दिल्ली पुलिस की उत्तरी जिले में बड़ी कार्रवाई: 13 विदेशी नागरिक अवैध आव्रजन के आरोप में पकड़े गए
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने उत्तरी जिले में चलाए गए दो अलग-अलग सत्यापन अभियानों के दौरान 13 विदेशी नागरिकों को चिह्नित किया, जिन पर आव्रजन कानूनों के उल्लंघन का आरोप है। 7 सितंबर और 16 सितंबर 2026 को संचालित इन अभियानों में नाइजीरिया, घाना, आइवरी कोस्ट, युगांडा और कैमरून के नागरिक पाए गए, जो कथित तौर पर समाप्त वीजा पर या बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे।
पहला अभियान: बुराड़ी में तीन नागरिक हिरासत में
7 सितंबर को बुराड़ी पुलिस स्टेशन के क्षेत्र में की गई व्यवस्थित तलाशी के दौरान दो टीमों ने समन्वित जाँच की। पहली टीम का पर्यवेक्षण एसीपी/बुराड़ी शशि कांत गौर ने किया और नेतृत्व इंस्पेक्टर गिरीश चंद्र रतूड़ी, एसएचओ, बुराड़ी ने किया। दूसरी टीम एसीपी/ऑपरेशन/उत्तर विशेष धत्तरवाल की देखरेख में काम कर रही थी, जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर रोहित सारस्वत और एसआई प्रदीप कटोच ने किया।
बुराड़ी की बाबा कॉलोनी में तीन नाइजीरियाई नागरिक — विक्ट्री इसिमाह, गॉडस्पॉवर इकेचुकु और अलीउ सिसे — मिले। सत्यापन में पाया गया कि विक्ट्री इसिमाह का वीजा समाप्त हो चुका था, जबकि शेष दोनों वैध पहचान दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहे।
तीनों को बुराड़ी पुलिस स्टेशन में आवश्यक कार्रवाई के बाद दिल्ली स्थित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के समक्ष पेश किया गया। 7 सितंबर को जारी तीन अलग प्रतिबंध आदेशों के तहत उनकी आवाजाही सेवा सदन, लांपुर, नरेला तक सीमित कर दी गई और उन्हें वहाँ स्थित प्रतिबंध केंद्र को सौंप दिया गया।
दूसरा अभियान: 16 सितंबर को संयुक्त टीम की कार्रवाई
16 सितंबर की सुबह उत्तरी जिला पुलिस के स्पेशल स्टाफ, फॉरेन सेल और एंटी-नारकोटिक्स सेल की संयुक्त टीम ने बुराड़ी के चंदन विहार, प्रगति एन्क्लेव और मौर्य एन्क्लेव में चिह्नित परिसरों पर छापेमारी की। यह अभियान विदेशी नागरिकों के अनधिकृत प्रवास और निर्धारित समय से अधिक रहने के संबंध में मिली विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था।
अभियान में घाना, नाइजीरिया, आइवरी कोस्ट, युगांडा और कैमरून के 10 विदेशी नागरिक चिह्नित स्थानों पर मिले। पुलिस ने उनके पासपोर्ट, वीजा और आव्रजन स्थिति की गहन जाँच की। सत्यापन में सामने आया कि इनमें से चार नागरिक समाप्त वीजा पर भारत में ठहरे हुए थे, जबकि दो अन्य वैध पासपोर्ट या वीजा दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे।
आव्रजन उल्लंघन: क्या है कानूनी स्थिति
भारत में वीजा अवधि समाप्त होने के बाद रहना या बिना वैध दस्तावेजों के निवास करना विदेशी अधिनियम, 1946 के तहत दंडनीय अपराध है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे अभियान आव्रजन नियंत्रण के लिए आवश्यक हैं, लेकिन इन्हें नियमित और व्यापक स्तर पर संचालित किए जाने की आवश्यकता है। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस पिछले कुछ वर्षों से विदेशी नागरिकों की स्थिति सत्यापित करने के लिए समय-समय पर ऐसे अभियान चलाती रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार ने आव्रजन कानूनों के सख्त अनुपालन पर ज़ोर दिया है। उत्तरी दिल्ली के कुछ क्षेत्र पहले भी अनधिकृत विदेशी निवास के मामलों में सुर्खियों में रहे हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, उल्लंघन पाए गए सभी विदेशी नागरिकों के विरुद्ध संबंधित पुलिस स्टेशनों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें एफआरआरओ के समक्ष पेश किया जाएगा। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस प्रकार के सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेंगे, और अन्य जिलों में भी इसी तर्ज पर कार्रवाई की जाएगी।