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दिल्ली पुलिस ने 6 अवैध विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया, FRRO के ज़रिए निर्वासन शुरू

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दिल्ली पुलिस ने 6 अवैध विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया, FRRO के ज़रिए निर्वासन शुरू

सारांश

दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक सेल ने एक NDPS मामले की जाँच के दौरान 6 अफ्रीकी नागरिकों को पकड़ा, जो वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत में रह रहे थे। FRRO के ज़रिए निर्वासन की प्रक्रिया शुरू — नारकोटिक्स जाँच और आव्रजन प्रवर्तन का यह संयोग दिल्ली पुलिस की दोहरी निगरानी रणनीति को उजागर करता है।

मुख्य बातें

दक्षिण-पश्चिम जिले की एंटी-नारकोटिक सेल ने 31 मई 2026 को 6 विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया।
हिरासत में लिए गए नागरिकों ने खुद को नाइजीरिया और आइवरी कोस्ट का बताया; वे पर्यटन व व्यावसायिक वीजा पर भारत आए थे।
इमिग्रेशन विभाग के सत्यापन में पुष्टि हुई कि सभी की वीजा अवधि समाप्त हो चुकी थी और उनके पास कोई वैध दस्तावेज़ नहीं था।
कार्रवाई वसंत कुंज नॉर्थ थाने में दर्ज NDPS अधिनियम मामले की जाँच के दौरान हुई।
अभियान का नेतृत्व इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह ने किया; एसीपी संगमित्रा की निगरानी में टीम गठित थी।
FRRO, नई दिल्ली के माध्यम से निर्वासन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

नई दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले की एंटी-नारकोटिक सेल ने 31 मई 2026 को 6 विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया, जो वैध वीजा दस्तावेज़ों के बिना भारत में अवैध रूप से रह रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी कर विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO), नई दिल्ली के माध्यम से इन नागरिकों के निर्वासन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह कार्रवाई वसंत कुंज नॉर्थ थाने में दर्ज NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस) अधिनियम के एक मामले की जाँच के दौरान सामने आई। जाँच के क्रम में ये 6 विदेशी नागरिक पुलिस के संदेह के दायरे में आए, जिसके बाद एंटी-नारकोटिक सेल ने उनके दस्तावेज़ों की गहन जाँच शुरू की।

गौरतलब है कि यह अभियान एक नारकोटिक्स मामले की जाँच से उपजा था — न कि किसी स्वतंत्र आव्रजन अभियान से — जो दर्शाता है कि अवैध प्रवास और मादक पदार्थ नेटवर्क के बीच संभावित संपर्क की जाँच भी एजेंसियों के रडार पर है।

विशेष टीम और अभियान का संचालन

इस अभियान के लिए एंटी-नारकोटिक सेल, दक्षिण-पश्चिम जिले के प्रभारी इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में और एसीपी (ऑपरेशंस) संगमित्रा की निगरानी में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम को जिले में विदेशी नागरिकों की मौजूदगी संबंधी विशेष सूचना मिली थी, जिसके आधार पर पूछताछ की गई और पहचान एवं आव्रजन से जुड़े दस्तावेज़ माँगे गए।

हिरासत में लिए गए नागरिकों का दावा

पुलिस के अनुसार, इन लोगों ने शुरुआत में खुद को नाइजीरिया और आइवरी कोस्ट का नागरिक बताया। उन्होंने दावा किया कि वे भारत में पर्यटन और व्यावसायिक वीजा पर आए थे और उनके वीजा दस्तावेज़ सुरक्षित रखने के लिए संबंधित दूतावासों में जमा हैं।

हालाँकि, इमिग्रेशन विभाग से सत्यापन में पता चला कि सभी 6 व्यक्ति निर्धारित वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत में रह रहे थे। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस के बयान के अनुसार, "उन्होंने स्वीकार किया कि वे भारत में अवैध रूप से रह रहे थे।"

निर्वासन प्रक्रिया और कानूनी कदम

विस्तृत जाँच और सत्यापन के बाद सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ पूरी कर ली गई हैं। FRRO, नई दिल्ली के माध्यम से इन सभी नागरिकों को उनके मूल देश वापस भेजने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।

दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने और आव्रजन कानूनों को लागू करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पुलिस के अनुसार, "इस तरह की सक्रिय कार्रवाई से सार्वजनिक सुरक्षा मजबूत होती है और दिल्ली पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ता है।"

आगे की स्थिति

FRRO प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन नागरिकों को औपचारिक रूप से निर्वासित किया जाएगा। यह मामला उस व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें दिल्ली पुलिस की विशेष इकाइयाँ नारकोटिक्स जाँच के समानांतर आव्रजन उल्लंघनों की भी पड़ताल कर रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी उत्पत्ति NDPS जाँच से होना एक महत्वपूर्ण संकेत है — दिल्ली पुलिस अब नारकोटिक्स नेटवर्क और अवैध प्रवास के बीच की कड़ी को सक्रिय रूप से खंगाल रही है। हालाँकि, स्रोत में इन दोनों के बीच कोई सिद्ध संबंध स्थापित नहीं किया गया है, इसलिए यह अनुमान सावधानी से लेना चाहिए। असली सवाल यह है कि क्या FRRO के पास इतनी क्षमता और गति है कि निर्वासन प्रक्रिया वास्तव में समय पर पूरी हो सके — क्योंकि अतीत में ऐसे मामले लंबे समय तक लंबित रहे हैं।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने किन विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया?
दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक सेल ने 6 विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया, जिन्होंने खुद को नाइजीरिया और आइवरी कोस्ट का नागरिक बताया। ये सभी वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत में रह रहे थे।
यह कार्रवाई किस मामले की जाँच के दौरान हुई?
यह कार्रवाई वसंत कुंज नॉर्थ थाने में दर्ज NDPS (मादक पदार्थ) अधिनियम के एक मामले की जाँच के दौरान हुई। जाँच में ये 6 व्यक्ति संदेह के दायरे में आए, जिसके बाद उनके दस्तावेज़ों की जाँच की गई।
निर्वासन की प्रक्रिया कैसे शुरू हुई?
इमिग्रेशन विभाग से सत्यापन के बाद सभी कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी कर FRRO (विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय), नई दिल्ली के माध्यम से इन नागरिकों के निर्वासन की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इस अभियान का नेतृत्व किसने किया?
अभियान का नेतृत्व एंटी-नारकोटिक सेल, दक्षिण-पश्चिम जिले के प्रभारी इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह ने किया। एसीपी (ऑपरेशंस) संगमित्रा की निगरानी में विशेष टीम गठित की गई थी।
क्या इन विदेशी नागरिकों के पास कोई वैध वीजा था?
नहीं। इमिग्रेशन विभाग के सत्यापन में पुष्टि हुई कि सभी 6 व्यक्तियों की वीजा अवधि समाप्त हो चुकी थी और उनके पास कोई वैध वीजा दस्तावेज़ नहीं था। उन्होंने स्वयं स्वीकार किया कि वे भारत में अवैध रूप से रह रहे थे।
राष्ट्र प्रेस
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