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कोलकाता के काराया इलाके में ₹10 लाख से अधिक की कोकीन बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार

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कोलकाता के काराया इलाके में ₹10 लाख से अधिक की कोकीन बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार

सारांश

कोलकाता के काराया इलाके में पुलिस की छापेमारी ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। डार्क वेब के ज़रिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं से जुड़ा यह गैंग रेव पार्टियों को कोकीन सप्लाई करता था। यह महीने की दूसरी बड़ी विदेशी ड्रग गिरफ्तारी है, जो कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय तस्करी मार्गों की बढ़ती सक्रियता को उजागर करती है।

मुख्य बातें

कोलकाता पुलिस ने 28 जुलाई 2026 को काराया के अहिरिपुकुर रोड पर छापा मारकर 104 ग्राम कोकीन बरामद की।
बरामद कोकीन की बाज़ार कीमत ₹10 लाख से अधिक बताई जा रही है।
गिरफ्तार तीन आरोपियों के नाम अज़हरुद्दीन खान , मोहम्मद अशफ़ाक और लटाफ़त खान हैं।
गैंग डार्क वेब के ज़रिए विदेशी तस्करों से संपर्क कर कूरियर द्वारा ड्रग्स मँगाता था।
इसी महीने STF ने भवानीपुर से बैंकॉक की दो महिलाओं को एक्स्टसी के साथ गिरफ्तार किया था।
20 जांच एजेंसियों की मासिक समन्वय बैठक लालबाजार में उसी दिन आयोजित हुई।

कोलकाता पुलिस ने 28 जुलाई 2026 को काराया इलाके की अहिरिपुकुर रोड पर छापा मारकर 104 ग्राम कोकीन बरामद की, जिसकी बाज़ार कीमत ₹10 लाख से अधिक बताई जा रही है। इस कार्रवाई में तीन कथित ड्रग तस्करों को मौके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क शहर के विभिन्न इलाकों में आयोजित होने वाली रेव पार्टियों को विदेशी नशीले पदार्थ सप्लाई करता था।

छापेमारी और बरामदगी का विवरण

कड़ेया पुलिस स्टेशन के अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि काराया के अहिरिपुकुर रोड पर विदेशी ड्रग तस्करों ने अपना ठिकाना बना रखा है। इस सूचना के आधार पर सोमवार को उस अड्डे पर छापा मारा गया।

छापेमारी में 104 ग्राम कोकीन बरामद हुई, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹10 लाख से अधिक है। पुलिस ने मौके से अज़हरुद्दीन खान, मोहम्मद अशफ़ाक और लटाफ़त खान को हिरासत में लिया।

डार्क वेब से जुड़ा तस्करी का नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गैंग डार्क वेब के माध्यम से विदेशी ड्रग आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क करता था। इसके बाद नशीले पदार्थों को कूरियर या कैरियर के ज़रिए कोलकाता पहुँचाया जाता था।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी कोकीन को छोटे-छोटे पैकेट में बाँटकर रेव पार्टियों तक पहुँचाते थे और इसे सीधे उपभोक्ताओं या एजेंटों के माध्यम से बेचते थे। कोकीन एक महँगी ड्रग है और कुछ ग्राम के लिए भी बड़ी रकम चुकानी पड़ती है।

कोलकाता में बढ़ती ड्रग तस्करी की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब इसी महीने की शुरुआत में कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर इलाके से बैंकॉक की दो महिलाओं को प्रतिबंधित ड्रग एक्स्टसी रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वे टूरिस्ट वीज़ा पर आई थीं, लेकिन जांच में पता चला कि उनका वास्तविक उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी करना था।

गौरतलब है कि कोलकाता में विदेशी ड्रग नेटवर्क की यह लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जो शहर में अंतरराष्ट्रीय तस्करी मार्गों की बढ़ती पैठ की ओर संकेत करती है।

20 एजेंसियों की समन्वय बैठक

इसी दिन लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय में ड्रग तस्करी रोकने के मुद्दे पर 20 जांच एजेंसियों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इसमें कोलकाता पुलिस कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), कस्टम्स विभाग, एक्साइज विभाग, डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में पिछले एक महीने में जब्त ड्रग्स और गिरफ्तारियों की समीक्षा की गई तथा एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा की गई। यह बैठक मासिक आधार पर आयोजित होती है।

आगे की जांच

पुलिस तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े एजेंटों तथा खरीदारों की तलाश जारी है। जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कोकीन की यह खेप एयरपोर्ट सुरक्षा जांच को कैसे पार कर कोलकाता पहुँची। इस मामले में आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो साइबर-सक्षम तस्करी के विरुद्ध मौजूदा खुफिया क्षमता की सीमाओं को उजागर करता है। 20 एजेंसियों की मासिक बैठक समन्वय का प्रयास दिखाती है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह साझेदारी वास्तविक समय की खुफिया कार्रवाई में बदल पाती है — या महज़ आँकड़ों की समीक्षा तक सिमटी रहती है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता के काराया इलाके में कितनी कोकीन बरामद हुई?
कड़ेया पुलिस ने काराया की अहिरिपुकुर रोड पर छापेमारी में 104 ग्राम कोकीन बरामद की, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹10 लाख से अधिक है। इस कार्रवाई में तीन कथित तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
कोलकाता ड्रग तस्करी मामले में किन्हें गिरफ्तार किया गया?
पुलिस ने अज़हरुद्दीन खान, मोहम्मद अशफ़ाक और लटाफ़त खान को मौके से गिरफ्तार किया। तीनों पर कोकीन को छोटे पैकेट में रेव पार्टियों तक पहुँचाने का आरोप है।
यह ड्रग नेटवर्क कैसे काम करता था?
जांच के अनुसार, गैंग के एजेंट डार्क वेब के ज़रिए विदेशी ड्रग आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क करते थे और नशीले पदार्थ कूरियर या कैरियर के माध्यम से कोलकाता मँगाए जाते थे। इसके बाद इन्हें रेव पार्टियों में सीधे उपभोक्ताओं या एजेंटों के ज़रिए बेचा जाता था।
क्या कोलकाता में इससे पहले भी विदेशी ड्रग तस्करी के मामले सामने आए हैं?
हाँ, इसी महीने की शुरुआत में कोलकाता पुलिस STF ने भवानीपुर इलाके से बैंकॉक की दो महिलाओं को एक्स्टसी ड्रग के साथ गिरफ्तार किया था। वे टूरिस्ट वीज़ा पर आई थीं और ड्रग्स तस्करी की योजना में थीं।
कोलकाता में ड्रग तस्करी रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
28 जुलाई को लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय में 20 जांच एजेंसियों की मासिक बैठक हुई, जिसमें NCB, कस्टम्स, एक्साइज, DRI और स्वास्थ्य विभाग शामिल थे। बैठक में जब्त ड्रग्स, गिरफ्तारियों की समीक्षा और खुफिया जानकारी साझा की गई।
राष्ट्र प्रेस
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