मुंद्रा तट पर ICG-गुजरात ATS का संयुक्त ऑपरेशन: ₹1,150 करोड़ की 115 किलो कोकीन जब्त
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तटरक्षक बल (ICG) और गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने 25-26 मई 2026 की रात मुंद्रा तट के निकट एक खुफिया-आधारित संयुक्त अभियान में 115 किलोग्राम कोकीन बरामद की, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹1,150 करोड़ बताई जा रही है। अधिकारियों ने बुधवार, 27 मई को इस सफल कार्रवाई की जानकारी दी।
ऑपरेशन का घटनाक्रम
गुजरात ATS से प्राप्त महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी के आधार पर ICG की इंटरसेप्टर नौकाएँ — जिन पर ATS के जवान भी सवार थे — मुंद्रा एंकरेज क्षेत्र में तैनात की गईं। अभियान के दौरान मुंद्रा से लगभग पाँच नॉटिकल मील दूर लंगर डाले कंटेनर जहाज एमवी यूरोप पर संदिग्ध गतिविधियाँ देखी गईं — कुछ बैग जहाज से समुद्र में फेंके जाते हुए दिखे।
टीम तत्काल उस स्थान पर पहुँची और रात के अंधेरे में कम रोशनी तथा प्रतिकूल समुद्री परिस्थितियों के बावजूद समुद्र से पाँच बैग सफलतापूर्वक बरामद किए। बैगों में मिले सफेद पाउडर की जाँच में कोकीन होने की पुष्टि हुई।
जब्त माल का विवरण
कुल 115 पैकेट बरामद किए गए, जिनमें प्रत्येक का वज़न लगभग एक किलोग्राम था — इस प्रकार कुल जब्ती 115 किलोग्राम रही। खुले स्रोतों से मिले अनुमानों के अनुसार इस खेप की अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कीमत लगभग ₹1,150 करोड़ आँकी गई है।
जाँच की स्थिति
जहाज एमवी यूरोप को आगे की जाँच के लिए बंदरगाह पर लाया गया है। ICG, गुजरात ATS और अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा संयुक्त जाँच अभी जारी है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में किसी की गिरफ्तारी या विदेशी नागरिकों की संलिप्तता के बारे में आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
पिछले अभियानों का संदर्भ
गौरतलब है कि पिछले पाँच वर्षों में ICG और गुजरात ATS द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया यह पंद्रहवाँ सफल अभियान है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत के पश्चिमी समुद्री तट पर नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मुंद्रा बंदरगाह पहले भी बड़ी नशा-तस्करी की घटनाओं के केंद्र में रहा है, जो इस क्षेत्र में सतर्कता की अनिवार्यता को रेखांकित करता है।
समुद्री सुरक्षा पर असर
यह सफलता नशामुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में एजेंसियों के बीच बेहतर ऑपरेशनल समन्वय को दर्शाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि खुफिया-आधारित इंटरसेप्शन मॉडल — जहाँ एक एजेंसी सूचना देती है और दूसरी समुद्री क्षमता प्रदान करती है — तटीय नशा-तस्करी रोकने में सबसे प्रभावी साबित हो रहा है। जाँच के परिणाम आने के बाद इस खेप के स्रोत और आपूर्ति श्रृंखला पर और स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।