गृह मंत्री अमित शाह ने कटक में सीआईएसएफ के 57वें स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन किया
सारांश
Key Takeaways
- सीआईएसएफ की स्थापना 6 मार्च 1969 को हुई थी।
- गृह मंत्री अमित शाह ने औद्योगिक सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया।
- सीआईएसएफ ने अपने 56 वर्षों की यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
- सीआईएसएफ के बिना भारत के औद्योगिक विकास की कल्पना अधूरी है।
- सरकार ने बंदरगाहों की सुरक्षा भी सीआईएसएफ को सौंपने का निर्णय लिया है।
कटक, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कटक में आयोजित सीआईएसएफ के 57वें स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज 56 वर्षों का सफर पूरा करते हुए सीआईएसएफ ने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 57 केवल एक संख्या नहीं, बल्कि यह एक समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की यात्रा का प्रतीक है, जो औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में शून्य से शिखर तक के कठिन प्रयासों को दर्शाती है।
देश के आर्थिक ढांचे को मजबूत करने की कल्पना औद्योगिक विकास के बिना संभव नहीं है। औद्योगिक विकास को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर पर इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स की आवश्यकता है और मुझे गर्व है कि सीआईएसएफ ने अपने स्थापना के उद्देश्यों को पूरा किया है। इसके साथ ही, उन्होंने समय के साथ अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाने का प्रयास भी किया है। सीआईएसएफ ने आधुनिकता को अपनाया है और साथ ही अपनी परंपराओं को बनाए रखा है।
उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि सुरक्षा बलों का सम्मेलन आयोजित किया जाता है। देश की सीमाओं की रक्षा करने वालों को ऐसे अवसर मिलने चाहिए और देश के भीतर विभिन्न सुरक्षा भूमिकाओं में कार्यरत लोगों को भी ऐसा मंच मिलना चाहिए। मैं सीआईएसएफ की इस पहल को बधाई देना चाहता हूं। भारत के औद्योगिक विकास की कल्पना सीआईएसएफ के बिना अधूरी है। चाहे हवाई अड्डे हों, बंदरगाह हों या बड़ी औद्योगिक इकाइयां, सीआईएसएफ हमेशा राष्ट्र की सुरक्षा की ढाल बनकर खड़ी रही है।
गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि सभी बंदरगाहों की सुरक्षा भी सीआईएसएफ को सौंपकर हम इस मामले में निश्चिंत होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की जनता के सामने दो महत्वपूर्ण संकल्प रखे हैं: 2047 तक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनना और 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना। इस लक्ष्य को हासिल करने में सीआईएसएफ की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।