिक रूप से अनुकूल अधिकारियों की नियुक्ति हो रही है। उन्होंने मई 2026 में एएसआई जोगा सिंह की हत्या और जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में राज्यभर में हुई नौ हत्याओं का भी उल्लेख किया।
केंद्र से की ये पाँच प्रमुख माँगें
रंधावा ने प्रधानमंत्री से माँग की कि गृह मंत्रालय, एनआईए, आईबी, बीएसएफ और पंजाब पुलिस के बीच उच्चस्तरीय समन्वय स्थापित किया जाए। साथ ही गुरदासपुर-अमृतसर-पठानकोट सीमा क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करने, कनाडा, अमेरिका और पुर्तगाल में बैठे गैंगस्टरों के खिलाफ कूटनीतिक व कानूनी कार्रवाई करने, पंजाब सरकार को पुलिस का निष्पक्ष उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश देने और पाकिस्तान से होने वाली ड्रोन, हथियार व नशे की तस्करी की तत्काल समीक्षा कराने की अपील की। गौरतलब है कि पंजाब में 117 सीटों वाला अगला विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित है, और इस पृष्ठभूमि में यह राजनीतिक-सुरक्षा बहस और तीखी होती जा रही है।