इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट: ऋषभ बैसोया UAE से लौटते ही गिरफ्तार, तीस हजारी कोर्ट ने दी 7 दिन की रिमांड
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने 15 सितंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह के मामले में आरोपी ऋषभ बैसोया को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। लुकआउट सर्कुलर (LOC) रद्द होने के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत लौटते ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया। ऋषभ अक्टूबर 2024 से फरार चल रहा था।
अदालत में क्या हुआ
विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) कुलदीप नारायण ने मामले की सुनवाई की। दिल्ली पुलिस की ओर से विशेष लोक अभियोजक अखंड प्रताप सिंह पेश हुए और आरोपी से गहन पूछताछ के लिए 10 दिन की हिरासत की माँग रखी। अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद 7 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की और ऋषभ को स्पेशल सेल को सौंपने का आदेश दिया।
कौन है ऋषभ बैसोया और इस गिरोह की पृष्ठभूमि
ऋषभ इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट के कथित सरगना वीरेंद्र सिंह बैसोया उर्फ वीरू का बेटा है। वीरेंद्र दिल्ली के पिलानजी गाँव का रहने वाला है। जाँच एजेंसियों के अनुसार, वीरेंद्र को पहले UAE से प्रत्यर्पित किया गया था, जिसके बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने उसे गिरफ्तार किया और फिर 1 सितंबर को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लेकर 10 दिन तक पूछताछ की।
गौरतलब है कि 1 अक्टूबर 2024 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कार्रवाई में ₹13,000 करोड़ मूल्य की अवैध ड्रग्स जब्त की थीं — यह देश की सबसे बड़ी एकल ड्रग जब्त कार्रवाइयों में से एक मानी जाती है। उस जाँच में वीरेंद्र बैसोया का नाम प्राथमिक आपूर्तिकर्ता के रूप में सामने आया था, जो विदेश में रहकर भारत में खेप भेजने का काम करता था।
गिरोह का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
जाँच एजेंसियों के मुताबिक, इस गिरोह की जड़ें ब्रिटेन, पाकिस्तान, UAE, थाईलैंड और अन्य देशों तक फैली हुई हैं। वीरेंद्र बैसोया को इस पूरे नेटवर्क में विभिन्न कड़ियों को जोड़ने वाला केंद्रीय कारक बताया गया है। घरेलू स्तर पर यह गिरोह दिल्ली, पंजाब, मुंबई, हैदराबाद और गोवा तक फैले नेटवर्क का संचालन करता है।
जाँच में यह भी खुलासा हुआ है कि हवाला चैनलों और विदेशी बैंक खातों के ज़रिए हज़ारों करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को तेज़ करने की बात कह रही है।
आगे क्या होगा
ऋषभ बैसोया की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को उम्मीद है कि इस नेटवर्क की कई और कड़ियाँ सामने आएंगी। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में विदेशों में बैठे अन्य कथित आरोपियों की पहचान और उन तक जाँच पहुँचाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। 7 दिन की रिमांड समाप्त होने के बाद आरोपी को पुनः अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ जाँच की प्रगति के आधार पर अगले कदम तय होंगे।