22 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली पुलिस के 'ऑपरेशन विस्टा' में 18 अवैध विदेशी नागरिक गिरफ्तार, निर्वासन प्रक्रिया शुरू

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली पुलिस के 'ऑपरेशन विस्टा' में 18 अवैध विदेशी नागरिक गिरफ्तार, निर्वासन प्रक्रिया शुरू

सारांश

दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन विस्टा महज़ एक रूटीन जाँच नहीं — यह राष्ट्रीय राजधानी में अवैध प्रवास पर केंद्रित एक सुनियोजित अभियान है। 5 देशों के 18 नागरिकों की एक साथ गिरफ्तारी और तत्काल निर्वासन प्रक्रिया यह संकेत देती है कि आव्रजन कानूनों का प्रवर्तन अब पहले से कहीं अधिक सक्रिय हो चला है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 22 अगस्त 2026 को ऑपरेशन विस्टा के तहत आउटर जिले में 18 अवैध विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया।
पकड़े गए नागरिकों में 9 थाई , 4 नाइजीरियाई , 3 बांग्लादेशी , 1 युगांडा और 1 गिनी के नागरिक शामिल हैं।
तीन बांग्लादेशी नागरिकों — शिहाब संजिद , मोहम्मद अरमान मियां और मेहदी हसन रब्बी — को पीरागढ़ी चौक के पास गोपनीय निगरानी के बाद पकड़ा गया।
अभियान का नेतृत्व इंस्पेक्टर सुंदर सिंह ने किया; पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह के मार्गदर्शन में संचालित।
सभी 18 के खिलाफ FRRO और आव्रजन अधिकारियों के सहयोग से निर्वासन प्रक्रिया शुरू।

दिल्ली पुलिस ने 22 अगस्त 2026 को ऑपरेशन विस्टा के तहत आउटर जिले में चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान में 18 विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया, जो वीज़ा और यात्रा दस्तावेज़ों की वैधता समाप्त होने के बावजूद भारत में अवैध रूप से रह रहे थे। विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) और आव्रजन अधिकारियों के सहयोग से इन सभी के निर्वासन की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी गई है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, पकड़े गए 18 विदेशी नागरिकों में 9 थाईलैंड के नागरिक, 4 नाइजीरियाई नागरिक, 3 बांग्लादेशी नागरिक, 1 युगांडा का नागरिक और 1 गिनी का नागरिक शामिल हैं। दस्तावेज़ों की गहन जाँच में पाया गया कि इन सभी के पासपोर्ट और वीज़ा की अवधि समाप्त हो चुकी थी।

यह अभियान आउटर जिले के फॉरेनर सेल द्वारा स्थानीय पुलिस थानों — पश्चिम विहार ईस्ट थाना और निहाल विहार थाना — के सहयोग से संचालित किया गया। अभियान का नेतृत्व फॉरेनर सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर सुंदर सिंह ने किया और यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।

पीरागढ़ी में गोपनीय निगरानी और गिरफ्तारी

एक विशेष सूचना के आधार पर पुलिस टीम पीरागढ़ी चौक और डीडीए पार्क के आसपास पहुँची, जहाँ यह जानकारी मिली थी कि कुछ बांग्लादेशी नागरिक वीज़ा समाप्त होने के बाद भी क्षेत्र में रह रहे हैं और जल्द ही स्थान बदलने की योजना बना रहे हैं। पुलिस की मौजूदगी भाँपकर संदिग्ध वहाँ से निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन टीम ने उन्हें दबोच लिया।

पूछताछ में इनकी पहचान शिहाब संजिद, मोहम्मद अरमान मियां और मेहदी हसन रब्बी के रूप में हुई — तीनों बांग्लादेश के निवासी। इनमें से कोई भी वैध पहचान पत्र या यात्रा दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं कर सका। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों को हिरासत में लेकर निर्वासन की कार्रवाई शुरू की गई।

ऑपरेशन विस्टा की कार्यप्रणाली

इस अभियान के अंतर्गत पुलिस टीमें लगातार सत्यापन अभियान चला रही हैं, खुफिया जानकारी जुटा रही हैं और बिना वैध दस्तावेज़ों के रह रहे लोगों की पहचान कर रही हैं। अभियान का उद्देश्य अवैध प्रवासियों की पहचान करना, अनधिकृत रूप से रह रहे लोगों पर रोक लगाना और आव्रजन कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।

विशेष टीम में हेड कांस्टेबल उमेद, रविंदर और आशीष; कांस्टेबल रोहित और सुमेर; तथा महिला कांस्टेबल रेणु शामिल थीं। यह ऑपरेशन फॉरेनर सेल और स्थानीय थानों के बीच समन्वित प्रयास का उदाहरण है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी 18 विदेशी नागरिकों के खिलाफ FRRO और संबंधित आव्रजन अधिकारियों के साथ मिलकर कानून के अनुसार निर्वासन की प्रक्रिया जारी है। गौरतलब है कि यह अभियान राष्ट्रीय राजधानी में अवैध प्रवास पर नकेल कसने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। ऑपरेशन विस्टा के तहत सत्यापन और निगरानी का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

सवाल यह उठता है कि ये लोग वीज़ा समाप्ति के बाद महीनों या वर्षों तक बिना पकड़े कैसे रहे — यह नियमित सत्यापन तंत्र की कमज़ोरी को उजागर करता है। निर्वासन की प्रक्रिया शुरू होना सकारात्मक कदम है, लेकिन बिना मज़बूत रियल-टाइम ट्रैकिंग प्रणाली के ऐसे अभियान दीर्घकालिक समाधान नहीं बन सकते।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन विस्टा क्या है?
ऑपरेशन विस्टा दिल्ली पुलिस के आउटर जिले के फॉरेनर सेल द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य वीज़ा और यात्रा दस्तावेज़ों की अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान, सत्यापन और निर्वासन करना है। यह अभियान स्थानीय थानों और FRRO के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
22 अगस्त 2026 को कितने और किन देशों के नागरिक पकड़े गए?
22 अगस्त 2026 को कुल 18 विदेशी नागरिक हिरासत में लिए गए — 9 थाईलैंड, 4 नाइजीरिया, 3 बांग्लादेश, 1 युगांडा और 1 गिनी के। सभी के पासपोर्ट और वीज़ा की अवधि समाप्त पाई गई।
पकड़े गए विदेशी नागरिकों के खिलाफ क्या कार्रवाई हो रही है?
सभी 18 विदेशी नागरिकों के खिलाफ FRRO और संबंधित आव्रजन अधिकारियों के सहयोग से निर्वासन (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भारत में निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रुकने के आरोप में उनके विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।
बांग्लादेशी नागरिकों को कहाँ से और कैसे पकड़ा गया?
गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम पीरागढ़ी चौक और डीडीए पार्क के पास पहुँची, जहाँ तीन बांग्लादेशी नागरिक — शिहाब संजिद, मोहम्मद अरमान मियां और मेहदी हसन रब्बी — वहाँ से भागने की कोशिश करते हुए पकड़े गए। जाँच में इनके पास कोई वैध दस्तावेज़ नहीं मिले।
ऑपरेशन विस्टा का नेतृत्व किसने किया?
अभियान का नेतृत्व आउटर जिले के फॉरेनर सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर सुंदर सिंह ने किया और यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। विशेष टीम में हेड कांस्टेबल और महिला कांस्टेबल सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले