3 जुलाई 2026
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पंजाब सुरक्षा पर गृह मंत्री से मिले कांग्रेस सांसद रंधावा, बोले — मुलाकात को राजनीतिक रंग देना गलत

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पंजाब सुरक्षा पर गृह मंत्री से मिले कांग्रेस सांसद रंधावा, बोले — मुलाकात को राजनीतिक रंग देना गलत

सारांश

कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गृह मंत्री से मुलाकात को राजनीतिक बताए जाने पर सफाई दी। उन्होंने पंजाब में पाक-समर्थित आतंकी मॉड्यूल, ड्रोन तस्करी, विदेशी गैंगस्टर नेटवर्क और पुलिस के राजनीतिक दुरुपयोग का ब्यौरा देते हुए केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने 3 जुलाई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात की और पंजाब की सुरक्षा स्थिति पर ज्ञापन सौंपा।
रंधावा ने एक्स पर स्पष्ट किया कि मुलाकात पूर्व-निर्धारित थी और इसे राजनीतिक रंग देना गलत है।
24 फरवरी 2026 को गुरदासपुर में कथित ISI निर्देश पर एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार की हत्या का उल्लेख किया गया।
अप्रैल 2026 में अमृतसर में 4 किलो हेरोइन और 4 पिस्तौल के साथ पाक-समर्थित मॉड्यूल पकड़ा गया।
कनाडा, अमेरिका और पुर्तगाल से संचालित गैंगस्टर नेटवर्क और AAP सरकार में पुलिस के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाया।
पंजाब में 117 सीटों के लिए अगला विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित है।

कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने 3 जुलाई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री से अपनी मुलाकात को लेकर उठ रही राजनीतिक अटकलों को सिरे से खारिज किया। रंधावा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर स्पष्ट किया कि यह बैठक पहले से निर्धारित थी और इसका एकमात्र उद्देश्य पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर ज्ञापन सौंपना था। उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया संस्थान इस मुलाकात को अनावश्यक राजनीतिक रंग दे रहे हैं, जो उचित नहीं है।

पंजाब सुरक्षा पर PM को भी लिखा था विस्तृत पत्र

रंधावा ने बताया कि इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी एक विस्तृत पत्र लिखकर पंजाब के अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र की गंभीर सुरक्षा स्थिति से अवगत कराया था। पत्र में उन्होंने रेखांकित किया कि गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का जैसे सीमावर्ती जिले अब केवल राज्य की कानून-व्यवस्था का मसला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौती बन चुके हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सुरक्षा और शासन के मुद्दे तेजी से राजनीतिक केंद्र में आ रहे हैं।

पाक-समर्थित आतंकी गतिविधियों और हत्याओं का ब्यौरा

पत्र में रंधावा ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल, ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी, विदेशों से संचालित गैंगस्टर नेटवर्क और रंगदारी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कई घटनाओं का उल्लेख किया, जिनमें प्रमुख हैं:

24 फरवरी 2026 को गुरदासपुर के अधियां गांव में कथित तौर पर पाकिस्तान की आईएसआई के निर्देश पर एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार की गोली मारकर हत्या — जिसे रंधावा ने भारतीय धरती पर पाकिस्तान प्रायोजित हमला बताया। दिसंबर 2024 में गुरदासपुर के बक्शीवाल पुलिस स्टेशन पर खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) द्वारा ग्रेनेड हमला भी पत्र में दर्ज किया गया।

इसके अलावा पत्र में ₹50 लाख की रंगदारी न देने पर गुरदासपुर में दवा कारोबारी रणबीर सिंह बेदी की हत्या, कलानौर में मेडिकल स्टोर और निजी अस्पताल पर फायरिंग, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के नेता विजय कुमार सोनी के पेट्रोल पंप पर ₹2 करोड़ की रंगदारी मांगने के बाद हमला, अमृतसर में एक एनआरआई से ₹70 लाख की रंगदारी और 1 जनवरी 2026 को आप सरपंच जरमल सिंह की हत्या का भी विवरण दिया गया।

ड्रग तस्करी और विदेशी गैंगस्टर नेटवर्क

रंधावा ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2026 में अमृतसर में सीमा पार से लाई गई 4 किलो हेरोइन और 4 पिस्तौल के साथ एक मॉड्यूल पकड़ा गया। उनके अनुसार कनाडा, अमेरिका और पुर्तगाल में बैठे गैंगस्टर पंजाब में अपराधों को दूर से संचालित कर रहे हैं — जो राज्य पुलिस की पहुँच से परे एक अंतरराष्ट्रीय चुनौती है।

पंजाब पुलिस पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद ने पत्र में आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में पुलिस के कथित राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईमानदार अधिकारियों का तबादला किया जा रहा है, जबकि महत्वपूर्ण पदों पर राजनीतिक रूप से अनुकूल अधिकारियों की नियुक्ति हो रही है। उन्होंने मई 2026 में एएसआई जोगा सिंह की हत्या और जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में राज्यभर में हुई नौ हत्याओं का भी उल्लेख किया।

केंद्र से की ये पाँच प्रमुख माँगें

रंधावा ने प्रधानमंत्री से माँग की कि गृह मंत्रालय, एनआईए, आईबी, बीएसएफ और पंजाब पुलिस के बीच उच्चस्तरीय समन्वय स्थापित किया जाए। साथ ही गुरदासपुर-अमृतसर-पठानकोट सीमा क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करने, कनाडा, अमेरिका और पुर्तगाल में बैठे गैंगस्टरों के खिलाफ कूटनीतिक व कानूनी कार्रवाई करने, पंजाब सरकार को पुलिस का निष्पक्ष उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश देने और पाकिस्तान से होने वाली ड्रोन, हथियार व नशे की तस्करी की तत्काल समीक्षा कराने की अपील की। गौरतलब है कि पंजाब में 117 सीटों वाला अगला विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित है, और इस पृष्ठभूमि में यह राजनीतिक-सुरक्षा बहस और तीखी होती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 2027 चुनाव से पहले एक कांग्रेस सांसद का भाजपा के गृह मंत्री से मिलना स्वाभाविक रूप से राजनीतिक चर्चा को आमंत्रित करता है। असली सवाल यह नहीं कि मुलाकात क्यों हुई — बल्कि यह है कि पंजाब में जो सुरक्षा संकट वे रेखांकित कर रहे हैं, उस पर राज्य सरकार और केंद्र दोनों की जवाबदेही क्या है। ड्रोन तस्करी, विदेशी गैंगस्टर नेटवर्क और सीमावर्ती जिलों में बढ़ती रंगदारी — ये मुद्दे चुनावी बयानबाजी से बड़े हैं। मुख्यधारा की कवरेज मुलाकात की राजनीति पर अटकी है, जबकि पत्र में दर्ज घटनाओं की स्वतंत्र जाँच और जवाबदेही पर बहस होनी चाहिए।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गृह मंत्री से मुलाकात क्यों की?
रंधावा ने स्पष्ट किया कि यह बैठक पहले से तय थी और इसका उद्देश्य पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर ज्ञापन सौंपना था। उन्होंने एक्स पर कहा कि इसे राजनीतिक रंग देना गलत है।
रंधावा ने PM मोदी को लिखे पत्र में क्या उठाया था?
पत्र में पंजाब के सीमावर्ती जिलों में पाक-समर्थित आतंकी मॉड्यूल, ड्रोन से हथियार व नशे की तस्करी, विदेशी गैंगस्टर नेटवर्क और रंगदारी की बढ़ती घटनाओं का विस्तृत ब्यौरा दिया गया था। उन्होंने इसे राज्य नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बताया।
पंजाब में किन प्रमुख सुरक्षा घटनाओं का उल्लेख किया गया?
24 फरवरी 2026 को गुरदासपुर में कथित ISI निर्देश पर दो सुरक्षाकर्मियों की हत्या, दिसंबर 2024 में बक्शीवाल थाने पर KZF का ग्रेनेड हमला, अप्रैल 2026 में 4 किलो हेरोइन व 4 पिस्तौल के साथ मॉड्यूल की गिरफ्तारी और जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में नौ हत्याएं प्रमुख हैं।
रंधावा ने केंद्र से क्या माँगें रखीं?
उन्होंने गृह मंत्रालय, एनआईए, आईबी, बीएसएफ और पंजाब पुलिस के बीच उच्चस्तरीय समन्वय, सीमा क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करने, विदेश में बैठे गैंगस्टरों के खिलाफ कूटनीतिक कार्रवाई और ड्रोन-हथियार तस्करी की तत्काल समीक्षा की माँग की।
इस मुद्दे का पंजाब चुनाव 2027 से क्या संबंध है?
पंजाब में 117 सीटों वाला विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित है। चुनाव से पहले सुरक्षा और शासन के मुद्दे राजनीतिक केंद्र में आ रहे हैं, और विपक्ष व सत्तारूढ़ दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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