क्या दिल्ली पुलिस ने 2025 में 548 अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान की, जिनमें सबसे ज्यादा बांग्लादेशी थे?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली आउटर डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने 2025 में अवैध रूप से निवास कर रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया। इस मुहिम के दौरान 548 विदेशी नागरिकों का पता लगाया गया, जो बिना वैध वीजा या दस्तावेजों के यहां निवास कर रहे थे।
इन सभी को गिरफ्तार कर विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें देश से निकाले जाने का आदेश मिला और डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया।
यह कार्यवाही डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) आउटर डिस्ट्रिक्ट सचिन शर्मा के नेतृत्व में की गई। पुलिस की विभिन्न इकाइयों और पुलिस स्टेशनों की विशेष टीमों ने मिलकर यह कार्रवाई की। सबसे अधिक मामलों में फॉरेनर्स सेल ने 318 विदेशियों की पहचान की। इसके बाद निहाल विहार पुलिस स्टेशन ने 134, मुंडका ने 87, रनहोला ने 5, रानी बाग ने 1, पश्चिम विहार ईस्ट ने 1 और साइबर पुलिस स्टेशन ने 2 विदेशियों को पकड़ा। ये टीमें पूरे वर्ष सक्रिय रहीं और अवैध निवासियों का पता लगाने के लिए क्षेत्र में छापेमारी करती रहीं।
गिरफ्तार किए गए लोगों में विभिन्न देशों के नागरिक शामिल थे। इनमें सबसे अधिक संख्या बांग्लादेश के नागरिकों की थी, जिनकी संख्या 380 रही। इसके अतिरिक्त, नाइजीरिया के 111 नागरिक पकड़े गए, आइवरी कोस्ट के 17, घाना के 13, सेनेगल और कैमरून के 10-10, नाइजर के 2 तथा लाइबेरिया, रूस, गिनी, सिएरा लियोन और गाम्बिया के एक-एक नागरिक पकड़े गए। ये सभी लोग लंबे समय से बिना वैध दस्तावेजों के आउटर डिस्ट्रिक्ट के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे थे। कई तो वीजा समाप्त होने के बाद भी यहां रुके हुए थे।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई जिले को सुरक्षित और अनधिकृत प्रवास से मुक्त रखने की निरंतर प्रयास का हिस्सा थी। अवैध विदेशियों की उपस्थिति से कानून-व्यवस्था पर असर पड़ता है, इसलिए ऐसे अभियानों की आवश्यकता है। गिरफ्तारी के बाद सभी को कानूनी प्रक्रिया के तहत एफआरआरओ के समक्ष पेश किया गया। वहां से डिपोर्टेशन के आदेश मिलने पर उन्हें डिटेंशन सेंटर भेजा गया, जहां से आगे की कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली में अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। आउटर डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने इस अभियान से कानून का सख्ती से पालन करने का संदेश दिया है। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में भी ऐसे अभियान चलते रहेंगे, ताकि कोई अनधिकृत व्यक्ति जिले में न रह सके।