14 अगस्त 2026
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भगोड़े ड्रग तस्कर वीरेंद्र सिंह बसोया को यूएई से भारत लाया गया, NCB की बड़ी कार्रवाई

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भगोड़े ड्रग तस्कर वीरेंद्र सिंह बसोया को यूएई से भारत लाया गया, NCB की बड़ी कार्रवाई

सारांश

विदेश में बैठकर अरबों के ड्रग साम्राज्य को चलाने वाला वीरेंद्र सिंह बसोया अब भारतीय एजेंसियों की गिरफ्त में है। यूएई से उसकी वापसी NCB की अब तक की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है — और यह संकेत है कि सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति सिर्फ बयानबाजी नहीं है।

मुख्य बातें

NCB ने भगोड़े ड्रग तस्कर वीरेंद्र सिंह बसोया को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत वापस लाया।
बसोया नई दिल्ली के ₹5,600 करोड़ के ड्रग रैकेट का मास्टरमाइंड था; उसके विरुद्ध अक्टूबर 2025 में लुक आउट सर्कुलर जारी हुआ था।
महिपालपुर छापे में 562 किलोग्राम कोकीन और 40 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक मारिजुआना जब्त की गई थी।
2023 में पुणे में ₹3,000 करोड़ और 2024 में दिल्ली में ₹13,000 करोड़ के ड्रग मामलों में भी बसोया का नाम आया।
बसोया के बेटे ऋषभ बसोया के विरुद्ध नवंबर 2025 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी; वह अभी भी फरार है।
गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को 'जीरो टॉलरेंस' नीति का नया मील का पत्थर बताया।

गृह मंत्री अमित शाह ने 14 अगस्त 2026 को जानकारी दी कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के सरगना और भगोड़े वीरेंद्र सिंह बसोया को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से सफलतापूर्वक भारत वापस लाया है। यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के विरुद्ध सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'केंद्र सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों का लगातार पता लगा रही है और सख्त रवैया अपनाते हुए उनके पूरे नेटवर्क को खत्म कर रही है। नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए NCB ने ड्रग तस्करी के सरगना और भगोड़े वीरेंद्र सिंह बसोया को यूएई से वापस लाने में सफलता हासिल की है। हमारी एजेंसियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ड्रग तस्कर चाहे कहीं भी छिप जाएं, वे भारतीय कानून की पकड़ से बच नहीं सकते।'

बसोया के विरुद्ध अक्टूबर 2025 में लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था, जब नई दिल्ली में ₹5,600 करोड़ के ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था। वह विदेश में रहकर ड्रग्स का कारोबार संचालित कर रहा था।

बसोया से जुड़े प्रमुख मामले

दिल्ली पुलिस ने महिपालपुर में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 562 किलोग्राम कोकीन और 40 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक मारिजुआना जब्त की थी। जाँच में यह सामने आया कि यह खेप बसोया ने ही भिजवाई थी। इस मामले में बसोया के करीबी बताए जाने वाले तुषार गोयल को भी गिरफ्तार किया गया था।

इससे पहले 2023 में पुणे पुलिस ने ₹3,000 करोड़ की ड्रग्स जब्त की थी, उस मामले में भी बसोया का नाम सामने आया था। 2024 में नई दिल्ली में पकड़े गए ₹13,000 करोड़ के ड्रग्स मामले में बसोया के बेटे ऋषभ बसोया के विरुद्ध नवंबर 2025 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। ऋषभ दिल्ली के पिलनजी गांव का निवासी है।

ऋषभ बसोया का कनेक्शन

पुलिस जाँच में सामने आया कि पंजाब के अजनाला से गिरफ्तार एक आरोपी की एसयूवी वास्तव में ऋषभ बसोया की थी, जिसे उसने एक व्यक्ति 'जस्सी' को दी थी। इस खुलासे के बाद ऋषभ भी विदेश फरार हो गया। अधिकारियों के अनुसार, पिता-पुत्र दोनों मिलकर इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।

सरकार की प्रतिक्रिया

यह प्रत्यर्पण केंद्र सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत विदेशों में छिपे अपराधियों को भारतीय कानून के दायरे में लाया जा रहा है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब सरकार ड्रग तस्करी के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और व्यापक बना रही है और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग बढ़ा रही है।

आगे की कार्रवाई

वीरेंद्र बसोया के भारत आने के बाद NCB और दिल्ली पुलिस उससे विस्तृत पूछताछ करेगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचने में मदद मिलने की उम्मीद है। ऋषभ बसोया अभी भी फरार है और उसके विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस सक्रिय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि उससे मिली जानकारी के आधार पर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के कितने और सूत्र उजागर होते हैं। ₹5,600 करोड़, ₹3,000 करोड़ और ₹13,000 करोड़ — एक ही नाम से जुड़े ये आँकड़े बताते हैं कि यह नेटवर्क कितना व्यापक और संगठित था। ऋषभ बसोया अभी भी फरार है, जो दर्शाता है कि कार्रवाई अभी अधूरी है। सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि बसोया के प्रत्यर्पण के बाद पूरे नेटवर्क को तोड़ने में कितनी सफलता मिलती है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीरेंद्र सिंह बसोया कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
वीरेंद्र सिंह बसोया एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह का सरगना है, जो यूएई में रहकर भारत में ड्रग्स की खेप भिजवाता था। दिल्ली में ₹5,600 करोड़ के ड्रग रैकेट के भंडाफोड़ के बाद अक्टूबर 2025 में उसके विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था।
NCB ने बसोया को यूएई से कैसे वापस लाया?
NCB ने यूएई के साथ समन्वय करते हुए बसोया को भारत वापस लाया। गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, केंद्र सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों का लगातार पता लगाकर उन्हें भारतीय कानून के दायरे में लाने की कोशिश कर रही है।
बसोया पर कितने और कौन-से मामले दर्ज हैं?
बसोया का नाम 2023 में पुणे में ₹3,000 करोड़ की ड्रग जब्ती, 2024 में दिल्ली में ₹13,000 करोड़ के ड्रग मामले और महिपालपुर में 562 किलोग्राम कोकीन की बरामदगी से जुड़ा है। इन सभी मामलों में पुलिस जाँच में उसकी भूमिका सामने आई।
बसोया के बेटे ऋषभ बसोया पर क्या कार्रवाई हुई है?
ऋषभ बसोया के विरुद्ध नवंबर 2025 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है और वह अभी भी विदेश में फरार है। पुलिस जाँच में सामने आया था कि पंजाब के अजनाला में ड्रग्स से पकड़ी गई एसयूवी ऋषभ की थी।
इस प्रत्यर्पण का क्या महत्व है?
यह प्रत्यर्पण सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' ड्रग नीति की एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, क्योंकि बसोया वर्षों से विदेश में रहकर भारत में ड्रग नेटवर्क चला रहा था। उससे पूछताछ से अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचने में मदद मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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