₹182 करोड़ की 'कैप्टागन' जब्त: ऑपरेशन रेजपिल में NCB की बड़ी कामयाबी, एक विदेशी नागरिक गिरफ्तार

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₹182 करोड़ की 'कैप्टागन' जब्त: ऑपरेशन रेजपिल में NCB की बड़ी कामयाबी, एक विदेशी नागरिक गिरफ्तार

सारांश

भारत में पहली बार 'जिहादी ड्रग' कैप्टागन की ₹182 करोड़ की खेप पकड़ी गई है। NCB का ऑपरेशन रेजपिल सिर्फ एक बरामदगी नहीं — यह मध्य पूर्व से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के भारत में पाँव पसारने की कोशिश का खुलासा है।

मुख्य बातें

NCB के ऑपरेशन रेजपिल के तहत ₹182 करोड़ मूल्य की कैप्टागन ड्रग जब्त की गई — भारत में इस ड्रग की पहली बड़ी बरामदगी।
कार्रवाई में एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने 16 मई को एक्स पर जानकारी देते हुए NCB टीम की सराहना की।
कैप्टागन एम्फेटामिन-आधारित ड्रग है, जिसे मध्य पूर्व के आतंकी संगठनों में इस्तेमाल के कारण 'जिहादी ड्रग' कहा जाता है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत से आने-जाने वाले हर एक ग्राम नशीले पदार्थ पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने ऑपरेशन रेजपिल के तहत ₹182 करोड़ मूल्य की कैप्टागन ड्रग की खेप जब्त की है — यह भारत में इस ड्रग की पहली बड़ी बरामदगी मानी जा रही है। इस अंतरराष्ट्रीय अभियान में एक विदेशी नागरिक को भी हिरासत में लिया गया है। 16 मई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा की।

ऑपरेशन रेजपिल: क्या है यह अभियान

NCB द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित ऑपरेशन रेजपिल का मुख्य उद्देश्य अवैध ड्रग तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करना है। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान केंद्र सरकार की 'ड्रग-फ्री इंडिया' मुहिम का हिस्सा है। इस कार्रवाई को भारत की ड्रग-विरोधी नीति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया जा रहा है।

कैप्टागन: 'जिहादी ड्रग' की पहचान और खतरा

कैप्टागन असल में फेनेथिलिन नामक एम्फेटामिन-आधारित मादक पदार्थ का एक रूप है। मध्य पूर्व के युद्धग्रस्त क्षेत्रों में सक्रिय आतंकी संगठनों के लड़ाकों के बीच इसके व्यापक इस्तेमाल के कारण इसे कथित तौर पर 'जिहादी ड्रग' कहा जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, इस ड्रग के सेवन से दर्द, भय और थकान की अनुभूति कम हो जाती है, जिसके चलते इसे हिंसक गतिविधियों में उपयोग किया जाता रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि कैप्टागन जैसे मादक पदार्थ न केवल युवाओं को बर्बाद करते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय अपराध और आतंकी नेटवर्क को भी वित्तीय बल देते हैं।

अमित शाह की प्रतिक्रिया और सरकार का रुख

गृह मंत्री अमित शाह ने NCB की टीम को 'बहादुर और सतर्क योद्धा' बताते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी भूमि का उपयोग किसी भी परिस्थिति में ड्रग तस्करी के लिए नहीं होने देगा। शाह ने कहा, 'देश में आने या यहाँ से बाहर भेजे जाने वाले हर एक ग्राम नशीले पदार्थ पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।' यह बयान केंद्र सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की पुष्टि करता है।

आम जनता और युवाओं पर असर

विशेषज्ञों के अनुसार, कैप्टागन जैसी एम्फेटामिन-आधारित ड्रग्स का प्रसार भारतीय युवाओं के लिए गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरा उत्पन्न कर सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। NCB की यह बरामदगी दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क भारत को ट्रांजिट या गंतव्य के रूप में निशाना बना रहे हैं।

आगे क्या होगा

गिरफ्तार विदेशी नागरिक से पूछताछ जारी है और जाँच एजेंसियाँ इस तस्करी नेटवर्क की अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को खंगाल रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन रेजपिल अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

अब मध्य पूर्व से जुड़े एम्फेटामिन नेटवर्क भारत को निशाना बना रहे हैं। ऑपरेशन रेजपिल की सफलता उत्साहजनक है, लेकिन असली सवाल यह है कि यह खेप भारत तक पहुँची कैसे और इसकी आपूर्ति श्रृंखला में कौन-से घरेलू तत्व शामिल थे। गिरफ्तार विदेशी नागरिक की राष्ट्रीयता और नेटवर्क की व्यापकता पर पारदर्शिता जाँच की विश्वसनीयता के लिए ज़रूरी होगी।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैप्टागन ड्रग क्या है और इसे 'जिहादी ड्रग' क्यों कहते हैं?
कैप्टागन फेनेथिलिन नामक एम्फेटामिन-आधारित मादक पदार्थ है, जो दर्द, भय और थकान की अनुभूति को कम करता है। मध्य पूर्व के युद्धग्रस्त क्षेत्रों में आतंकी संगठनों के लड़ाकों द्वारा इसके व्यापक उपयोग के कारण इसे कथित तौर पर 'जिहादी ड्रग' कहा जाता है।
ऑपरेशन रेजपिल क्या है?
ऑपरेशन रेजपिल NCB द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित एक अभियान है, जिसका उद्देश्य अवैध ड्रग तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करना है। इसी अभियान के तहत ₹182 करोड़ की कैप्टागन खेप जब्त की गई और एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया।
इस कार्रवाई में कितनी ड्रग जब्त हुई और कौन गिरफ्तार हुआ?
ऑपरेशन रेजपिल में ₹182 करोड़ मूल्य की कैप्टागन ड्रग जब्त की गई। साथ ही एक विदेशी नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया है, जिससे पूछताछ जारी है।
अमित शाह ने इस कार्रवाई पर क्या कहा?
गृह मंत्री अमित शाह ने NCB टीम को 'बहादुर और सतर्क योद्धा' बताया और कहा कि भारत से आने या यहाँ से बाहर भेजे जाने वाले हर एक ग्राम नशीले पदार्थ पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने इसे 'जीरो टॉलरेंस' नीति का उदाहरण बताया।
भारत में कैप्टागन ड्रग का क्या खतरा है?
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, कैप्टागन जैसी सिंथेटिक ड्रग्स युवाओं के लिए गंभीर स्वास्थ्य खतरा हैं और अंतरराष्ट्रीय आतंकी व अपराध नेटवर्क को वित्तीय बल देती हैं। यह बरामदगी दर्शाती है कि भारत को ट्रांजिट या गंतव्य के रूप में निशाना बनाया जा रहा है।
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