अरब सागर में 526 किलो ड्रग्स जब्त, 5 पाकिस्तानी गिरफ्तार; अमित शाह बोले- युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रतिबद्ध
सारांश
मुख्य बातें
गृह मंत्री अमित शाह ने 30 सितंबर 2026 को जानकारी दी कि भारतीय तटरक्षक बल (ICG), गुजरात आतंकवाद-रोधी दस्ता (ATS) और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के एक संयुक्त अभियान में अरब सागर में एक ईरानी नाव से 526 किलोग्राम मेथाम्फेटामाइन और हेरोइन जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹3,000 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। इस ऑपरेशन में पाँच पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है और जब्त नाव व उसके दल को आगे की जाँच के लिए मुंबई लाया गया है।
ऑपरेशन का पूरा घटनाक्रम
भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार, यह खुफिया जानकारी पर आधारित संयुक्त अभियान 16 दिनों तक चला। ICG इकाइयों ने लक्षद्वीप के पश्चिम में एक संदिग्ध ईरानी नाव को चिह्नित किया, उसका लगातार पीछा किया और तेज़ी से उस पर चढ़कर नशीले पदार्थों की तस्करी के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को नाकाम किया।
यह नाव लक्षद्वीप से 160 नॉटिकल मील उत्तर-पश्चिम और मुंबई से 490 नॉटिकल मील दक्षिण-पश्चिम में भारत के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन (EEZ) में थी। ऑपरेशन में ईरानी नाव को भी जब्त कर लिया गया।
अमित शाह की प्रतिक्रिया
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'मोदी सरकार युवाओं को ड्रग्स की बुराई से बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गुजरात ATS, इंडियन कोस्ट गार्ड और सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसियों के एक जॉइंट ऑपरेशन में भारत के EEZ में एक ईरानी नाव से 526 किलोग्राम मेथाम्फेटामाइन और हेरोइन जब्त की गई है।'
उन्होंने आगे कहा कि पाँच पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है और इस नेटवर्क के बड़े सूत्रधारों तथा तस्करी के रास्तों की पहचान के लिए जाँच जारी है। शाह ने इसे एजेंसियों के बीच 'बेहतरीन तालमेल और सहयोग' का उदाहरण बताया।
जब्त माल और गिरफ्तारी का ब्यौरा
जब्त किए गए 526 किलोग्राम नशीले पदार्थों में उच्च-गुणवत्ता वाली हेरोइन और मेथाम्फेटामाइन शामिल हैं। तटरक्षक बल के अनुसार इनकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत ₹3,000 करोड़ से अधिक आँकी गई है। नाव पर सवार सभी पाँच पाकिस्तानी क्रू सदस्यों को हिरासत में लेकर मुंबई लाया गया है, जहाँ कई एजेंसियाँ मिलकर पूछताछ कर रही हैं।
आम जनता और 'नशामुक्त भारत' पर असर
भारतीय तटरक्षक बल ने स्पष्ट किया है कि देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ अभियान में वह पूरी तरह सतर्क है। गौरतलब है कि यह ऑपरेशन केंद्र सरकार के 'नशामुक्त भारत' अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी तटीय इलाकों में समुद्री रास्ते से नशीले पदार्थों की तस्करी की घटनाएँ बढ़ी हैं। जाँच एजेंसियाँ इस नेटवर्क के भारत स्थित संपर्कों तक पहुँचने की कोशिश में हैं।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार पाकिस्तानी नागरिकों से पूछताछ के आधार पर तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की जाएगी। कानूनी कार्रवाई के तहत मामला संबंधित एजेंसियों को सौंपा गया है। तटरक्षक बल ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में इस तरह के संयुक्त समुद्री अभियान और तेज़ किए जाएंगे।