सूरत में डीआरआई ने 2 किलो कोकीन जब्त की, एक गिरफ्तार; पिछले महीने 26 किलो बरामद
सारांश
मुख्य बातें
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने शुक्रवार, 26 जून 2026 को सूरत में 2 किलो कोकीन जब्त करते हुए इसके अवैध व्यापार में संलिप्त एक व्यक्ति को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई उस दिन हुई जब दुनियाभर में अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति और अवैध तस्करी विरोधी दिवस मनाया जा रहा था।
व्यापक अभियान का हिस्सा
डीआरआई के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सूरत की यह जब्ती किसी अकेली कार्रवाई तक सीमित नहीं है। पिछले एक महीने में एजेंसी ने मुंबई, दिल्ली, जयपुर, पटना, कोचीन और अहमदाबाद के हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, कूरियर टर्मिनलों और राजमार्गों पर समन्वित छापेमारी के ज़रिए कुल मिलाकर लगभग 26 किलो कोकीन बरामद की है।
इन अभियानों में 14 विदेशी नागरिकों सहित कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए विदेशी नागरिकों की संख्या यह संकेत देती है कि तस्करी नेटवर्क में अंतर्राष्ट्रीय कड़ियाँ भी शामिल हैं।
तस्करी के तरीके
डीआरआई ने खुलासा किया कि प्रतिबंधित मादक पदार्थों की तस्करी के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे थे। इनमें प्रमुख हैं — बॉडी पैकिंग (दवा से भरी कैप्सूल या गोलियाँ निगलना), घरेलू और खाद्य पदार्थों में छिपाना, कपड़ों में भिगोकर छिपाना और सामान की दोहरी तली में रखना। अधिकारियों के अनुसार, ये तरीके लगातार बदल रहे हैं, जिससे पहचान और भी कठिन हो जाती है।
मुंबई हवाई अड्डे पर सोने की तस्करी का भंडाफोड़
नशीले पदार्थों की तस्करी के अलावा, डीआरआई ने मुंबई हवाई अड्डे पर सक्रिय एक अत्यधिक संगठित सोने की तस्करी गिरोह का भी पर्दाफाश किया। इस मामले में एक महिला हवाई अड्डा कर्मचारी सहित गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में कीमती धातु जब्त की गई।
बयान के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में हवाई अड्डे का एक कर्मचारी, उसका संचालक, तीन बिचौलिए, पिघलाने की सुविधा का संचालक और पिघलाने की प्रक्रिया में लगे तीन व्यक्ति शामिल हैं। डीआरआई का कहना है कि यह मामला हवाई अड्डों पर अंदरूनी संपर्कों के दुरुपयोग और बहुस्तरीय वितरण नेटवर्क की बढ़ती जटिलता को उजागर करता है।
नशा मुक्त भारत अभियान से जुड़ाव
डीआरआई ने स्पष्ट किया कि ये समन्वित अभियान केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत' के विजन को साकार करने की दिशा में उठाए गए ठोस कदम हैं। गौरतलब है कि 26 जून को प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति और अवैध तस्करी विरोधी दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने 1987 में स्थापित किया था। यह दिवस वैश्विक स्तर पर मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विनाशकारी प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अवैध तस्करी से निपटने के लिए समर्पित है।
आगे क्या
डीआरआई के अनुसार, एजेंसी मादक पदार्थों और मनोरोगी पदार्थों की तस्करी में लिप्त संगठित गिरोहों को लगातार निशाना बनाती रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि 14 विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी अंतर्राष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की जाँच के लिए नए द्वार खोल सकती है। आने वाले हफ्तों में इन मामलों में और खुलासे होने की संभावना है।