बिहार: अमित शाह ने सशस्त्र सीमा बल की आधारभूत संरचना परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया
सारांश
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अररिया, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। देश की सीमाओं की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़, सुव्यवस्थित और आधुनिक रूप देने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सशस्त्र सीमा बल की 52वीं वाहिनी, अररिया की बाह्य सीमा चौकी लेटी में 8.88 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित अत्याधुनिक भवन का औपचारिक उद्घाटन किया।
अपने संबोधन में गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश की सीमाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस सीमा चौकियां और वाहिनी मुख्यालय न केवल सुरक्षा को सशक्त बनाएंगे, बल्कि जवानों के जीवन स्तर, प्रशिक्षण और प्रशासनिक दक्षता को भी ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं से सीमा पर तैनात जवानों का मनोबल और अधिक मजबूत होगा, जिससे वे बेहतर संसाधनों के साथ राष्ट्र सेवा में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे। इस अवसर पर उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया और सीमावर्ती क्षेत्रों में हरित विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।
उद्घाटित भवन में आधुनिक आवासीय सुविधाओं के साथ सुव्यवस्थित कार्यालय कक्ष, संचार की उन्नत व्यवस्था, पेयजल और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है। इससे सीमा पर तैनात जवानों को बेहतर कार्यपरिस्थितियां मिलेंगी और उनकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति सुगमता से हो सकेगी।
कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल माध्यम से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया। 51वीं वाहिनी, सीतामढ़ी-II की बाह्य सीमा चौकी इंदरवा में 3.35 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित नए भवन का लोकार्पण किया गया। इस भवन में आवासीय कक्षों के साथ रसोई, भोजनालय, मनोरंजन कक्ष और शौचालय की उचित व्यवस्था की गई है, जिससे जवानों को बेहतर जीवन सुविधाएं मिलेंगी और उनका मनोबल बढ़ेगा।
इसके अतिरिक्त 52वीं वाहिनी मुख्यालय, अररिया में 73.42 करोड़ रुपए की लागत से प्रशासनिक भवन, 128 जवानों के लिए बैरक और विभिन्न प्रकार के आवासीय भवनों का शिलान्यास किया गया। यह परियोजना आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित की जाएगी, जिससे प्रशासनिक कार्यों की गति में वृद्धि होगी और जवानों एवं अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाएं मिलेंगी।
इसी क्रम में 51वीं वाहिनी मुख्यालय, सीतामढ़ी-II में 75.27 करोड़ रुपए की लागत से प्रशासनिक भवन, 128 जवानों के लिए बैरक और विभिन्न श्रेणी के आवासीय भवनों के निर्माण का भी शिलान्यास किया गया। यह परियोजना सीमावर्ती क्षेत्र में स्थायी और सुदृढ़ आधारभूत संरचना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
कटिहार में 8.52 करोड़ रुपए की लागत से पारगमन शिविर का निर्माण किया जाएगा। इस शिविर में प्रशासनिक भवन, अधिकारियों और अधीनस्थ अधिकारियों के लिए विश्राम गृह, और 20 जवानों के लिए बैरक का निर्माण होगा। इससे जवानों को आवागमन के दौरान सुरक्षित और सुविधाजनक रात्रि विश्राम की व्यवस्था मिलेगी, जो उनके कार्यक्षमता और मनोबल को और मजबूत करेगी।
इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने से सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा तंत्र और अधिक प्रभावी और सक्षम बनेगा। आधुनिक अधोसंरचना, उन्नत सुविधाएं और बेहतर कार्यपरिस्थितियों के माध्यम से सशस्त्र सीमा बल के जवान भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमाओं की सुरक्षा में और अधिक सजग, सक्षम और समर्पित होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे।