गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, वाराणसी में BJP का जश्न
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कैबिनेट ने 15 जुलाई 2026 को वाराणसी में गंगा नदी के किनारे प्रस्तावित छह लेन के गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को औपचारिक मंजूरी दे दी। इस घोषणा के बाद सिगरा स्थित गुलाब बाग भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने मिठाइयाँ बाँटकर उत्साह जताया। BJP नेताओं ने इस परियोजना को काशी के बुनियादी ढाँचे की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
परियोजना का स्वरूप और लक्ष्य
यह अत्याधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर गंगा के उस पार स्थित रामनगर क्षेत्र को बीएचयू, हरहुआ और शहर के अन्य प्रमुख मार्गों से जोड़ेगा। इसके तहत श्रद्धालु अपने वाहन नदी के उस पार पार्क कर पैदल काशी विश्वनाथ धाम तक पहुँच सकेंगे, जिससे शहर के भीतरी हिस्सों पर यातायात का दबाव उल्लेखनीय रूप से घटने की उम्मीद है। रोपवे जैसी अन्य आधुनिक परियोजनाओं के साथ मिलकर यह कॉरिडोर वाराणसी की कनेक्टिविटी को नया आयाम देगा।
नेताओं की प्रतिक्रिया
विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में काशी का अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोतरी देखी गई है। उन्होंने कहा कि यह नया कॉरिडोर भविष्य की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
वाराणसी के मेयर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने काशी को लगभग ₹25,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात देकर शहर के भविष्य को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि गंगा-वरुणा कॉरिडोर और रोपवे जैसी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बड़ी संख्या में लोग गंगा के दूसरे छोर से शहर में प्रवेश करेंगे, जिससे जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी।
निर्मला सिंह पटेल ने इस परियोजना को ₹25,000 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात बताते हुए कहा कि यह वाराणसी को देश के सबसे आधुनिक धार्मिक और सांस्कृतिक शहरों में शामिल करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।
आम नागरिकों और विशेषज्ञों की राय
काशी निवासी रूपश्री सेनगुप्ता ने कहा कि यह परियोजना शहर के लिए बड़ी सौगात है और इससे काशीवासियों को सुविधा मिलेगी तथा व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। सौरभ चटर्जी ने कहा कि इससे शहर तक पहुँचना आसान होगा और बड़े वाहनों की आवाजाही बेहतर तरीके से हो सकेगी। एडवोकेट विवेक सिंह ने कहा कि इससे दूरी और समय दोनों कम हो जाएँगे।
पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. रजनीकांत ने कहा कि यह परियोजना केवल काशी के लोगों तक सीमित नहीं है — काशी के विकास की गूंज पूरी दुनिया के कोने-कोने में सुनाई देती है।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था पर असर
वाराणसी की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार पर्यटन है। मेयर तिवारी के अनुसार, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, बनारसी साड़ी, स्थानीय बाज़ार और अन्य व्यापारिक गतिविधियों को सीधा लाभ मिलता है। रामनगर क्षेत्र में होटल, पेइंग गेस्ट हाउस और पर्यटन सुविधाओं के विकास से स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
आगे की राह
यह परियोजना वाराणसी में पहले से चल रही काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, रोपवे और रिंग रोड जैसी अवसंरचना परियोजनाओं की श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है। गौरतलब है कि 2014 के बाद से वाराणसी में बड़े पैमाने पर शहरी पुनर्निर्माण कार्य चल रहे हैं। कॉरिडोर के निर्माण की समयसीमा और विस्तृत तकनीकी ब्यौरा अभी सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से घोषित नहीं किया गया है।