केरल में BJP युवा मोर्चा का CM सतीशन के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध, कांग्रेस दफ्तरों पर पथराव
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के युवा संगठन भाजपा युवा मोर्चा ने 30 सितंबर को पूरे केरल में मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन तेज कर दिए। इन प्रदर्शनों को पिछले सप्ताह कोल्लम दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन का सीधा जवाब माना जा रहा है। इस राजनीतिक टकराव ने सत्ताधारी कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) और BJP के बीच संघर्ष को सड़कों पर ला दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार तड़के, जब मुख्यमंत्री सतीशन दिल्ली से लौटकर तिरुवनंतपुरम स्थित अपने सरकारी आवास की ओर जा रहे थे, तब युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले के मार्ग पर विरोध-प्रदर्शन किया। इसके अलावा राज्य के खेल मंत्री एवं यूथ कांग्रेस अध्यक्ष ओ.के. जनीश की गाड़ी गुजरने पर भी युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने उनके विरुद्ध प्रदर्शन किया।
इन घटनाओं के बीच कथित तौर पर एक जिले में कांग्रेस के दो दफ्तरों में तोड़-फोड़ की गई और पत्थरबाजी हुई। यह स्थिति तब और संवेदनशील हो गई जब नई सरकार पहले से ही विपक्षी संगठनों के आक्रामक सड़क-प्रदर्शनों का सामना कर रही है।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन लोकतांत्रिक राजनीति का अंग हैं और उन्हें किया जा सकता है, किंतु 'तोड़-फोड़ को स्वीकार नहीं किया जा सकता।' उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष एवं बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने भी हमलों पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि राजनीतिक विरोध कभी भी हिंसा या संपत्ति विनाश का रूप नहीं लेना चाहिए।
CM सतीशन की सुरक्षा पर नई चिंता
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सतीशन ने पद संभालने के बाद से ही जानबूझकर अपना सुरक्षा काफिला छोटा रखा है। अपने पूर्ववर्ती पिनाराई विजयन के विपरीत, वे केवल एक पायलट वाहन और एक एस्कॉर्ट गाड़ी के साथ यात्रा करते रहे हैं। बुधवार सुबह एक कार्यक्रम के उद्घाटन पर पहुँचने के दौरान एक अतिरिक्त पायलट गाड़ी देखकर उन्होंने कथित तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
हालाँकि, ताजा विरोध-प्रदर्शनों ने सरकार के भीतर मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएँ उत्पन्न कर दी हैं, क्योंकि दोनों दलों के युवा संगठनों के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब केरल में UDF सरकार अभी नई है और BJP राज्य में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। कोल्लम में गृह मंत्री शाह के दौरे के दौरान यूथ कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन ने BJP को पलटवार का अवसर दे दिया। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों की यह 'प्रतिशोधात्मक प्रदर्शन राजनीति' केरल की सड़कों पर कानून-व्यवस्था की स्थिति को जटिल बना सकती है।
आगे क्या होगा
BJP के युवा संगठनों ने संकेत दिया है कि उनके सड़क-प्रदर्शन आगे भी जारी रहेंगे। इससे आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक तनाव बना रहने की आशंका है। राज्य पुलिस और प्रशासन पर यह दबाव होगा कि वे किसी भी हिंसा को रोकते हुए लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार को भी सुनिश्चित करें।