पंजाब में लोकतंत्र का मंदिर अब खतरे में: प्रताप सिंह बाजवा का गंभीर आरोप

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पंजाब में लोकतंत्र का मंदिर अब खतरे में: प्रताप सिंह बाजवा का गंभीर आरोप

सारांश

पंजाब में लोकतंत्र का मंदिर, विधानसभा, अब सुरक्षित नहीं रहा। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सुरक्षा में चूक हो रही है। जानें क्या है इस विवाद का पूरा मामला।

मुख्य बातें

पंजाब विधानसभा में सुरक्षा उल्लंघन हुआ है।
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
आम आदमी पार्टी की सरकार पर कानून-व्यवस्था में नाकामी का आरोप।
प्रदर्शन की मंजूरी नहीं मिली थी।
इस मामले की जांच की मांग की गई है।

चंडीगढ़, ६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब कांग्रेस लेजिस्लेचर पार्टी की बैठक सेक्टर-१, चंडीगढ़ में नेता प्रतिपक्ष की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस दौरान आम आदमी पार्टी के विधायकों, मंत्रियों, बैंड बजाने वालों और कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने विधानसभा भवन के परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।

पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "पंजाब को पहले आम आदमी के लिए असुरक्षित बनाया गया, और अब लोकतंत्र का मंदिर, विधानसभा भी सुरक्षित नहीं है। बिना पास और प्रक्रिया का पालन किए, अनजान लोगों को विधानसभा में प्रवेश करने देना सुरक्षा में एक गंभीर उल्लंघन है।"

उन्होंने आगे कहा, "यह लापरवाही भरा कदम पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार की कानून-व्यवस्था में नाकामी को दर्शाता है। जब विधानसभा ही खतरे में है, तो आम पंजाब के लोग किस सुरक्षा की उम्मीद कर सकते हैं?"

बाजवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी वही कदम उठा रही है, जिसे पहले वे गलत बताते थे। भगवंत मान की सरकार पंजाब को बर्बादी की ओर ले जा रही है और इन्होंने पंजाब की जनता के लिए कोई काम नहीं किया है।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से, आम आदमी पार्टी द्वारा किए गए इस उल्लंघन का मतलब है कि विधानसभा के नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन किया गया है, खासकर जब आज पंजाब विधानसभा का बजट सत्र है।

यह बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन को चंडीगढ़ प्रशासन या पंजाब विधानसभा के स्पीकर ने मंजूरी नहीं दी थी। कांग्रेस का कहना है कि ऐसा करना बिल्कुल भी उचित नहीं है। गवर्नर के आगमन से पहले ऐसा करना सुरक्षा में सेंध लगाने के समान है और इस मामले की जांच होनी चाहिए कि प्राइवेट व्यक्तियों को विधानसभा में प्रवेश पास किसने जारी किए। इसके बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब विधानसभा में क्या हुआ?
पंजाब कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने विधानसभा परिसर में सुरक्षा उल्लंघन का आरोप लगाया है, जहां आम आदमी पार्टी के विधायकों ने विरोध प्रदर्शन किया।
क्या इस प्रदर्शन को मंजूरी मिली थी?
यह प्रदर्शन चंडीगढ़ प्रशासन या पंजाब विधानसभा के स्पीकर द्वारा मंजूरी नहीं दी गई थी।
प्रताप सिंह बाजवा के आरोप क्या हैं?
उन्होंने कहा है कि विधानसभा में अनजान लोगों को बिना पास और प्रक्रिया के प्रवेश दिया गया, जो सुरक्षा में बड़ा उल्लंघन है।
भगवंत मान की सरकार पर क्या आरोप हैं?
प्रताप सिंह बाजवा ने कहा है कि भगवंत मान की सरकार पंजाब को बर्बादी की ओर ले जा रही है।
क्या इस मामले की जांच होगी?
कांग्रेस ने इस मामले की जांच की मांग की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्राइवेट लोगों को विधानसभा में प्रवेश पास किसने जारी किए।
राष्ट्र प्रेस
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