BJP केरल अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर का CM सतीशन से सवाल: कांग्रेस के 'गैर-कानूनी सरकार' वाले बयान पर दें जवाब
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केरल अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने 8 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन से माँग की कि वे कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के उस बयान पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण दें, जिसमें दावा किया गया था कि केरल की यूडीएफ सरकार 'कानूनी रूप से' चुनी हुई नहीं है। तिरुवनंतपुरम में आयोजित BJP की 'मिशन 2029' राज्य नेतृत्व बैठक में यह माँग उठाई गई।
मुख्य घटनाक्रम
विधायक चंद्रशेखर ने बैठक में कहा, 'अगर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने ऐसा रुख अपनाया है तो मुख्यमंत्री को इसे स्पष्ट करना चाहिए। मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर चुप नहीं रहना चाहिए।' यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब केरल में भाजपा अपनी उपस्थिति को मुख्य विपक्षी दल के रूप में स्थापित करने में जुटी है।
चंद्रशेखर ने दावा किया कि हालिया विधानसभा चुनाव के बाद यह पुरानी धारणा टूट गई है कि भाजपा केरल में चुनाव नहीं जीत सकती। उन्होंने कहा, 'हमें लोगों के बीच यह भावना मजबूत करनी होगी कि केरल में भाजपा ही मुख्य विपक्षी दल है।'
यूडीएफ सरकार पर हमला
चंद्रशेखर ने यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार के कामकाज पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को सत्ता संभाले 140 दिन बीत चुके हैं, लेकिन 'नया केरल' बनाने का वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ। उनके अनुसार आम लोग बिजली कटौती, महंगाई, बेरोजगारी और विकास की धीमी रफ्तार की मार झेल रहे हैं।
मिशन 2029 की तैयारी
चंद्रशेखर ने पार्टी कार्यकर्ताओं से 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी तत्काल शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि जनसेवा ही BJP की राजनीति का आधार होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'सिर्फ फेसबुक पर पोस्ट करने से राजनीतिक नतीजे नहीं मिलेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं को लोगों तक पहुंचना चाहिए, उनकी समस्याएं समझनी चाहिए, और उन्हें पार्टी की नीतियों एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों के बारे में बताना चाहिए।'
बैठक में शामिल प्रमुख नेता
इस बैठक में BJP केरल के प्रभारी व राज्यसभा सदस्य एम. नागराज और केरल के सह-प्रभारी एम. वेंकटेशन भी उपस्थित रहे। बैठक से पूर्व के.जी. मरार भवन में दोनों नेताओं का स्वागत किया गया। BJP कोर कमेटी और 'मिशन 2029' राज्य नेतृत्व बैठक एक ही दिन आयोजित की गई।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के कथित बयान पर अभी तक मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। BJP अब इस मुद्दे को 2029 तक राजनीतिक रूप से जीवित रखना चाहती है। केरल में विपक्ष की भूमिका को लेकर BJP और LDF-UDF के बीच यह नई प्रतिस्पर्धा राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकती है।