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जयपुर के स्पा सेंटरों पर FRRO की बड़ी कार्रवाई: 5 देशों की 9 विदेशी महिलाएं डिपोर्ट

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जयपुर के स्पा सेंटरों पर FRRO की बड़ी कार्रवाई: 5 देशों की 9 विदेशी महिलाएं डिपोर्ट

सारांश

जयपुर के स्पा सेंटरों में काम कर रहीं थाईलैंड, युगांडा, तंजानिया, नाइजीरिया और लाओस की 9 महिलाओं को FRRO ने वीज़ा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से रहने पर डिपोर्ट किया। राजस्थान में यह अब तक की सबसे बड़ी ऐसी कार्रवाई बताई जा रही है।

मुख्य बातें

FRRO और FRO ने 27 जुलाई 2026 को जयपुर के स्पा सेंटरों पर छापेमारी कर 9 विदेशी महिलाओं को डिपोर्ट किया।
डिपोर्ट की गई महिलाओं में थाईलैंड की 5, और युगांडा, तंजानिया, नाइजीरिया व लाओस की एक-एक महिला शामिल हैं।
सभी महिलाएं टूरिस्ट या शॉर्ट-टर्म वीज़ा पर आई थीं और वीज़ा समाप्त होने के बाद भी थेरेपिस्ट के रूप में कार्यरत थीं।
FRO धर्मेंद्र सागर ने मकान मालिकों और होटल संचालकों को सी-फॉर्म अनुपालन और पासपोर्ट सत्यापन के निर्देश दिए।
फॉरेनर्स एक्ट के तहत नियम न मानने वाले संचालकों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) और फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRO) ने 27 जुलाई 2026 को जयपुर के विभिन्न स्पा और वेलनेस सेंटरों पर छापेमारी करते हुए पाँच देशों की 9 विदेशी महिलाओं को डिपोर्ट किया, जो वीज़ा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से भारत में रह रही थीं। अधिकारियों के अनुसार, यह राजस्थान में अवैध प्रवासियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी एकल कार्रवाई है।

किन देशों की महिलाएं और क्या था मामला

FRRO अधिकारियों के अनुसार, डिपोर्ट की गई महिलाओं में थाईलैंड की 5, तथा युगांडा, तंजानिया, नाइजीरिया और लाओस की एक-एक महिला शामिल हैं। ये सभी टूरिस्ट या शॉर्ट-टर्म वीज़ा पर भारत आई थीं, लेकिन वैध दस्तावेज़ों के बिना जयपुर में रुकी रहीं। अधिकांश महिलाएं शहर के पॉश इलाकों में स्थित स्पा सेंटरों में थेरेपिस्ट के रूप में कार्यरत थीं।

ऑपरेशन कैसे हुआ

यह कार्रवाई इंटेलिजेंस इनपुट और स्थानीय पुलिस की सूचना के आधार पर की गई। FRRO टीमों ने शहर के कई स्पा सेंटरों में अचानक निरीक्षण किया और पासपोर्ट व वीज़ा दस्तावेज़ों की जाँच की। जाँच में पाया गया कि इन महिलाओं के वीज़े की अवधि समाप्त हो चुकी थी, जिसके बाद उन्हें तत्काल हिरासत में लेकर उनके-उनके देशों में वापस भेज दिया गया।

FRO की चेतावनी: मकान मालिकों और होटल संचालकों को निर्देश

फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन ऑफिसर धर्मेंद्र सागर ने ऑपरेशन के बाद मकान मालिकों, होटल संचालकों, गेस्ट हाउस और होमस्टे प्रदाताओं को स्पष्ट निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि किसी भी विदेशी नागरिक को ठहराने से पहले उनका मूल पासपोर्ट और वीज़ा अनिवार्य रूप से सत्यापित किया जाए। इसके अतिरिक्त, इमिग्रेशन विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन सी-फॉर्म के माध्यम से मेहमानों की जानकारी अपलोड करना अनिवार्य है।

सागर ने चेतावनी दी कि यदि कोई संचालक फॉरेनर्स एक्ट के तहत निर्धारित रिपोर्टिंग आवश्यकताओं का पालन किए बिना किसी विदेशी नागरिक को आश्रय देता पाया गया — विशेषकर एक्सपायर वीज़ा के साथ — तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

व्यापक अभियान का हिस्सा

अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन राजस्थान में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उन्हें वापस भेजने के लिए चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ी है। गौरतलब है कि वेलनेस और स्पा उद्योग में विदेशी कर्मियों की उपस्थिति पहले भी जाँच एजेंसियों के रडार पर रही है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों — विशेषकर स्पा, वेलनेस और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र — में इमिग्रेशन नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करना इस अभियान की प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में इस तरह की और कार्रवाइयाँ किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और वेलनेस उद्योग इसका सबसे सुविधाजनक माध्यम बनता जा रहा है। असली सवाल यह है कि स्पा संचालक इतने लंबे समय तक बिना सी-फॉर्म अनुपालन के कैसे चलते रहे — जो दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र में गंभीर खामियाँ हैं। डिपोर्टेशन एक त्वरित उपाय है, लेकिन जब तक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नियमित और पारदर्शी ऑडिट नहीं होगा, तब तक यह समस्या बार-बार उभरती रहेगी।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में FRRO ने किन महिलाओं को डिपोर्ट किया?
FRRO ने थाईलैंड की 5, और युगांडा, तंजानिया, नाइजीरिया व लाओस की एक-एक — कुल 9 विदेशी महिलाओं को 27 जुलाई 2026 को डिपोर्ट किया। ये सभी जयपुर के स्पा सेंटरों में थेरेपिस्ट के रूप में काम कर रही थीं और उनका वीज़ा समाप्त हो चुका था।
FRRO की यह कार्रवाई कैसे हुई?
इंटेलिजेंस इनपुट और स्थानीय पुलिस की सूचना के आधार पर FRRO टीमों ने जयपुर के कई स्पा सेंटरों में अचानक निरीक्षण किया। पासपोर्ट और वीज़ा दस्तावेज़ों की जाँच में पाया गया कि इन महिलाओं की वीज़ा अवधि समाप्त हो चुकी थी, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर डिपोर्ट किया गया।
होटल और मकान मालिकों के लिए क्या निर्देश जारी हुए हैं?
FRO धर्मेंद्र सागर ने निर्देश दिया है कि किसी भी विदेशी नागरिक को ठहराने से पहले उनका मूल पासपोर्ट और वीज़ा अनिवार्य रूप से सत्यापित करें और इमिग्रेशन पोर्टल पर ऑनलाइन सी-फॉर्म के ज़रिए जानकारी अपलोड करें। नियम न मानने पर फॉरेनर्स एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
क्या यह राजस्थान में पहली ऐसी कार्रवाई है?
अधिकारियों के अनुसार, यह राजस्थान में अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी एकल कार्रवाई है। यह ऑपरेशन राज्य में चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसका उद्देश्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में इमिग्रेशन नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करना है।
सी-फॉर्म न भरने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
फॉरेनर्स एक्ट के तहत, यदि कोई संचालक अनिवार्य सी-फॉर्म दाखिल किए बिना किसी विदेशी नागरिक को ठहराता है या एक्सपायर वीज़ा वाले व्यक्ति को आश्रय देता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। FRO ने स्पष्ट किया है कि इस नियम का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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